फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Karnal boy will show his strength today Paris Olympics, was practicing for three years

Paris Olympics: आज दमखम दिखाएगा करनाल का छोरा, तीन साल से कर रहा था अभ्यास; पढ़ें संघर्ष की कहानी

Sat, 27 Jul 2024 08:40 AM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, करनाल (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, करनाल (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Sat, 27 Jul 2024 08:40 AM IST
सार

नौकायन की रोइंग प्रतियोगिता में करनाल के घरौंडा कस्बे के कैमला का बलराज भारत से एकमात्र खिलाड़ी है, जिसने ओलंपिक में क्वालीफाई किया है। बलराज ने साउथ कोरिया में आयोजित नौकायन की रोइंग प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल करते हुए ओलंपिक के लिए अपनी टिकट पक्की की।

विज्ञापन
Karnal boy will show his strength today Paris Olympics, was practicing for three years
खिलाड़ी बलराज - फोटो : संवाद

विस्तार

पेरिस ओलंपिक में दमखम दिखाने के लिए करनाल का छोरा तैयार है। बलराज की पहली क्वालीफाइंग प्रतियोगिता 27 जुलाई को है। पहले दिन नौकायन के रोइंग प्रतियोगिता में कुल छह देशों के मुकाबले होंगे। यह प्रतियोगिता भारतीय समयानुसार दोपहर 12:35 बजे शुरू होगी।

विज्ञापन


नौकायन की रोइंग प्रतियोगिता में करनाल के घरौंडा कस्बे के कैमला का बलराज भारत से एकमात्र खिलाड़ी है, जिसने ओलंपिक में क्वालीफाई किया है। बलराज ने साउथ कोरिया में आयोजित नौकायन की रोइंग प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल करते हुए ओलंपिक के लिए अपनी टिकट पक्की की। साउथ कोरिया की चुंगजु सिटी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रथम कजाखस्तान, द्वितीय इंडोनेशिया व भारत से बलराज ने तीसरे स्थान पर रहते हुए पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।
विज्ञापन


बलराज ने बताया कि ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना उसका अगला मुख्य लक्ष्य है, इसके लिए वह जी-तोड़ मेहनत कर रहा है। चार बहनों का यह भाई आर्थिक तंगी को भी मात देते हुए पहले अपनी काबिलियत के दम पर पहले आर्मी में चयनित हुआ। वहां भी इसने अपनी खेल की अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में परचम लहराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तीन साल से कर रहा था अभ्यास
बलराज के छोटे भाई संदीप ने बताया कि उसका भाई बलराज ओलंपिक क्वालीफाई करने के लिए पिछले तीन वर्ष से लगातार अभ्यास कर रहा था। वह नौकायन की एकल प्रतियोगिता रोइंगका खिलाड़ी है। बड़े भाई बलराज का पांच वर्ष पहले भारतीय सेना में चयन हुआ था। भाई की शुरू से ही खेलों में रुचि रही है।


मां और भाई-बहनों से दिया साथ
संदीप ने बताया कि उनके पिता कई वर्ष पहले देहांत हो गया था। परिवार की आय का मुख्य साधन कृषि ही रहा है। तीन बहनों के बाद चौथे नंबर पर बलराज है। बलराज ने पिता के देहांत के बाद भी अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए कामयाबी पाई है। कामयाबी के रास्ते में मां और हम भाई-बहनों ने उसका भरपूर साथ दिया। आज उसी का नतीजा है कि आज हमारा भाई ओलंपिक में खेलेगा। यह पूरे प्रदेश व कर्णनगरी के लिए गौरव की बात है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed