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Karnal News: राशन में कटौती, मिड-डे मील बना चुनौती

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 09 Sep 2023 02:34 AM IST
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Ration cut, mid-day meal a challenge
गगन तलवार
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करनाल। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने मिड-डे मील में नई चीजें शामिल करते हुए विद्यार्थियों को तरह-तरह के व्यंजन रोजाना खिलाने की योजना बनाई है, लेकिन इस दौरान रेसिपी और मात्रा तय करते समय किसी हलवाई या शेफ की सलाह लेना विभाग भूल गया है। ऐसे में जो मात्रा और रेसिपी तय करके स्कूलों को भेजी गई है, उसमें मीठा दलिया और हलवा बिना घी, गुड़ और चीनी के तैयार करना पड़ेगा। यदि सभी बच्चों को पूड़ी और सब्जी खिलानी है तो नाम मात्र तेल में तैयार करना चुनौती से कम नहीं है।
विभाग की ओर से तय की गई मात्रा और रेसिपी के कारण स्कूल और मिड-डे मील प्रबंधन चिंता में हैं कि वे इतनी कम मात्रा में कैसे खाना तैयार कराएंगे। जबकि विभाग के निर्देश पर अब नई रेसिपी और मात्रा के अनुसार ही व्यंजन तैयार करने हैं। अमर उजाला संवाददाता ने जब करनाल के ईश्वर हलवाई से इस संदर्भ में बात की तो विभाग की ओर से तय की गई मात्रा में व्यंजन तैयार होना मुश्किल होगा।
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उदाहरण के तौर पर 100 बच्चों के स्कूल में पूड़ी और सब्जी तैयार करने के लिए विभाग 09 किलो आटा, 01 किलो सोया आटा, 05 किलो सब्जी, 01 किलो चना और 500 ग्राम तेल दे रहा है। यह प्रति बच्चे के हिसाब से दी गई मात्रा के अनुसार तय किया गया है। जबकि एक हलवाई के अनुसार, नौ किलो आटे की पूड़ी तैयार करने, चार किलो सब्जी बनाने में दो किलो तेल या रिफाइंड अलग से चाहिए।
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महज 500 ग्राम तेल में तो एक किलो आटे की पूरी ही बनाई जा सकती है। इधर, मिड डे मील वर्कर यूनियन और स्कूल प्रबंधकों ने रेसिपी और मात्रा पर विभाग को दोबारा विचार करने की मांग की है। जिले में 95000 विद्यार्थियों को मिड-डे मील परोसा जाता है।

विभाग और हलवाई की मात्रा में समझें अंतर
1. वेज पुलाव काले चने के साथ

- विभाग दे रहा : 10 किलो चावल, एक किलो सोया चूरा, एक किलो चने, 5 किलो सब्जी, 500 ग्राम तेल
- हलवाई का अनुमान : 10 किलो चावल के साथ तीन किलो छोले और दो किलो तेल चाहिए।

2. राजमा-चावल
- विभाग दे रहा : 10 किलो चावल, 1.5 किलो राजमा, 5 किलो सब्जी (प्याज, टमाटर आदि), 500 ग्राम तेल।

- हलवाई का अनुमान : 10 किलो चावल के साथ कम से कम तीन किलो राजमा और पकाने के लिए दो किलो तेल चाहिए।
3. हलवा और काले चने

- विभाग दे रहा : 10 किलो आटा/सूजी, 2 किलो चने, 1 किलो चीनी और 500 ग्राम रिफाइंड/तेल
- हलवाई का अनुमान : 10 किलो सूजी या आटे के हलवे के लिए 10 किलो घी और 15 किलो चीनी और 11 किलो चने की जरूरत।

4. मीठा दलिया

- विभाग दे रहा : 10 किलो दलिया, 500 ग्राम मिल्क पाउडर, दो किलो गुड़, 500 ग्राम ऑयल।
- हलवाई का अनुमान : तीन किलो दलिया, चार किलो गुड, दो किलो ऑयल।
5. सोया पूरी और सब्जी सफेद चना व आलू
- विभाग दे रहा : 9 किलो आटा, 1 किलो सोया आटा, 5 किलो सब्जी, 1 किलो चने, 500 ग्राम तेल।
- हलवाई का अनुमान : नौ किलो आटे की पूरी तैयार करने में चार किलो तेल चाहिए। सब्जी के लिए दो किलो अलग से ऑयल लगेगा।
6. बेसन का पूरा
- विभाग दे रहा : 8 किलो बेसन, दो किलो सूजी, 2.5 किलो दही, 5 किलो सब्जी, 500 ग्राम तेल।
- हलवाई का अनुमान : 8 किलो बेसन के पूरे के लिए कम से कम तीन किलो तेल चाहिए।
(यह एस्टीमेट 100 बच्चों के हिसाब से लिया गया है। )
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जिला स्तरीय मिड-डे मील की निगरानी समिति के सदस्य एवं राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व महासचिव दीपक गोस्वामी का कहना है कि विभाग ने बिना सोचे समझे रेसिपी में मात्रा तय कर दी। किसी व्यंजन को तैयार करने में जितनी मात्रा तय की गई है, उतने में बनाना मुश्किल है। मिड डे मील कर्मी या किसी अच्छे हलवाई से विभाग को रेसिपी में मात्रा तैयार करानी चाहिए थी और मिड डे मील बच्चों की पसंद के अनुसार बनना चाहिए। जितनी मात्रा तय हुई है, उसमें बच्चों का पोषण होना मुश्किल है।


नई रेसिपी के अनुसार ही मिड-डे मील बनाने के निर्देश मिले हैं। नई रेसिपी स्कूलों के साथ साझा कर दी है। खाद्य सामग्री भी हरहित स्टोर से खरीदने की हिदायत है। व्यंजन की रेसिपी और मात्रा विभाग की ओर से तय की गई है। - सदानंद वत्स, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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