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राज्य शिक्षक पुरस्कार के रूप में मिलेंगे एक लाख रुपये
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शिक्षा विभाग की ओर से राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022 में इस बार पुरस्कार को लेकर बदलाव किए गए हैं। अब पुरस्कार पाने वाले शिक्षक को प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। जबकि पहले पुरस्कार पाने वाले शिक्षक को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि व दो साल का सेवा विस्तार मिलता था।
अब बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ एक रजत पदक, एक प्रमाणपत्र, एक शाल के साथ संपूर्ण भावी सेवा के लिए महंगाई भत्ते के साथ दो अग्रिम वेतन वृद्धियां भी मिलेंगी। कुछ शिक्षक सरकार के इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं। वहीं कई शिक्षक विरोध भी जता रहे हैं, क्योंकि दो साल के सेवा विस्तार का लाभ उन्हें अब नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग की ओर से राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022 के लिए योग्य शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक शिक्षक 30 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक शिक्षक को कम से कम 15 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव होना चाहिए। वहीं 20 वर्षों के नियमित शिक्षण अनुभव के साथ प्रधानाध्यापक एवं प्राचार्य जिनमें से सीडीसी प्रभार सहित हेडमास्टर या प्रिंसिपल के रूप में कम से कम पांच वर्ष की सेवा जरूरी है। डीईओ, बीईओ, बीईईओ और एससीईआरटी व एसएसए के कर्मचारी और निदेशालय में कार्यरत कर्मचारी इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं। ब्यूरो
आवेदन के लिए यह रहेगी प्रक्रिया
आवेदक को प्रवेश पत्र के साथ एक पोर्टफोलियो ऑनलाइन ही जमा करना होगा। पोर्टफोलियो में प्रासंगिक सहायक सामग्री जैसे दस्तावेज, उपकरण, गतिविधियों की रिपोर्ट, क्षेत्र का दौरा, फोटो, ऑडियो व वीडियो आदि शामिल होंगे। प्रत्येक आवेदक को एक वचनबद्धता देनी होगी कि उसकी सभी जानकारी या डेटा सही है। यदि बाद में कुछ भी असत्य पाया जाता है तो वह अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा।
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शिक्षकों के नाम की अनुशंसा सबसे पहले जिला स्तरीय समिति द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जिला चयन समिति राज्य स्तरीय समिति को नामों की सिफारिश करेगी। जो नीतिगत मानदंडों के आधार पर शिक्षकों के नामों की राज्य सरकार को अंतिम रूप से सिफारिश करेगी।
आवेदन के लिए यह रहेगी योग्यता
एकीकृत समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों के लिए नियमित शिक्षण अनुभव 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष की नियमित सेवा में किया जाएगा। प्रधानाध्यापक/प्राचार्य के मामले में इनका पांच वर्ष की सेवा सहित 15 वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी है। जो कि इस वर्ष 31 मार्च तक पूरा होना जरूरी है।
- किसी भी सेवानिवृत्त शिक्षक को पुरस्कार के लिए आवेदन करने के लिए अनुमति नहीं होगी। केवल वही शिक्षक पात्र होंगे जिनकी ग्रेडिंग पिछले दस वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) है।
वेबसाइट पर शिक्षक स्वयं नामांकन करने के साथ ही पात्रता सहित अन्य जानकारी ले सकते हैं। आवेदन केवल पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदक शिक्षक को पोर्टल पर आवेदन करते समय किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वह विभाग की ईमेल आइडी या हेल्पलाइन नंबर 0172 5049801 पर संपर्क कर सकता है।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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करनाल। शिक्षा विभाग की ओर से राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022 में इस बार पुरस्कार को लेकर बदलाव किए गए हैं। अब पुरस्कार पाने वाले शिक्षक को प्रोत्साहन राशि के तौर पर एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। जबकि पहले पुरस्कार पाने वाले शिक्षक को 25 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि व दो साल का सेवा विस्तार मिलता था।
अब बढ़ी हुई प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ एक रजत पदक, एक प्रमाणपत्र, एक शाल के साथ संपूर्ण भावी सेवा के लिए महंगाई भत्ते के साथ दो अग्रिम वेतन वृद्धियां भी मिलेंगी। कुछ शिक्षक सरकार के इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं। वहीं कई शिक्षक विरोध भी जता रहे हैं, क्योंकि दो साल के सेवा विस्तार का लाभ उन्हें अब नहीं मिलेगा। शिक्षा विभाग की ओर से राज्य शिक्षक पुरस्कार-2022 के लिए योग्य शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक शिक्षक 30 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक शिक्षक को कम से कम 15 वर्षों का नियमित शिक्षण अनुभव होना चाहिए। वहीं 20 वर्षों के नियमित शिक्षण अनुभव के साथ प्रधानाध्यापक एवं प्राचार्य जिनमें से सीडीसी प्रभार सहित हेडमास्टर या प्रिंसिपल के रूप में कम से कम पांच वर्ष की सेवा जरूरी है। डीईओ, बीईओ, बीईईओ और एससीईआरटी व एसएसए के कर्मचारी और निदेशालय में कार्यरत कर्मचारी इन पुरस्कारों के लिए पात्र नहीं हैं। ब्यूरो
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आवेदन के लिए यह रहेगी प्रक्रिया
आवेदक को प्रवेश पत्र के साथ एक पोर्टफोलियो ऑनलाइन ही जमा करना होगा। पोर्टफोलियो में प्रासंगिक सहायक सामग्री जैसे दस्तावेज, उपकरण, गतिविधियों की रिपोर्ट, क्षेत्र का दौरा, फोटो, ऑडियो व वीडियो आदि शामिल होंगे। प्रत्येक आवेदक को एक वचनबद्धता देनी होगी कि उसकी सभी जानकारी या डेटा सही है। यदि बाद में कुछ भी असत्य पाया जाता है तो वह अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी होगा।
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शिक्षकों के नाम की अनुशंसा सबसे पहले जिला स्तरीय समिति द्वारा ऑनलाइन वेब पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जिला चयन समिति राज्य स्तरीय समिति को नामों की सिफारिश करेगी। जो नीतिगत मानदंडों के आधार पर शिक्षकों के नामों की राज्य सरकार को अंतिम रूप से सिफारिश करेगी।
आवेदन के लिए यह रहेगी योग्यता
एकीकृत समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने वाले शिक्षकों के लिए नियमित शिक्षण अनुभव 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष की नियमित सेवा में किया जाएगा। प्रधानाध्यापक/प्राचार्य के मामले में इनका पांच वर्ष की सेवा सहित 15 वर्ष का शिक्षण अनुभव जरूरी है। जो कि इस वर्ष 31 मार्च तक पूरा होना जरूरी है।
- किसी भी सेवानिवृत्त शिक्षक को पुरस्कार के लिए आवेदन करने के लिए अनुमति नहीं होगी। केवल वही शिक्षक पात्र होंगे जिनकी ग्रेडिंग पिछले दस वर्षों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (एसीआर) है।
वेबसाइट पर शिक्षक स्वयं नामांकन करने के साथ ही पात्रता सहित अन्य जानकारी ले सकते हैं। आवेदन केवल पोर्टल पर ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आवेदक शिक्षक को पोर्टल पर आवेदन करते समय किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वह विभाग की ईमेल आइडी या हेल्पलाइन नंबर 0172 5049801 पर संपर्क कर सकता है।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी