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वार्ता रही विफल, करनाल में महापंचायत आज, लघु सचिवालय भी घेरेंगे किसान

Tue, 07 Sep 2021 02:14 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 07 Sep 2021 02:14 AM IST
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Talks failed, Mahapanchayat in Karnal today, farmers will also surround the small secretariat
वार्ता रही विफल, करनाल में महापंचायत आज, लघु सचिवालय भी घेरेंगे किसान
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40 कंपनियों ने संभाला मोर्चा, इंटरनेट सेवाएं बंद और रूट डायवर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल/चंडीगढ़। मुजफ्फरनगर के बाद किसान मंगलवार को करनाल में महापंचायत करेंगे। लघु सचिवालय का बेमियादी घेराव भी किया जाएगा। सोमवार को किसान प्रतिनिधियों के साथ वार्ता विफल होने के बाद प्रशासन और सरकार भी सतर्क हो गए हैं। शहर में पुलिस और अर्ध सैन्य बल की 40 कंपनियां तैनात कर दी गईं हैं। गृह विभाग के सचिव ने हालात के मद्देनजर दूरसंचार सेवाओं के अस्थायी निलंबन का आदेश जारी किया है। करनाल और आसपास के क्षेत्रों में सोमवार दोपहर 12:30 बजे से मंगलवार रात 11:59 तक इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। दिल्ली-चंडीगढ़, चंडीगढ़-दिल्ली रूट डायवर्ट कर दिया गया है। आईजी करनाल और करनाल रेंज के सभी एसपी को कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। हिंसा रोकने पर विशेष ध्यान रहेगा। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने मंगलवार को होने वाली परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
टकराव की स्थिति
किसानों ने करनाल अनाज मंडी में महापंचायत के बाद सचिवालय के बेमियादी घेराव की चेतावनी दी है। मुजफ्फरनगर में पांच सितंबर को महापंचायत में जुटी भीड़ से उत्साहित किसान नेताओं की करनाल में शक्ति प्रदर्शन करने की तैयारी है। उधर, करनाल के जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव और एसपी गंगाराम पूनिया ने कहा कि किसान संगठनों की मांग जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में सचिवालय का घेराव और हाईवे जाम नहीं करने देंगे। ड्रोन से निगरानी की जाएगी। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा में सीआरपीएफ, बीएसएफ और आरपीएफ सहित कुल 40 कंपनियां तैनात की गईं हैं। साथ ही छह आईपीएस और 25 डीएसपी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। डीजीपी पीके अग्रवाल ने भी तैयारियों की समीक्षा करते हुए किसानों से शांति बनाए रखने की अपील की।
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ये हैं किसानों की मांग
28 अगस्त को भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक का विरोध करने के लिए बसताड़ा टोल पर जमा किसानों पर लाठीचार्ज हुआ था। लाठीचार्ज में जख्मी एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद परिजनों के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की जा रही है। घायलों के लिए भी दो-दो लाख रुपये दिए जाने की भी मांग है। लाठीचार्ज के लिए दोषी अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर भी किसान अड़े हैं।
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किसान अपनी बात पर अडिग : चढ़ूनी
प्रशासन और सरकार ने मांगें नहीं मानीं, जिससे किसान अपनी बात पर अडिग हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किसान अनाज मंडी में महापंचायत के बाद शांतिपूर्वक तरीके से लघु सचिवालय का घेराव करेंगे। हम राष्ट्रीय राजमार्ग जाम नहीं करेंगे और न ही कोई किसान पुलिस से जबरदस्ती करेगा।

- गुरनाम सिंह चढ़ूनी, प्रदेशाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन।
कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत और कैथल में भी इंटरनेट बंद
-सीआईडी को मिली उपद्रव की सूचना पर लिया गया निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। करनाल में किसानों की महापंचायत में उपद्रव की आशंका को देखते हुए सरकार ने कुरुक्षेत्र, जींद, पानीपत और कैथल में भी 7 सितंबर रात 11: 59 बजे तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने का निर्णय लिया है। सीआईडी के एडीजीपी ने सरकार को बताया है कि किसानों के प्रदर्शन के दौरान करनाल व आसपास के जिलों में स्थिति बिगड़ सकती है, इसलिए विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है।
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