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Karnal News: अदालतों पर लगातार बढ़ता जा रहा मुकदमों का बोझ
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जितेंद्र नरवाल
करनाल। जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समय 74, 720 मामलों की सुनवाई चल रही है। इसकी वजह यह है कि जिस गति से नए केस दर्ज हो रहे हैं, निस्तारण की रफ्तार उतनी तेज नहीं है। पिछले महीने 3,752 नए मामले कोर्ट पहुंचे। इस दौरान 3,334 केस का ही निस्तारण हो सका।
इस तरह लंबित मुकदमों की संख्या 400 और बढ़ गई। निस्तारित किए गए मामलों में 1,031 सिविल और 2,303 आपराधिक थे। नए केस में 1,026 के और 2,726 आपराधिक आए। नेशनल ज्यूडिशियरी डाटा ग्रिड वेबसाइट पर मुकदमों का विवरण दर्ज किया जाता है। वेबसाइट से पता चलता है कि लंबित मामलों में 110 ऐसे हैं जिनमें इंसाफ का इंतजार दस साल से ज्यादा समय से चल रहा है। इनमें 59 केस सिविल, 51 आपराधिक हैं। एक साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों की संख्या 46,540 है, जो कुल लंबित मामलों का 62.29 प्रतिशत है।
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करनाल। जिला एवं सत्र न्यायालय में लंबित मुकदमों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस समय 74, 720 मामलों की सुनवाई चल रही है। इसकी वजह यह है कि जिस गति से नए केस दर्ज हो रहे हैं, निस्तारण की रफ्तार उतनी तेज नहीं है। पिछले महीने 3,752 नए मामले कोर्ट पहुंचे। इस दौरान 3,334 केस का ही निस्तारण हो सका।
इस तरह लंबित मुकदमों की संख्या 400 और बढ़ गई। निस्तारित किए गए मामलों में 1,031 सिविल और 2,303 आपराधिक थे। नए केस में 1,026 के और 2,726 आपराधिक आए। नेशनल ज्यूडिशियरी डाटा ग्रिड वेबसाइट पर मुकदमों का विवरण दर्ज किया जाता है। वेबसाइट से पता चलता है कि लंबित मामलों में 110 ऐसे हैं जिनमें इंसाफ का इंतजार दस साल से ज्यादा समय से चल रहा है। इनमें 59 केस सिविल, 51 आपराधिक हैं। एक साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों की संख्या 46,540 है, जो कुल लंबित मामलों का 62.29 प्रतिशत है।
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