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Karnal News: अब हाईटेंशन लाइनों का ड्रोन से होगा सर्वे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 20 Dec 2024 02:23 AM IST
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Now high tension lines will be surveyed with drones
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। बिजली निगम की ओर से अब प्रदेश की हाईटेंशन लाइनों का सर्वे भी ड्रोन कैमरा से कराया जाएगा। बिजली की 11 बड़ी लाइनों के सर्वे का काम दृश्या कंपनी को सौंपा गया है। इस कार्य के लिए बिजली निगम के मुख्यालय पंचकूला से कंपनी के साथ टेंडर हुआ है।
इस सुविधा के मिलने से बिजली निगम के कर्मचारियों को बड़ी लाइनों के फाल्ट ढूंढ़ने में आसानी होगी। वहीं दूर के क्षेत्र में स्थित लाइनों के फाल्ट का भी जल्द पता लगाकर उसे समय पर दुरुस्त करवाया जा सकेगा। विदित हो कि प्रदेश में अब विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है। शहरों में प्रॉपर्टी सर्वे हो या फसल में नैनो स्प्रे का कार्य, सभी काम ड्रोन से हो रहे हैं। कृषि क्षेत्र में ड्रोन का प्रयोग लगातार बढ़ रहा है। अब तो सरकारी विभागों के कर्मचारी भी ड्रोन का प्रशिक्षण ले रहे हैं। ड्रोन इमेजिंग एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम्स ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृश्या) का कार्यालय करनाल में इंद्री रोड पर स्थित है। यही कंपनी प्रदेशभर के कार्य कर रही है।
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ड्रोन से बिजली लाइनों का निरीक्षण करने के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों और सेंसरों का इस्तेमाल किया जाता है। ड्रोन से ली गई तस्वीरों और वीडियो से फॉल्ट की सटीक जानकारी मिल जाती है। दृश्या कंपनी के ड्रोन ऑपरेटरों का कहना है कि बिजली निगम की हाईटेंशन पावर लाइनों में फाल्ट की जानकारी विभाग के कैमरे और वीडियो के माध्यम से जुटाई जाती है। इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार कर विभाग को सौंपी जाती है, इसके बाद विभाग फाल्ट को ठीक करता है।
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22 शहरों में की जानी है ड्रोन मैपिंग
प्रदेश के 22 शहरों में ड्रोन के माध्यम से मैपिंग का कार्य किया जाना है। अभी तक हिसार, पानीपत, कुरुक्षेत्र, रोहतक, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, गोहाना, नीलोखेड़ी, इंद्री, असंध, शाहाबाद, अंबाला का सर्वे हो चुका है। सर्वे में शहरों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है कि शहर में कितना आबादी क्षेत्र, कितना आस-पास कृषि व वन क्षेत्र है। अब इसके साथ-साथ बिजली की हाईटेंशन तारों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जनवरी माह के अंत तक 2250 स्कवेयर किलोमीटर क्षेत्र की मैपिंग की जानी है।

कृषि में नैनो यूरिया में ड्रोन सहायक होने के कारण अब किसान भी ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण लेने लगे है। अभी तक प्रदेशभर के 350 किसानों को इसका प्रशिक्षण दिया जा चुका है। करनाल स्थित दृश्या कंपनी के प्रशिक्षण केंद्र में हर सप्ताह 10 से 15 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। एक सप्ताह के प्रशिक्षण में कक्षाओं के अलावा ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण भी शामिल है। किसान यहां से प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। सरकार भी ड्रोन खरीदने पर सब्सिडी दे रही है, हर जिले में ड्रोन से स्प्रे करने का काम भी शुरू हो गया है, फिलहाल आलू की फसल पर ड्रोन के माध्यम से ही स्प्रे किया जा रहा हैं।
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