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ठेकेदारों ने उतारे लाउडस्पीकर, बिना धुन के निकल गई डोर टू डोर गाड़ी
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नगर निगम करनाल के अधीन सफाई करने वाले ठेकेदारों का ठेका 31 जुलाई को पूरा हो गया। ठेकेदारों ने गाड़ियों पर लगे लाउडस्पीकरों को ठेका खत्म होते ही उतार लिया। इससे पहली अगस्त को सफाई व्यवस्था के तहत घरों से पूरा कचरा इकट्ठा नहीं हो पाया। क्योंकि लोगों को निगम की गाड़ी के आने का पता नहीं चला।
शहर के लोगों का कहना है कि पहली तारीख को निगम की जो गाड़ी आकर चली गई, पर हमें इसका पता नहीं चला क्योंकि आज गाड़ी से कोई स्वच्छता की कोई धुन नहीं बजाई गई। वहीं दूसरी तरफ पे-रोल पर किए जाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई। रक्षा बंधन के त्योहार के बाद ही प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। तब तक शहर के लोगों को बिन धुन वाली गाड़ी के लिए गेट पर खड़े होकर इंतजार करना होगा।
पता नहीं, गाड़ी आई या नहीं
सेक्टर-13 वासी शांति ने बताया कि रोजाना पांच मिनट पहले उन्हें गाड़ी पर चलने वाले स्वच्छता गाना सुन जाता था। गाड़ी के आने के समय पर वे कचरे के डिब्बे को लेकर बाहर निकल आते। आज उन्हें पता हीं नहीं कि गाड़ी आई या नहीं।
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पड़ोसियों ने दी सूचना
सेक्टर-6 निवासी सुनीता ने बताया कि उनके पड़ोसियों ने उन्हें कचरे की गाड़ी आने की सूचना दी। इससे आज गाड़ी पर कोई गाना नहीं बज रहा था। खुद के घर का कचरा डालने के बाद दूसरे पड़ोसियों को बताया और साथ में किराएदार को भी इसकी सूचना दी।
पे-रोल के लिए 16 महीने काम जरूरी
प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार कांट्रेक्ट्स के तहत कार्यरत उन सफाई कर्मियों को पे रोल पर लिया जाएगा, जिन्होंने 24 मई 2018 से 6 सितंबर 2019 तक रेगुलर कार्य किया है। ऐसे में नगर निगम के पास अपने खुद के रेगुलर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त होने पर अपने स्तर पर शहर की सफाई कराने की जिम्मेदारी है।
इन संसाधनों को और खरीदेगा निगम
नगर निगम की सफाई व्यवस्था को अपडेट करने के लिए नगर निगम के सफाई बेड़े में 50 ट्रैक्टर, 50 ट्रॉली, 5 जेसीबी और 18 ट्रैक्टर लोडर शामिल किए जाएंगे।
एक हजार कर्मियों का होना जरूरी
अगर पे रोल पर आने वाले कर्मचारियों की संख्या एक हजार के निकट पहुंचती है तो फिर नगर निगम अपने स्तर पर शहर की सफाई व्यवस्था को मेनटेन रखने में कामयाब होगा, परंतु यदि कर्मचारियों की संख्या कम रहती है तो फिर शहर के कुछ एरिया में सफाई कार्य को ठेके पर देने की संभावना रहेगी।
हर माह सफाई कार्य पर खर्च हो रहे 2 करोड़
नगर निगम ने शहर की सफाई को मेनटेन रखने के लिए शहर को चार जोन में बांटकर सफाई कार्य के ठेके दिए हुए हैं। चार अलग-अलग फर्मों ने काम ले रखा है। इस पर हर माह दो कराड़ रुपये खर्च होते हैं।
नगर निगम के अभी अपने ये हैं संसाधन
नगर निगम के पास वर्तमान में 48 टिपर, 6 डंपर पलेसर, और 4 रिफ्यूज कंपेक्टर हैं। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की बात करें तो 179 रेगुलर और 176 कर्मचारी पालिका रोल पर है।
अगस्त से निगम द्वारा खुद की सफाई व्यवस्था की जानी है। रेगुलर कर्मियों से सफाई का काम थामा गया है। पे-रोल के कर्मी मिलने के बाद ही उचित व्यवस्था हो पाएगी। तब तक शहर के लोगों से सहयोग की उम्मीद है।
-महाबीर सोढ़ी, चीफ सेनेटरी अधिकारी।
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शहर के लोगों का कहना है कि पहली तारीख को निगम की जो गाड़ी आकर चली गई, पर हमें इसका पता नहीं चला क्योंकि आज गाड़ी से कोई स्वच्छता की कोई धुन नहीं बजाई गई। वहीं दूसरी तरफ पे-रोल पर किए जाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो पाई। रक्षा बंधन के त्योहार के बाद ही प्रक्रिया पूरी हो पाएगी। तब तक शहर के लोगों को बिन धुन वाली गाड़ी के लिए गेट पर खड़े होकर इंतजार करना होगा।
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पता नहीं, गाड़ी आई या नहीं
सेक्टर-13 वासी शांति ने बताया कि रोजाना पांच मिनट पहले उन्हें गाड़ी पर चलने वाले स्वच्छता गाना सुन जाता था। गाड़ी के आने के समय पर वे कचरे के डिब्बे को लेकर बाहर निकल आते। आज उन्हें पता हीं नहीं कि गाड़ी आई या नहीं।
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पड़ोसियों ने दी सूचना
सेक्टर-6 निवासी सुनीता ने बताया कि उनके पड़ोसियों ने उन्हें कचरे की गाड़ी आने की सूचना दी। इससे आज गाड़ी पर कोई गाना नहीं बज रहा था। खुद के घर का कचरा डालने के बाद दूसरे पड़ोसियों को बताया और साथ में किराएदार को भी इसकी सूचना दी।
पे-रोल के लिए 16 महीने काम जरूरी
प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार कांट्रेक्ट्स के तहत कार्यरत उन सफाई कर्मियों को पे रोल पर लिया जाएगा, जिन्होंने 24 मई 2018 से 6 सितंबर 2019 तक रेगुलर कार्य किया है। ऐसे में नगर निगम के पास अपने खुद के रेगुलर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त होने पर अपने स्तर पर शहर की सफाई कराने की जिम्मेदारी है।
इन संसाधनों को और खरीदेगा निगम
नगर निगम की सफाई व्यवस्था को अपडेट करने के लिए नगर निगम के सफाई बेड़े में 50 ट्रैक्टर, 50 ट्रॉली, 5 जेसीबी और 18 ट्रैक्टर लोडर शामिल किए जाएंगे।
एक हजार कर्मियों का होना जरूरी
अगर पे रोल पर आने वाले कर्मचारियों की संख्या एक हजार के निकट पहुंचती है तो फिर नगर निगम अपने स्तर पर शहर की सफाई व्यवस्था को मेनटेन रखने में कामयाब होगा, परंतु यदि कर्मचारियों की संख्या कम रहती है तो फिर शहर के कुछ एरिया में सफाई कार्य को ठेके पर देने की संभावना रहेगी।
हर माह सफाई कार्य पर खर्च हो रहे 2 करोड़
नगर निगम ने शहर की सफाई को मेनटेन रखने के लिए शहर को चार जोन में बांटकर सफाई कार्य के ठेके दिए हुए हैं। चार अलग-अलग फर्मों ने काम ले रखा है। इस पर हर माह दो कराड़ रुपये खर्च होते हैं।
नगर निगम के अभी अपने ये हैं संसाधन
नगर निगम के पास वर्तमान में 48 टिपर, 6 डंपर पलेसर, और 4 रिफ्यूज कंपेक्टर हैं। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की बात करें तो 179 रेगुलर और 176 कर्मचारी पालिका रोल पर है।
अगस्त से निगम द्वारा खुद की सफाई व्यवस्था की जानी है। रेगुलर कर्मियों से सफाई का काम थामा गया है। पे-रोल के कर्मी मिलने के बाद ही उचित व्यवस्था हो पाएगी। तब तक शहर के लोगों से सहयोग की उम्मीद है।
-महाबीर सोढ़ी, चीफ सेनेटरी अधिकारी।