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लापरवाही : 550 कोचिंग सेंटरों में से आठ के पास ही फायर एनओसी
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- 69 भवन मालिकों नोटिस मिलने के बाद भी नहीं जागे, हादसा होने पर खतरें में पड़ सकती है विद्यार्थियों की जान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में मुनाफे की दुकानों की तरह चल रहे कोचिंग सेंटरों में आने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा के नाम पर इंतजाम नहीं हैं। न तो इन केंद्रों में अग्निशमन संयंत्र हैं और न ही दमकल विभाग की एनओसी। ऐसे में मनमाने तरीके से चल रहे इन केंद्रों में उज्जवल भविष्य का सपना लिए विद्यार्थी खतरे के साये में पढ़ रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में 550 के करीब कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनमें से महज आठ बड़े संस्थानों के पास ही दमकल विभाग की एनओसी है। अन्य किसी ने भी अग्नि सुरक्षा संबंधित नियमों पर ध्यान नहीं दिया। यह स्थिति भी तब है जब दमकल विभाग की ओर से ऐसे केंद्रों को नोटिस जारी किए गए। इस वर्ष में 69 ऐसे भवन मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं, जिनके यहां कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। बहुमंजिला भवनों में बेसमेंट से लेकर तीसरे तल तक अलग-अलग केंद्र खुला है।
विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूलने वाले इन केंद्रों के संचालकों को नियमों का ख्याल नहीं है। सेक्टर-6 के जेनेसिस क्लासिस में आग लगने पर तुरंत बचाव हो गया। इनके यहां सुरक्षा का इंतजाम भी था। यदि ऐसी स्थिति अन्य किसी तंग भवन में चल रहे कोचिंग सेंटर में हो जाए तो सूरत की तरह बड़ा हादसा हो सकता है। सेक्टर-14, 13, 9, 7, 6, मुगल कैनाल, पुराने बस स्टैंड के पीछे मार्केट पर काफी संख्या में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इसके अलावा असंध, घरौंडा, इंद्री और नीलोखेड़ी में भी ऐसे केंद्र हैं। ब्यूरो
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वाणिज्यिक भवनों का हो रहा स्कूल की तरह इस्तेमाल
शहर के कोचिंग सेंटर का भवन एचएसवीपी और नगर निगम के अधीन है। इन भवनों को कॉमर्शियल क्षेत्र में बनाकर विभाग अब भूल चुका है। भवन मालिकों ने कोचिंग सेंटर चलाने वाले लोगों को मासिक रेंट पर दे दिया। कारोबारी चेन सिस्टम में बच्चों की जिंदगी को जिम्मेदार लोग भूल चुके हैं। एक भवन में रोजाना दिन में तीनों फ्लोर पर 40-40 बच्चों के तीन से चार बेच पढ़ाए जा रहे हैं। फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ, कंपीटिशन टेस्ट, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, आइलेट्स की तैयारी करने वाले बच्चों की पूरा दिन यहां भीड़ लगी रहती है। शहर के बच्चे बिना सुरक्षा के इन बिल्डिंगों में पढ़ रहे हैं।
शहर के कोचिंग सेंटरों को लेकर विभाग गंभीर है। 69 संस्थानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। केवल आठ बड़े केंद्रों के पास ही एनओसी है। लापरवाही पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव भारद्वाज, दमकल अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में मुनाफे की दुकानों की तरह चल रहे कोचिंग सेंटरों में आने वाले विद्यार्थियों की सुरक्षा के नाम पर इंतजाम नहीं हैं। न तो इन केंद्रों में अग्निशमन संयंत्र हैं और न ही दमकल विभाग की एनओसी। ऐसे में मनमाने तरीके से चल रहे इन केंद्रों में उज्जवल भविष्य का सपना लिए विद्यार्थी खतरे के साये में पढ़ रहे हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि जिले में 550 के करीब कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इनमें से महज आठ बड़े संस्थानों के पास ही दमकल विभाग की एनओसी है। अन्य किसी ने भी अग्नि सुरक्षा संबंधित नियमों पर ध्यान नहीं दिया। यह स्थिति भी तब है जब दमकल विभाग की ओर से ऐसे केंद्रों को नोटिस जारी किए गए। इस वर्ष में 69 ऐसे भवन मालिकों को नोटिस दिए जा चुके हैं, जिनके यहां कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। बहुमंजिला भवनों में बेसमेंट से लेकर तीसरे तल तक अलग-अलग केंद्र खुला है।
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विद्यार्थियों से मोटी फीस वसूलने वाले इन केंद्रों के संचालकों को नियमों का ख्याल नहीं है। सेक्टर-6 के जेनेसिस क्लासिस में आग लगने पर तुरंत बचाव हो गया। इनके यहां सुरक्षा का इंतजाम भी था। यदि ऐसी स्थिति अन्य किसी तंग भवन में चल रहे कोचिंग सेंटर में हो जाए तो सूरत की तरह बड़ा हादसा हो सकता है। सेक्टर-14, 13, 9, 7, 6, मुगल कैनाल, पुराने बस स्टैंड के पीछे मार्केट पर काफी संख्या में कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। इसके अलावा असंध, घरौंडा, इंद्री और नीलोखेड़ी में भी ऐसे केंद्र हैं। ब्यूरो
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वाणिज्यिक भवनों का हो रहा स्कूल की तरह इस्तेमाल
शहर के कोचिंग सेंटर का भवन एचएसवीपी और नगर निगम के अधीन है। इन भवनों को कॉमर्शियल क्षेत्र में बनाकर विभाग अब भूल चुका है। भवन मालिकों ने कोचिंग सेंटर चलाने वाले लोगों को मासिक रेंट पर दे दिया। कारोबारी चेन सिस्टम में बच्चों की जिंदगी को जिम्मेदार लोग भूल चुके हैं। एक भवन में रोजाना दिन में तीनों फ्लोर पर 40-40 बच्चों के तीन से चार बेच पढ़ाए जा रहे हैं। फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ, कंपीटिशन टेस्ट, इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स, आइलेट्स की तैयारी करने वाले बच्चों की पूरा दिन यहां भीड़ लगी रहती है। शहर के बच्चे बिना सुरक्षा के इन बिल्डिंगों में पढ़ रहे हैं।
शहर के कोचिंग सेंटरों को लेकर विभाग गंभीर है। 69 संस्थानों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। केवल आठ बड़े केंद्रों के पास ही एनओसी है। लापरवाही पर इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- राजीव भारद्वाज, दमकल अधिकारी