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सवालों से बचने के लिए सीधे बजट की बैठक कराने की तैयारी में मेयर
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम हाउस की आम बैठक न करवा कर अब मार्च में सीधे बजट की बैठक कराने की तैयारी हो रही है। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मेयर को उनके सवालों का जवाब न देना पड़े। बजट की बैठक में मेयर व अधिकारी आय व व्यय का ब्योरा देकर चले जाएंगे। वार्डों की समस्या व लोगों की परेशानी को लेकर इसमें कोई बात नहीं हो पाएगी। गत वर्ष भी ऐसा ही हुआ था। बजट बैठक कुछ देर के लिए ही हुई थी। पार्षदों की समस्याओं को अन्य मुद्दों में रख दिया था। जिन पर बाद में किसी ने कोई बात नहीं की थी। पार्षदों को बैठक के होने का बेसब्री से इंतजार है। क्योंकि वह मेयर व अधिकारियों को घेरने को तैयार बैठे हैं।
सरकार ने खत्म की सभी बंदिशें
कोरोना महामारी के केस कुछ दिनों से बहुत कम आ रहे हैं। पहले सरकार ने पहली से 12वीं तक सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खोले। जबकि दो दिन पूर्व कोरोना महामारी के बीच लगाई जा रही सभी बंदिशों को खत्म कर दिया। अब सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट व शादी समारोह में 50 प्रतिशत की बजाय फुल संख्या में लोग आ सकते हैं। गत माह 11 जनवरी को मेयर मदन चौहान ने हाउस की बैठक बुलाई थी। हालांकि इसके लिए कोई एजेंडा किसी पार्षद को नहीं भेजा गया था। दो दिन पहले ही मेयर ने कोरोना महामारी का हवाला देकर बैठक स्थगित कर दी। गत तीन वर्षों में हाउस की पांच-छह बैठक ही हो पाई हैं।
सफाई के मुद्दे पर मेयर को घेरने की तैयारी
इस समय सफाई न होना शहर के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। खासकर 11 से 22 वार्डों में तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। चूंकि इन वार्डों में घरों से कूड़ा उठाने के लिए निगम को डोर-टू-डोर का टेंडर जनवरी में खत्म हो चुका है। तब से इन वार्डों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। दूसरा लंबे समय से शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। कभी लाइटों का मामला पिटीशन कमेटी में गया तो कभी अन्य कारणों से शहर में अंधेरे में है। जो लाइट एक बार खराब हो गई उसे ठेकेदार महीनों तक ठीक नहीं करते।
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पार्षद बोले, विकास की पटरी से उतरा शहर
पार्षद विनोद मरवाह, देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान व हरमीन कोहली का कहना है कि नगर निगम केवल लोगों से टैक्स वसूलने के लिए रह गया है। विकास से न मेयर को कुछ लेना देना है और न ही अधिकारियों को। मेयर उत्तर प्रदेश व पंजाब में चुनाव प्रचार कर विकास का गुणगान कर रहे हैं। जबकि उनके अपने शहर में कोई विकास नहीं हुआ। शहर चारों तरफ से खोद दिया गया है। सड़कों का बुरा हाल है। गत वर्ष मानसून में बारिश बहुत कम हुई। इसलिए मेयर व अधिकारियों के दावों की पोल खुलने से बच गई। चार माह बाद मानसून शुरू हो जाएगा। इस बार तो हालत और भी ज्यादा खराब है। यही वजह है कि मेयर हाउस की बैठक नहीं बुला रहे। यदि सीधे बजट की बैठक बुलाई जाती है तो उसमें बजट पर बाद में बात होगी। इससे पहले वार्डों की समस्या प्रमुखता से उठाई जाएगी।
विकास कार्य बिना रूके चल रहे हैं: मदन चौहान
मेयर मदन चौहान का कहना है कि शहर में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। मार्च माह में बैठक बुलाई जाएगी। वार्डों की समस्या से वह अनजान नहीं है। जो भी समस्या या शिकायत संज्ञान में आती है उसका तुरंत समाधान किया जाता है।
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यमुनानगर। नगर निगम हाउस की आम बैठक न करवा कर अब मार्च में सीधे बजट की बैठक कराने की तैयारी हो रही है। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मेयर को उनके सवालों का जवाब न देना पड़े। बजट की बैठक में मेयर व अधिकारी आय व व्यय का ब्योरा देकर चले जाएंगे। वार्डों की समस्या व लोगों की परेशानी को लेकर इसमें कोई बात नहीं हो पाएगी। गत वर्ष भी ऐसा ही हुआ था। बजट बैठक कुछ देर के लिए ही हुई थी। पार्षदों की समस्याओं को अन्य मुद्दों में रख दिया था। जिन पर बाद में किसी ने कोई बात नहीं की थी। पार्षदों को बैठक के होने का बेसब्री से इंतजार है। क्योंकि वह मेयर व अधिकारियों को घेरने को तैयार बैठे हैं।
सरकार ने खत्म की सभी बंदिशें
कोरोना महामारी के केस कुछ दिनों से बहुत कम आ रहे हैं। पहले सरकार ने पहली से 12वीं तक सभी कक्षाओं के लिए स्कूल खोले। जबकि दो दिन पूर्व कोरोना महामारी के बीच लगाई जा रही सभी बंदिशों को खत्म कर दिया। अब सिनेमा हॉल, रेस्टोरेंट व शादी समारोह में 50 प्रतिशत की बजाय फुल संख्या में लोग आ सकते हैं। गत माह 11 जनवरी को मेयर मदन चौहान ने हाउस की बैठक बुलाई थी। हालांकि इसके लिए कोई एजेंडा किसी पार्षद को नहीं भेजा गया था। दो दिन पहले ही मेयर ने कोरोना महामारी का हवाला देकर बैठक स्थगित कर दी। गत तीन वर्षों में हाउस की पांच-छह बैठक ही हो पाई हैं।
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सफाई के मुद्दे पर मेयर को घेरने की तैयारी
इस समय सफाई न होना शहर के लिए सबसे बड़ा मुद्दा है। खासकर 11 से 22 वार्डों में तो सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। चूंकि इन वार्डों में घरों से कूड़ा उठाने के लिए निगम को डोर-टू-डोर का टेंडर जनवरी में खत्म हो चुका है। तब से इन वार्डों में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल है। दूसरा लंबे समय से शहर में स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। कभी लाइटों का मामला पिटीशन कमेटी में गया तो कभी अन्य कारणों से शहर में अंधेरे में है। जो लाइट एक बार खराब हो गई उसे ठेकेदार महीनों तक ठीक नहीं करते।
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पार्षद बोले, विकास की पटरी से उतरा शहर
पार्षद विनोद मरवाह, देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान व हरमीन कोहली का कहना है कि नगर निगम केवल लोगों से टैक्स वसूलने के लिए रह गया है। विकास से न मेयर को कुछ लेना देना है और न ही अधिकारियों को। मेयर उत्तर प्रदेश व पंजाब में चुनाव प्रचार कर विकास का गुणगान कर रहे हैं। जबकि उनके अपने शहर में कोई विकास नहीं हुआ। शहर चारों तरफ से खोद दिया गया है। सड़कों का बुरा हाल है। गत वर्ष मानसून में बारिश बहुत कम हुई। इसलिए मेयर व अधिकारियों के दावों की पोल खुलने से बच गई। चार माह बाद मानसून शुरू हो जाएगा। इस बार तो हालत और भी ज्यादा खराब है। यही वजह है कि मेयर हाउस की बैठक नहीं बुला रहे। यदि सीधे बजट की बैठक बुलाई जाती है तो उसमें बजट पर बाद में बात होगी। इससे पहले वार्डों की समस्या प्रमुखता से उठाई जाएगी।
विकास कार्य बिना रूके चल रहे हैं: मदन चौहान
मेयर मदन चौहान का कहना है कि शहर में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। मार्च माह में बैठक बुलाई जाएगी। वार्डों की समस्या से वह अनजान नहीं है। जो भी समस्या या शिकायत संज्ञान में आती है उसका तुरंत समाधान किया जाता है।