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Karnal News: धान खरीद में देरी पर किसान नाराज, आज हाईवे करेंगे जाम
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इंद्री अनाज मंडी में पहुंची धान को उतारते मजदूर। संवाद
इंद्री। धान की सरकारी खरीद 20 सितंबर से शुरू न होने पर किसानों का आक्रोश बढ़ गया है। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने इसके विरोध में 22 सितंबर को शाहबाद के पास दिल्ली-चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-44 जाम करने का एलान किया है।
यूनियन के अनुसार, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में 22 सितंबर को सुबह 10 बजे किसान शाहबाद-बराड़ा रोड स्थित शहीद उधम सिंह स्मारक पर एकत्र होंगे। इसके बाद हाईवे जाम कर विरोध जताया जाएगा। संगठन ने पहले सरकार को 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन जाम लगाने की चेतावनी दी थी। प्रदेशभर के किसानों से शाहबाद पहुंचने की अपील की गई है।
अगस्त के अंतिम सप्ताह से ही मंडियों में मोटी धान (जीरी) की आवक शुरू हो चुकी है। किसान 15 से 20 सितंबर के बीच खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने खरीद की तिथि 1 अक्तूबर घोषित की है। किसानों का आरोप है कि इस देरी का फायदा निजी व्यापारी उठाकर एमएसपी से कम दाम पर फसल खरीद रहे हैं। इंद्री में किसान नेता रामपाल चहल ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है लेकिन नीतियां इसके विपरीत हैं।
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प्रमुख मांगें-
किसानों ने धान की खरीद 15-20 सितंबर से शुरू करने, मंडियों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने, एफसीआई द्वारा गेहूं उठान तेज करने, बाजरे की सीधी खरीद, आलू किसानों का बकाया भुगतान और किसान सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग उठाई है।
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यूनियन के अनुसार, किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में 22 सितंबर को सुबह 10 बजे किसान शाहबाद-बराड़ा रोड स्थित शहीद उधम सिंह स्मारक पर एकत्र होंगे। इसके बाद हाईवे जाम कर विरोध जताया जाएगा। संगठन ने पहले सरकार को 20 सितंबर तक खरीद शुरू करने का अल्टीमेटम दिया था और मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन जाम लगाने की चेतावनी दी थी। प्रदेशभर के किसानों से शाहबाद पहुंचने की अपील की गई है।
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अगस्त के अंतिम सप्ताह से ही मंडियों में मोटी धान (जीरी) की आवक शुरू हो चुकी है। किसान 15 से 20 सितंबर के बीच खरीद शुरू करने की मांग कर रहे हैं, जबकि राज्य सरकार ने खरीद की तिथि 1 अक्तूबर घोषित की है। किसानों का आरोप है कि इस देरी का फायदा निजी व्यापारी उठाकर एमएसपी से कम दाम पर फसल खरीद रहे हैं। इंद्री में किसान नेता रामपाल चहल ने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है लेकिन नीतियां इसके विपरीत हैं।
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प्रमुख मांगें-
किसानों ने धान की खरीद 15-20 सितंबर से शुरू करने, मंडियों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त करने, एफसीआई द्वारा गेहूं उठान तेज करने, बाजरे की सीधी खरीद, आलू किसानों का बकाया भुगतान और किसान सुरक्षा योजना के तहत मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग उठाई है।