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Karnal News: मॉडल संस्कृति स्कूलों को भी पीएम श्री बनाने की तैयारी, शिक्षक संघ उठा रहा सवाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Mar 2025 02:38 AM IST
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Preparations are on to make Model Sanskriti Schools as PM Shri, teachers union is raising questions
- सातवें चरण में पीएम श्री बनाने के लिए 312 स्कूलों की सूची जारी, इनमें 64 मॉडल संस्कृति के रूप में संचालित
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- कल तक मांगे गए हैं आवेदन, मानकों को पूरा करने वाले होंगे अपग्रेड, शिक्षक संघ ने कहा- मॉडल संस्कृति हो चुके सीबीएसई, अन्य स्कूलों को करें अपग्रेड



गगन तलवार

करनाल। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देश पर प्रदेश में कई राजकीय विद्यालयों को पीएमश्री में अपग्रेड किया जाएगा। इससे स्कूलों में सुविधाएं भी बढ़ेंगी और शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा। लेकिन हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से वर्तमान में मॉडल संस्कृति के रूप में चल रहे स्कूलों को भी पीएमश्री में परिवर्तित करने की तैयारी कर दी है।

विभाग की ओर से जारी सूची में प्रदेश के 312 स्कूलों को पीएमश्री में करने के लिए प्रस्तावित किया गया है। इनमें 64 स्कूल मॉडल संस्कृति के रूप में चल रहे हैं। जिनमें अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई के साथ-साथी सीबीएसई से मान्यता भी दिलाई गई है। ऐसे में शिक्षक शिक्षक संघ विभाग की इस सूची पर सवाल उठा रहा है। संघ का कहना है कि मॉडल संस्कृति हो चुके स्कूलों को अपग्रेड करने के बजाय वर्तमान में पिछड़े स्कूलों के सुधार के लिए काम किया जाना चाहिए।
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समग्र शिक्षा के एपीसी डॉ. सचिन के अनुसार, विभाग की ओर से जारी सूची में जिन स्कूलों का नाम है, उन्हें 28 मार्च तक पीएम श्री पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी की टीम स्कूल का निरीक्षण करेगी। जो स्कूल मानकों पर खरा उतरेगा, उन्हें पीएम श्री में परिवर्तित किया जाएगा।
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जारी सूची में सबसे ज्यादा 39 स्कूल फरीदाबाद के हैं और चरखीदादरी से महज एक स्कूल का ही नाम है। वहीं सूची में जिन मॉडल संस्कृति स्कूलों को शामिल किया गया, उस मामले में करनाल प्रदेश में सबसे आगे है, यहां के 24 स्कूलों में सात मॉडल संस्कृति हैं। इसके अलावा हिसार के भी 15 में से छह, कैथल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, यमुनानगर और सिरसा के पांच-पांच मॉडल संस्कृति स्कूलों का नाम है। वर्तमान में हिसार और करनाल में सबसे ज्यादा 18 पीएम श्री स्कूल संचालित हैं।

बोर्ड बदलने के बजाय सुविधाएं बढ़ाए विभाग

शिक्षक संघ का तर्क है कि या तो इन स्कूलों को सूची में शामिल करने में विभाग से त्रुटि हुई है। क्योंकि जो स्कूल पहले से अपग्रेड हो चुके हैं, अब उन्हें पीएमश्री बनाने का क्या औचित्य है। क्योंकि पीएम श्री होने के बाद इन स्कूलों में सीबीएसई के नियमों के तहत पढ़ाई होगी। ऐसे में वर्तमान में पिछड़े स्कूलों को ही अपग्रेड करने का अवसर दिया जाना चाहिए। शिक्षक संघ के प्रदेश प्रवक्ता कृष्ण निर्माण का कहना है कि जिन स्कूलों को पहले से पीएम श्री या मॉडल संस्कृति बनाया गया है, वहां भी कई जगह सुविधाओं का अभाव है। विभाग बोर्ड बदलने के साथ-साथ यहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए भी व्यवस्था करे।




किस जिले के कितने स्कूलों का है नाम

जिला
कुल स्कूल
मॉडल संस्कृति

करनाल
24
07

हिसार
15
06

कैथल
28
05

फरीदाबाद
39
05

फतेहाबाद
23
05

यमुनानगर
13
05

सिरसा
14
05

भिवानी
20
04

जींद
14
04

गुरुग्राम
21
03

नूंह
25
03

पानीपत
20
03

सोनीपत
08
02

अंबाला
05
01

चरखीदादरी
01
01

झज्जर
04
01

कुरुक्षेत्र
17
01

पलवल
06
01

रोहतक
02
01

पंचकूला
02
00

रेवाड़ी
10
00

कुल
312
64



वर्जन

जिन खंडों में अभी एक पीएम श्री स्कूल है, वहां और स्कूलों को पीएम श्री करने की विभाग की योजना है। 312 स्कूलों की सूची में कुछ मॉडल संस्कृति विद्यालयों के भी नाम हैं। इन्हें पीएम श्री करेंगे या नहीं, इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकते। मॉडल संस्कृति स्कूल भी अच्छी शिक्षा, सीबीएसई से मान्यता के लिए बनाए गए हैं। पीएम श्री स्कूलों में भी यह सुविधा रहती है।
- ज्योत्सना मिश्रा, डीपीसी, समग्र शिक्षा
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