फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   The wait is over today' farmers will sow paddy

आज धान की पौध के लिए बिजाई में जुटेंगे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 May 2021 02:49 AM IST
विज्ञापन
The wait is over today' farmers will sow paddy
धान की बिजाई के लिए सरकार की ओर से निर्धारित तिथि 15 मई आने से किसानों में खुशी है। अगले सीजन के काम की जोरशोर से तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अधिकतर किसानों ने बिजाई की तैयारियां कर ली हैं और कुछ किसान किस्मों के चयन व कृषि कार्ययोजना पर मंथन कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि पानी व लेबर की समस्या को देखते हुए धान की सीधी बिजाई कर लें तो बेहतर रहेगा। जिन किसानों को रोपाई करवानी है वे बीज के उपचार के बाद ही उसकी बिजाई करें ताकि बकानी रोग की समस्या न हो। बीजोपचार करने से फसल में बीज जनित बीमारियां नहीं आएंगी। विदित हो कि पिछले साल बकानी रोग ने किसानों को बहुत नुकसान पहुंचाया था।
विज्ञापन

कैसे करें बीजोपचार
रोपाई विधि में चार से पांच किलो बीज प्रति एकड़ व डीएसआर विधि में आठ किलो बीज प्रति एकड़ लगता है। पांच किलो बीज उपचार के लिए पांच ग्राम कार्बेन्डाजिम के साथ एक ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लीन को दस लीटर पानी में घोल बनाकर 24 घंटे तक बीज को उसमें डुबोकर रखें। रोपाई विधि के लिए बिजाई करनी है तो बीज का पहले अंकुरण होने दें। उसे छाया में रखकर भीगी बोरी से ढांप दें। डीएसआर विधि के लिए भी बीज उपचार के बाद बोरी बिछाकर बिजाई से एक घंटे पहले छाया में डालें। इससे बीज आपस में नहीं चिपकेंगे। फिर मशीन से उसकी बिजाई कर दें।
विज्ञापन

डीएसआर में समय से खरपतवार नियंत्रण जरूरी
धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को चार आवश्यक बातों पर ध्यान देना है। बुआई से एक सप्ताह पूर्व एक बार खेत में पानी दें। इससे शुरुआती खरपतवार पानी देने से उग जाते हैं। उन्हें उगाकर नष्ट कर देना है। उसके बाद खेत की जुताई करके सीधी बिजाई कर दें। बुआई के 24 घंटे के भीतर धान के अंकुरण से पूर्व पैंडिमैथलीन30 सीसी (स्टोम्प) 1.5 लीटर खरपतवारनाशक को 150 लीटर पानी में घोलकर खेत में स्प्रे करें। बिजाई के 25 दिन बाद सोडियम बिस्पायरीबैक (नोमिनी गोल्ड) 100 एमएल व पायराजोसल्परोन इथाइल 80 से 100 ग्राम को 150 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ स्प्रे करें। उस समय खेत में नमी हो व मौसम साफ हो। ---- डा. एसके ककरालिया, अनुसंधान वैज्ञानिक, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में हर साल धान का रकबा अमूमन 1.70 लाख हेक्टेयर तक रहता है। 15 मई से किसान धान की नर्सरी के लिए बिजाई कर सकते हैं और 15 जून से रोपाई होगी। खरीफ सीजन में डीएपी व यूरिया खाद का पूरा स्टॉक है। खाद की कोई कमी नहीं। --- डा. आदित्य प्रताप डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग करनाल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed