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मंदिरों में गूंजे मां शैलपुत्री के जयकारे, दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
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Maa Shailputri's cheers echoed in the temples, devotees gathered for darshan
फोटो-- 5 से 7
मंदिरों में गूंजे मां शैलपुत्री के जयकारे, दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
- शारदीय नवरात्र का आगाज, श्रद्धालुओं ने घरों में की घट स्थापना, देवी मंदिर में सुबह लगा भक्तों का तांता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शारदीय नवरात्र पर्व का सोमवार को आगाज हुआ। पहले नवरात्र पर शहर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। वहीं, पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने घरों में स्थापित मंदिर में घट स्थापना की। साथ ही आठ दिन चलने वाले उपवास भी शुरू किए। मंगलवार को मां ब्रह्मचारिणी का पूजन होगा।
शहर के प्रसिद्ध बड़ी व छोटी देवी मंदिर में सुबह पांच बजे से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। सुबह के समय से ही श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में चुनरी और नारियल भेंट करने पहुंचे। श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्र पर्व पर मां भगवती की पूजा का विशेष महत्व है। इसलिए नवरात्र पर्व पर उपवास रखने से मां भगवती मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
बस स्टैंड रोड स्थित मंदिर श्री दुर्गा भवानी हेतू वाली, सेक्टर-7 कर्णेश्वर मंदिर, प्राचीन माता मनसा देवी मंदिर, प्राचीन काली माता मंदिर, पुराना सर्राफा बाजार स्थित शिव मंदिर, सेक्टर-8 के राम मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, रघुनाथ मंदिर व सतियां वाला मंदिर के अलावा विभिन्न मंदिरों में नवरात्र पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
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मां शैलपुत्री के पूजन से मिलती है मन को शांति
पंडित सतीश वशिष्ठ ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर्व का काफी महत्व है। पहले दिन मां भगवती के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। मां दुर्गा अपने पहले स्वरूप में मां शैलपुत्री के नाम से जानी जाती है। मां के इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करने से मन को शांति मिलती है। मां शैलपुत्री स्वरूप की पूजा से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में सुबह व शाम के समय विशेष आरती में काफी श्रद्धालु पहुंचे।
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मंदिरों में गूंजे मां शैलपुत्री के जयकारे, दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु
- शारदीय नवरात्र का आगाज, श्रद्धालुओं ने घरों में की घट स्थापना, देवी मंदिर में सुबह लगा भक्तों का तांता
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शारदीय नवरात्र पर्व का सोमवार को आगाज हुआ। पहले नवरात्र पर शहर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की सुबह से ही भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। वहीं, पर्व को लेकर श्रद्धालुओं ने घरों में स्थापित मंदिर में घट स्थापना की। साथ ही आठ दिन चलने वाले उपवास भी शुरू किए। मंगलवार को मां ब्रह्मचारिणी का पूजन होगा।
शहर के प्रसिद्ध बड़ी व छोटी देवी मंदिर में सुबह पांच बजे से श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। सुबह के समय से ही श्रद्धालु मां भगवती के दरबार में चुनरी और नारियल भेंट करने पहुंचे। श्रद्धालुओं का कहना है कि नवरात्र पर्व पर मां भगवती की पूजा का विशेष महत्व है। इसलिए नवरात्र पर्व पर उपवास रखने से मां भगवती मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
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बस स्टैंड रोड स्थित मंदिर श्री दुर्गा भवानी हेतू वाली, सेक्टर-7 कर्णेश्वर मंदिर, प्राचीन माता मनसा देवी मंदिर, प्राचीन काली माता मंदिर, पुराना सर्राफा बाजार स्थित शिव मंदिर, सेक्टर-8 के राम मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, रघुनाथ मंदिर व सतियां वाला मंदिर के अलावा विभिन्न मंदिरों में नवरात्र पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
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मां शैलपुत्री के पूजन से मिलती है मन को शांति
पंडित सतीश वशिष्ठ ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर्व का काफी महत्व है। पहले दिन मां भगवती के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। मां दुर्गा अपने पहले स्वरूप में मां शैलपुत्री के नाम से जानी जाती है। मां के इस स्वरूप की पूजा-अर्चना करने से मन को शांति मिलती है। मां शैलपुत्री स्वरूप की पूजा से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में सुबह व शाम के समय विशेष आरती में काफी श्रद्धालु पहुंचे।

Maa Shailputri's cheers echoed in the temples, devotees gathered for darshan

Maa Shailputri's cheers echoed in the temples, devotees gathered for darshan