फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Saliva will now tell if an animal is in heat.

Karnal News: अब लार से पता लगेगी पशु के हीट में आने की स्थिति

Mon, 27 Oct 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Mon, 27 Oct 2025 01:07 AM IST
विज्ञापन
Saliva will now tell if an animal is in heat.
देव शर्मा
विज्ञापन

करनाल। पशु प्रजनन प्रक्रिया के सरलीकरण की दिशा में राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) करनाल ने एक और कदम आगे बढ़ाते हुए कलर सोल्यूशन तकनीक से लार आधारित परीक्षण प्रणाली विकसित की है। इसके माध्यम से पशु पालक चंद मिनट में बिना पशु को कष्ट पहुंचाए उसके हीट (गर्मी) में होने का पता लग जाएगा। ये सुनिश्चित हो जाएगा कि पशु गर्भाधान के लिए तैयार है। इस तकनीक को प्रदर्शित कर दिया गया है, शीघ्र एनडीआरआई इसे किसी कंपनी को हस्तांतरित करेगा, इसके बाद ये पशुपालकों तक पहुंच जाएगी।
कभी खानपान तो कभी मौसम में बदलाव के कारण अक्सर गाय या भैंस जैसे पशु गर्भाधान से वंचित रह जाते हैं, जिसका सीधा नुकसान पशुपालक को होता है। गर्भाधान से पूर्व पशु हीट में है नहीं, आमतौर पर इसकी पहचान दो तरह से होती है। पहला तो पशु रंभाना शुरू कर देता है, दूसरा मूत्र के बाद चिपचिपा पदार्थ निकलता देखकर पशु पालक समझ जाता है कि पशु गर्मी में है लेकिन अक्सर ये चिपचिपा पदार्थ पशु के बैठने के कारण देख नहीं पाता और रंभाता भी नहीं है, ऐसी स्थिति में पशु के गर्भ धारण का समय निकल जाता है। इसके बाद तीसरी प्रक्रिया ये है कि पशु चिकित्सक पशु के गर्भाशय में हाथ डालकर जांचते हैं, जो काफी दर्दभरी प्रक्रिया होती है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) में पिछले दिनों लगी एक प्रदर्शनी कलर सोल्यूशन लॉरवेस्ड टेक्नोलॉजी प्रदर्शित की गई। जिसे एनडीआरआई के प्रधान वैज्ञानिक (पशु जीव रसायन) डॉ. सुनील कुमार ओंटेरू व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रुबीना कुमारी बैठालू ने विकसित किया है। डॉ. रूबीना बैठालू ने बताया कि ये तकनीक सबसे सरल प्रक्रिया है। इसमें एक कलर सोल्यूशन विकसित किया गया है, जिसमें पशु की लार की बूंद डालते ही यदि रंग लाल हो जाता है, तो ये सुनिश्चित होता है कि पशु हीट में नहीं है लेकिन यदि रंग सफेद (रंगहीन) हो जाता है तो ये तय हो जाता है कि पशु हीट में है। इससे पशु को कोई परेशानी नहीं होती है, पशु पालक को आसानी से पशु के हीट में होने या न होने की जानकारी हो जाती है। इसके बाद पशु गर्भाधान कराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
गर्भधारण के बाद की जानकारी के लिए तो पहले ही एनडीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. सुदर्शन कुमार व छात्रा मान्या माथुर आदि ने एक पेपर स्टि्रप तैयार कर ली है, जो तत्काल बता देती है कि पशु गर्भधारण कर चुका है या नहीं, लेकिन अब कलर सोल्यूशन लॉरवेस्ड टेक्नोलॉजी विकसित होने से गर्भधारण से पहले की प्रक्रिया भी बेहद आसान हो सकेगी। समय पर जानकारी हो जाने के कारण हर साल समय पर पशु गर्भाधान हो सकेगा, जिसका सीधा लाभ पशुपालक को होगा। दुग्ध की पैदावार भी बढ़ेगी।
- डॉ. रूबीना कुमारी बैठालू, वरिष्ठ वैज्ञानिक, एनडीआरआई, करनाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed