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Karnal News: शहर में बारिश, अन्य जगह सूखा12 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उपनिदेशक (कृषि) की ओर से खाद विक्रेताओं की दुकानों की जांच कराई गई, जिसमें मानकों में कमी मिलने पर 12 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इससे पहले दो लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान जिले में करीब 5.30 लाख एकड़ में विभिन्न फसलों की खेती की जाती है, जिसमें लगभग 4.50 लाख एकड़ में धान की फसल, 42 हजार एकड़ में गन्ना फसल व 38 हजार एकड़ में अन्य दूसरी फसलों की बिजाई की जाती है। इन सभी खरीफ फसलों के लिए जिले में लगभग 95 हजार मीट्रिक टन यूरिया व 20 हजार एमटी. डीएपी. खाद की जरूरत होती है।
अब डीएपी खाद की जरूरत तो लगभग पूरी हो चुकी है लेकिन 63 हजार 368 एमटी यूरिया खाद की बिक्री की जा चुकी है। जिले में खाद की कमी नहीं है। मांग व पूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए, खाद विक्रेताओं की ओर से टैगिंग, कालाबाजारी व अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। जिसमें उपमंडल अधिकारी, (नागरिक), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, उप मंडल कृषि अधिकारी, गुण नियंत्रण निरीक्षक, सहायक पौधा संरक्षक अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल हैं।
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इसी कमेटी ने खाद व कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों की जांच की है। जिसमें खाद व कीटनाशक की दुकानों पर कई का रिकॉर्ड पूरा नहीं है, तो कई अन्य खामियां भी मिली हैं। टैगिंग से संबंधित कार्यालय को एक शिकायत मिली है। जिसके कारण 12 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जिसमें कीटनाशक का लाइसेंस भी शामिल है। दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस पहले निलंबित किए जा चुके हैं। कुल 14 लाख लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।
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करनाल। उपनिदेशक (कृषि) की ओर से खाद विक्रेताओं की दुकानों की जांच कराई गई, जिसमें मानकों में कमी मिलने पर 12 खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इससे पहले दो लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान जिले में करीब 5.30 लाख एकड़ में विभिन्न फसलों की खेती की जाती है, जिसमें लगभग 4.50 लाख एकड़ में धान की फसल, 42 हजार एकड़ में गन्ना फसल व 38 हजार एकड़ में अन्य दूसरी फसलों की बिजाई की जाती है। इन सभी खरीफ फसलों के लिए जिले में लगभग 95 हजार मीट्रिक टन यूरिया व 20 हजार एमटी. डीएपी. खाद की जरूरत होती है।
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अब डीएपी खाद की जरूरत तो लगभग पूरी हो चुकी है लेकिन 63 हजार 368 एमटी यूरिया खाद की बिक्री की जा चुकी है। जिले में खाद की कमी नहीं है। मांग व पूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए, खाद विक्रेताओं की ओर से टैगिंग, कालाबाजारी व अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों की रोकथाम के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया था। जिसमें उपमंडल अधिकारी, (नागरिक), तहसीलदार, नायब तहसीलदार, उप मंडल कृषि अधिकारी, गुण नियंत्रण निरीक्षक, सहायक पौधा संरक्षक अधिकारी सदस्य के तौर पर शामिल हैं।
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इसी कमेटी ने खाद व कीटनाशक विक्रेताओं की दुकानों की जांच की है। जिसमें खाद व कीटनाशक की दुकानों पर कई का रिकॉर्ड पूरा नहीं है, तो कई अन्य खामियां भी मिली हैं। टैगिंग से संबंधित कार्यालय को एक शिकायत मिली है। जिसके कारण 12 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। जिसमें कीटनाशक का लाइसेंस भी शामिल है। दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस पहले निलंबित किए जा चुके हैं। कुल 14 लाख लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।