{"_id":"62421cfa1080c10ba81db8ad","slug":"mistakes-of-notice-became-a-trap-obstacle-in-depositing-property-tax-karnal-news-knl1032055133","type":"story","status":"publish","title_hn":"नोटिस की गलतियां बनीं जी का जंजाल, प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने में आ रही बाधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नोटिस की गलतियां बनीं जी का जंजाल, प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने में आ रही बाधा
विज्ञापन
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-13 करनाल की बैठक में प्रापर्टी टैक्स के नोटिसों में आ रही गलतियों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने बताया कि नगर निगम ने यह प्रॉपर्टी टैक्स असिस्मेंट नोटिस फर्जी सर्वे के आधार पर भेजे हैं। नगर निगम अधिकारियों ने अपने कार्यालय में मौजूद प्रॉपटी के रिकॉर्ड से चेक किए बिना ही यह नोटिस भिजवा दिए हैं, जिनमें भारी गलतियां हैं।
सदस्यों ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों ने बताया है कि सर्वे के लिए मुख्यालय द्वारा बाहरी कंपनी को ठेका दिया है, लेकिन नगर निगम स्टाफ ने यह प्रापर्टी टैक्स नोटिस जारी करवाने से पहले अपने रिकॉर्ड से चेक नहीं किया जो कि उनकी लापरवाही है। इस कारण शहरवासी नगर निगम के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। फिर भी गलतियां ठीक न होने के कारण वे टैक्स जमा नहीं करवा पा रहे हैं।
एसोसिएशन ने मांग की है कि नगर निगम अब दोबारा स्वयं डोर-टू-डोर सर्वे करवा कर और दफ्तर के रिकॉर्ड से वेरीफाई करवा प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस एवं बिल जारी करवाए, ताकि प्रॉपर्टी टैक्स समय पर जमा हो सके और नगर निगम के खजाने में पैसा भी आ सके।
विज्ञापन
बैठक में प्रधान अशोक ढींगड़ा, उप-प्रधान एसडी अरोड़ा, जनरल सेक्रेटरी एसडी सेतिया, ओपी मदान, चरणजीत आहूजा, कृष्ण ठुकराल, एनडी कालड़ा और हरीश ललित उपस्थित रहे।
ये हैं गलतियां
- 104 गज के प्लॉट को 208 गज का दिखाया गया है।
- रिहायशी मकान को दुकान दिखाकर कॉमर्शियल बताया गया है।
- कुछ नोटिसों में मकान मालिक का नाम ही गलत लिखा है।
- ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर के मकान को ग्राउंड फ्लोर, तीन मंजिला दिखाया गया।
- किसी दुकान को पड़ोसी की आईडी से जोड़ दिया गया है।
- कई मकानों, दुकानों का पता गलत दिखाया है।
वर्जन
नगर निगम ने 31 मार्च तक 23 करोड़ का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का लक्ष्य रखा था। 14.23 करोड़ रुपये का टैक्स अभी तक जमा हो पाया है, जबकि पुराने प्रॉपर्टी टैक्स को एक मुश्त जमा करने पर शत प्रतिशत ब्याज व चालू वित्तीय वर्ष की कर अदायगी पर 25 प्रतिशत की छूट के सिर्फ तीन दिन ही शेष हैं। एक अप्रैल 2022 से छूट खत्म हो जाएगी। सभी को छूट रहित व ब्याज सहित प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराना होगा। अभी निगम का 236 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में संपत्तिधारकों पर बकाया है।
गगनदीप सिंह, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
सदस्यों ने कहा कि नगर निगम अधिकारियों ने बताया है कि सर्वे के लिए मुख्यालय द्वारा बाहरी कंपनी को ठेका दिया है, लेकिन नगर निगम स्टाफ ने यह प्रापर्टी टैक्स नोटिस जारी करवाने से पहले अपने रिकॉर्ड से चेक नहीं किया जो कि उनकी लापरवाही है। इस कारण शहरवासी नगर निगम के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। फिर भी गलतियां ठीक न होने के कारण वे टैक्स जमा नहीं करवा पा रहे हैं।
विज्ञापन
एसोसिएशन ने मांग की है कि नगर निगम अब दोबारा स्वयं डोर-टू-डोर सर्वे करवा कर और दफ्तर के रिकॉर्ड से वेरीफाई करवा प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस एवं बिल जारी करवाए, ताकि प्रॉपर्टी टैक्स समय पर जमा हो सके और नगर निगम के खजाने में पैसा भी आ सके।
विज्ञापन
बैठक में प्रधान अशोक ढींगड़ा, उप-प्रधान एसडी अरोड़ा, जनरल सेक्रेटरी एसडी सेतिया, ओपी मदान, चरणजीत आहूजा, कृष्ण ठुकराल, एनडी कालड़ा और हरीश ललित उपस्थित रहे।
ये हैं गलतियां
- 104 गज के प्लॉट को 208 गज का दिखाया गया है।
- रिहायशी मकान को दुकान दिखाकर कॉमर्शियल बताया गया है।
- कुछ नोटिसों में मकान मालिक का नाम ही गलत लिखा है।
- ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर के मकान को ग्राउंड फ्लोर, तीन मंजिला दिखाया गया।
- किसी दुकान को पड़ोसी की आईडी से जोड़ दिया गया है।
- कई मकानों, दुकानों का पता गलत दिखाया है।
वर्जन
नगर निगम ने 31 मार्च तक 23 करोड़ का बकाया प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का लक्ष्य रखा था। 14.23 करोड़ रुपये का टैक्स अभी तक जमा हो पाया है, जबकि पुराने प्रॉपर्टी टैक्स को एक मुश्त जमा करने पर शत प्रतिशत ब्याज व चालू वित्तीय वर्ष की कर अदायगी पर 25 प्रतिशत की छूट के सिर्फ तीन दिन ही शेष हैं। एक अप्रैल 2022 से छूट खत्म हो जाएगी। सभी को छूट रहित व ब्याज सहित प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराना होगा। अभी निगम का 236 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में संपत्तिधारकों पर बकाया है।
गगनदीप सिंह, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम