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Karnal News: 15 लाख के जुर्माने का डर दिखा किसान से पांच लाख की रिश्वत मांग रहा था वन दरोगा
Sun, 12 Apr 2026 02:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 12 Apr 2026 02:07 AM IST
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वन दरोगा चांद वीर सिंह। फाइल
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया वन दरोगा चांदवीर सिंह किसान सरताज पर 15 दिन से दबाव बना रहा था। दो पेड़ काटे जाने की शिकायत की जांच के दौरान उसने 15 लाख रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाने की धमकी दी। असंध के रहने वाले सरताज का कहना है कि दरोगा बार-बार डर दिखा रहा था कि अगर जुर्माना नहीं भरा तो जेल की हवा खानी पड़ेगी। उसने पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
संगीन धाराओं का केस बनाने की उसकी धमकियों से जब वह बुरी तरह खौफजदा हो गए और कुछ भी करके जेल न जाने का उपाय पूछने लगे तो दस दिन पहले उसने रिश्वत देकर बचने का रास्ता बताया। बोला, पांच लाख रुपये का इंतजाम कर लो। उसने आश्वासन दिया कि चुपचाप पूरा मामला रफा-दफा कर देगा और किसी को कानों-कान खबर भी नहीं लगने देगा।
सरताज का कहना है कि चांदवीर खाकी वर्दी पहनकर ही आता था और कहता था कि कानून ने दरोगा को बड़ी ताकत दे रखी है। उसके लिखे को कोई अफसर भी काट नहीं सकता है। वन संपदा कानून की धाराएं सुनाते हुए कहता था कि इनमें जमानत होना बहुत ही मुश्किल होता है। अपनी ताकत दिखाने के लिए वह जेसीबी लेकर आया और जींद रोड पर उनके फार्म हाउस का पूरा रास्ता खुदवा दिया। मुख्य सड़क से फार्म हाउस तक के इसी रास्ते पर पेड़ काटे जाने की शिकायत पर वह जांच करने के लिए पहुंचा था।
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सरताज ने बताया कि वह उससे लगातार कहते रहे कि पांच लाख रुपये बहुत ज्यादा हैं। इतनी रकम का इंतजाम नहीं हो पाएगा। इस पर पांच दिन पहले उसने रियायत देते हुए कहा कि डेढ़ लाख का इंतजाम कर लो लेकिन इसमें समय नहीं लगना चाहिए। सरताज ने इस पर सहमति जता दी। चांदवीर से कहा कि रकम का इंतजाम होते ही उसे कॉल करेंगे।
प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ली रिश्वत
वन दरोगा चांदवीर सिंह की धमकियों और लगातार दबाव बनाए जाने से आजिज आ सरताज ने भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) से शिकायत कर दी। एसीबी के अधिकारियों ने कहा कि दरोगा से बातचीत जारी रखें। दरोगा ने शुक्रवार को उन्हें डेढ़ लाख रुपये लेकर प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में बुलाया। सरताज से मिली जानकारी पर एसीबी ने यहां जाल बिछा दिया। जैसे ही चांदवीर सिंह ने सरताज से रिश्वत की रकम ली, वैसे ही एसीबी ने घेर लिया। नोटों की गड्डियों पर एसीबी ने पहले ही फिनोफ्थलीन पाउडर लगा रखा। नोटों से यह दरोगा के हाथों पर लग गया। उसके हाथ धुलवाए गए तो फिनोफ्थलीन की वजह से पानी रंगीन हो गया।
वर्जन
वन दरोगा चांदवीर सिंह की धमकियों से आजिज आकर किसान सरताज ने शिकायत की थी। एसीबी ने चांदवीर सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ लिया। इसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसे शनिवार को कोर्ट के सामने पेश किया गया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। - सुलतान, निरीक्षक, एसीबी
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करनाल। रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया वन दरोगा चांदवीर सिंह किसान सरताज पर 15 दिन से दबाव बना रहा था। दो पेड़ काटे जाने की शिकायत की जांच के दौरान उसने 15 लाख रुपये का भारी भरकम जुर्माना लगाने की धमकी दी। असंध के रहने वाले सरताज का कहना है कि दरोगा बार-बार डर दिखा रहा था कि अगर जुर्माना नहीं भरा तो जेल की हवा खानी पड़ेगी। उसने पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
संगीन धाराओं का केस बनाने की उसकी धमकियों से जब वह बुरी तरह खौफजदा हो गए और कुछ भी करके जेल न जाने का उपाय पूछने लगे तो दस दिन पहले उसने रिश्वत देकर बचने का रास्ता बताया। बोला, पांच लाख रुपये का इंतजाम कर लो। उसने आश्वासन दिया कि चुपचाप पूरा मामला रफा-दफा कर देगा और किसी को कानों-कान खबर भी नहीं लगने देगा।
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सरताज का कहना है कि चांदवीर खाकी वर्दी पहनकर ही आता था और कहता था कि कानून ने दरोगा को बड़ी ताकत दे रखी है। उसके लिखे को कोई अफसर भी काट नहीं सकता है। वन संपदा कानून की धाराएं सुनाते हुए कहता था कि इनमें जमानत होना बहुत ही मुश्किल होता है। अपनी ताकत दिखाने के लिए वह जेसीबी लेकर आया और जींद रोड पर उनके फार्म हाउस का पूरा रास्ता खुदवा दिया। मुख्य सड़क से फार्म हाउस तक के इसी रास्ते पर पेड़ काटे जाने की शिकायत पर वह जांच करने के लिए पहुंचा था।
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सरताज ने बताया कि वह उससे लगातार कहते रहे कि पांच लाख रुपये बहुत ज्यादा हैं। इतनी रकम का इंतजाम नहीं हो पाएगा। इस पर पांच दिन पहले उसने रियायत देते हुए कहा कि डेढ़ लाख का इंतजाम कर लो लेकिन इसमें समय नहीं लगना चाहिए। सरताज ने इस पर सहमति जता दी। चांदवीर से कहा कि रकम का इंतजाम होते ही उसे कॉल करेंगे।
प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में ली रिश्वत
वन दरोगा चांदवीर सिंह की धमकियों और लगातार दबाव बनाए जाने से आजिज आ सरताज ने भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) से शिकायत कर दी। एसीबी के अधिकारियों ने कहा कि दरोगा से बातचीत जारी रखें। दरोगा ने शुक्रवार को उन्हें डेढ़ लाख रुपये लेकर प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में बुलाया। सरताज से मिली जानकारी पर एसीबी ने यहां जाल बिछा दिया। जैसे ही चांदवीर सिंह ने सरताज से रिश्वत की रकम ली, वैसे ही एसीबी ने घेर लिया। नोटों की गड्डियों पर एसीबी ने पहले ही फिनोफ्थलीन पाउडर लगा रखा। नोटों से यह दरोगा के हाथों पर लग गया। उसके हाथ धुलवाए गए तो फिनोफ्थलीन की वजह से पानी रंगीन हो गया।
वर्जन
वन दरोगा चांदवीर सिंह की धमकियों से आजिज आकर किसान सरताज ने शिकायत की थी। एसीबी ने चांदवीर सिंह को रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ लिया। इसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसे शनिवार को कोर्ट के सामने पेश किया गया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। - सुलतान, निरीक्षक, एसीबी