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नहीं रुक रही ट्यूब की लीकेज, भाकियू और किसानों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
Updated Mon, 12 Dec 2016 12:12 AM IST
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नहीं रुक रही ट्यूब की लीकेज, भाकियू और किसानों ने दिया दो दिन का अल्टीमेटम
- फोटो : Amar Ujala
पानी नहीं पहुंचने के कारण बायलर में आई खराबी के कारण रविवार देर रात तक शुगर मिल दोबारा से नहीं चल पाई। हालांकि, आसपास के जिलों के इंजीनियरों की टीम दिनभर बायलर और ट्यूब को ठीक करने में लगी रही। दोपहर से शाम तक पांच बार ट्रायल किया गया, लेकिन हर बार पानी की ट्यूब लीक हो रही हैं। रात नौ बजे तक मिल चालू नहीं हो पाई। उधर, तीन दिन गीता जयंती में व्यस्त रहने के बाद रविवार को शुगर मिल की एमडी वर्षा खंगवाल ने मिल का दौरा किया और इंजीनियरों से बात की।
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फिलहाल इंजीनियरों ने मिल चलाने को लेकर तमाम कोशिशें कर ली हैं और अब हाथ खड़े कर दिये हैं। अब दूसरे इंजीनियरों की मदद की जा रही है। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रत्न मान व अन्य पदाधिकारियों ने भी मिल का मुआयना किया और अधिकारियों से बात। भाकियू और किसानों ने मिल प्रबंधन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली, साथ ही चेताया है कि अगर दो दिन में मिल चालू नहीं हो पाया तो किसानों की पंचायत की जाएगी और इसके बाद मिल की तालाबंदी और किसान सड़क पर उतरेंगे। किसानों की चेतावनी से अब अधिकारियों के भी पसीने छूटने लगे हैं। बता दें कि छह दिसंबर को मिल पिराई सत्र का शुभारंभ किया गया था, लेकिन दो दिन चलने के तुरंत बाद ही मिल जवाब दे गई।
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बायलर पुराने होने के कारण और उसमें पानी नहीं पहुंचने के कारण वह इतना गर्म हो गया कि करीब 43 ट्यूब लीक हो गई। आनन फानन में मिल को बंद किया गया, गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। इसके बाद से सोनीपत शुगर मिल समेत करनाल मिल के इंजीनियरों समेत 50 लोगों की टीम मिल को चलाने में जुटी रही। रविवार को भी इंजीनियरों ने पूरा जोर लगाया, पांच बार मिल को चलाने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार ट्यूब लीक होती रही। इस बारे में मिल के चीफ इंजीनियर विजय पाल का कहना है कि टीम लगातार काम कर रही है। लीकेज नहीं रुक रही है, लीकेज रोकने के लिए प्रयास जारी हैं। इसके बाद ही मिल चल पायेगी।
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किसानों ने खोला मोर्चा
कई दिनों से बंद पड़ी करनाल सहकारी शुगर मिल्ज लि. को लेकर गन्ना उत्पादक किसान परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। काफी संख्या में किसान मिल के चलने की इंतजार में लगातार कई दिनों से सर्द भरी रातों में गन्ना यार्ड में डेरा डाले हुए हैं। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन व किसानों ने मिल परिसर में प्रदर्शन करते हुए मिल प्रशासन व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। गन्ना यार्ड सहित मिल के प्रशासकीय परिसर में गन्ने से लदी सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियां खड़ी हुई हैं। इस दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी किसानों की परेशानी को नहीं समझ रहे हैं और पुरानी मशीनों के सहारे काम चलाने की कोशिश की जा रही है। इस अवसर पर प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, किसान नेता अजय राणा, इलियास खान, जगमीत सिंह, सतीश कुमार, रणधीर सिंह, ओमप्रकाश, कपिल कुमार, सतपाल कश्यप, वेद सिंह सागवान सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।
दो दिन के बाद बुलाएंगे किसानों की पंचायत
भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कार्यकर्ताओं के साथ मिल के अंदर चल रहे बॉयलर मुरम्मत के कार्य का जायजा लिया। किसान नेता मान ने कहा कि दो दिन में हालात नहीं सुधरे तो मिल में किसान पंचायत आयोजित की जाएगी। प्रदेश सरकार के खिलाफ आर पार का आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मिल के देरी से चलने व बायलर में आई खराबी की वजह से मिल क्षेत्र से की गई बांडिग के मुताबिक 43 लाख क्विंटल गन्ने की समय पर पिराई करना मुश्किल हो गया है। जिन किसानों ने मुड्डा गन्ना मिल को देने के बाद गेहूं की बिजाई करनी थी। समय निकलने की वजह से अब बिजाई होना संभव नहीं है। इसका किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। मान ने कहा कि किसान गत 10 वर्ष से 40 साल पुरानी हो चुकी मिल के नवीनीकरण करने की मांग उठाते आ रहे हैं, लेकिन किसी प्रकार की सुनवाई नहीं हो पा रही है।
किसान बोले, अमर उजाला को साधुवाद
किसान मेहताब कादियान, जोरा सिंह, राजेश कुमार ने किसानों की पीड़ा को प्रमुखता के साथ प्रकाशित करने पर अमर उजाला का साधुवाद किया है। किसानों ने कहा कि मिल प्रबंधन की लापरवाही के चलते मिल बंद हुई है, जिन कर्मचारियों व अधिकारियों की ड्यूटी बायलर में पानी पहुंचाने की थी, उन्होंने लापरवाही बरती है। कर्मचारियों पर कोई निगरानी नहीं हो रही है,लेकिन परेशान किसानों को होना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि गन्ना किसानों की समस्या को प्रमुखता से उठाने के बाद ही प्रशासन की नींद खुली है और एमडी ने भी मिल का दौरा किया। इससे पहले, सब अधिकारी गीता जयंती में अपनी प्रदर्शनी की तैयारी करते रहे।
कर्मचारी की लापरवाही रही तो होगी जांच
मैंने इस बारे में एमडी शुगर मिल से बात की है। बायलर में खराबी आने के कारण मिल बंद हुई है, जिसको ठीक करने में इंजीनियर लगे हुए हैं। इसके अलावा, अगर किसी कर्मचारी की लापरवाही रही है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उम्मीद है जल्द मिल चल जायेगी।
- मनदीप सिंह बराड़, डीसी।