{"_id":"69cd72665bb33b1de801a5e8","slug":"japanese-technology-will-be-used-to-test-blood-in-the-civil-hospital-the-speed-will-increase-four-times-karnal-news-c-18-knl1018-877484-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: नागरिक अस्पताल में जापानी तकनीक से होगी रक्त की जांच, 4 गुना बढ़ेगी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: नागरिक अस्पताल में जापानी तकनीक से होगी रक्त की जांच, 4 गुना बढ़ेगी रफ्तार
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए नई जापानी तकनीक को शामिल किया जा रहा है। अस्पताल में फुली ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन लाई गई है। इसके शुरू होने के बाद रक्त की जांच प्रक्रिया की रफ्तार चार गुना तक बढ़ जाएगी। मशीन जापान की तकनीक पर आधारित है। दावा है कि इस मशीन की मदद से अब एक घंटे में करीब 200 रक्त के नमूनों की जांच की जा सकेगी। फिलहाल यह संख्या मात्र 50 के आसपास है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 2000 से लेकर 2500 के बीच ओपीडी होती है। ज्यादातर मरीजों की बीमारी या शारीरिक स्थिति को देखते हुए रक्त की जांच का सुझाव देते हैं। मरीजों को सुबह डॉक्टर के पास चेकअप कराने के बाद बारी का इंतजार करते हुए रक्त नमूने लैब में देने पड़ते हैं। इसके बाद लंबी प्रक्रिया और इंतजार के बाद शाम तक या अगले दिन रिपोर्ट मिलती है। नई मशीन से उम्मीद है कि मरीजों को रिपोर्ट के लिए अगले दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, उन्हें सुबह नमूना देने पर दोपहर तक रिपोर्ट मिल जाएगी।
लैब प्रबंधन के अनुसार, नई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पूरी तरह ऑटोमैटिक है। मानव हस्तक्षेप कम होगा और रक्त जांच रिपोर्ट की सटीकता भी बढ़ेगी। मशीन एक साथ बड़ी संख्या में नमूनों की जांच करने में सक्षम है। इससे लैब की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
-- -
जांच की संख्या बढ़ने की भी पूरी संभावना
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 200 से 250 बायोकेमिस्ट्री के सैंपल ही लिए जाते हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट जारी करने में ही पांच से छह घंटे और कई बार शाम तक का समय बीत जाता है। अब नई मशीन आने से इतने सैंपलों की रिपोर्ट मात्र घंटेभर में ही जारी हो जाएगी।
-- -
अगले सप्ताह तक शुरू होगी
अस्पताल प्रशासन ने मशीन को पूरी तरह चालू करने के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर अपडेट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए मांग डीजी कार्यालय भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही सॉफ्टवेयर अपडेट की प्रक्रिया पूरी होगी, मशीन को शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह मशीन अगले सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है।
-- -
- मेडिकल कॉलेज में ऐसी मशीन डेढ़ माह से बंद
जिले में केवल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन ही उपलब्ध है, अन्य किसी भी सरकारी संस्थान में ऐसी मशीन नहीं थी। मेडिकल कॉलेज में मशीन करीब डेढ़ माह से बंद है।
वर्जन –
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में जरूरी सॉफ्टवेयर को अपडेट कराने के लिए मुख्यालय को पत्र लिख दिया गया है। अगले सप्ताह से यह मशीन शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, जिला नागरिक अस्पताल
-- -
विज्ञापन
करनाल। जिला नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए नई जापानी तकनीक को शामिल किया जा रहा है। अस्पताल में फुली ऑटोमैटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन लाई गई है। इसके शुरू होने के बाद रक्त की जांच प्रक्रिया की रफ्तार चार गुना तक बढ़ जाएगी। मशीन जापान की तकनीक पर आधारित है। दावा है कि इस मशीन की मदद से अब एक घंटे में करीब 200 रक्त के नमूनों की जांच की जा सकेगी। फिलहाल यह संख्या मात्र 50 के आसपास है।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना 2000 से लेकर 2500 के बीच ओपीडी होती है। ज्यादातर मरीजों की बीमारी या शारीरिक स्थिति को देखते हुए रक्त की जांच का सुझाव देते हैं। मरीजों को सुबह डॉक्टर के पास चेकअप कराने के बाद बारी का इंतजार करते हुए रक्त नमूने लैब में देने पड़ते हैं। इसके बाद लंबी प्रक्रिया और इंतजार के बाद शाम तक या अगले दिन रिपोर्ट मिलती है। नई मशीन से उम्मीद है कि मरीजों को रिपोर्ट के लिए अगले दिन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, उन्हें सुबह नमूना देने पर दोपहर तक रिपोर्ट मिल जाएगी।
विज्ञापन
लैब प्रबंधन के अनुसार, नई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पूरी तरह ऑटोमैटिक है। मानव हस्तक्षेप कम होगा और रक्त जांच रिपोर्ट की सटीकता भी बढ़ेगी। मशीन एक साथ बड़ी संख्या में नमूनों की जांच करने में सक्षम है। इससे लैब की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
जांच की संख्या बढ़ने की भी पूरी संभावना
अस्पताल प्रशासन के अनुसार वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 200 से 250 बायोकेमिस्ट्री के सैंपल ही लिए जाते हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट जारी करने में ही पांच से छह घंटे और कई बार शाम तक का समय बीत जाता है। अब नई मशीन आने से इतने सैंपलों की रिपोर्ट मात्र घंटेभर में ही जारी हो जाएगी।
अगले सप्ताह तक शुरू होगी
अस्पताल प्रशासन ने मशीन को पूरी तरह चालू करने के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर अपडेट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए मांग डीजी कार्यालय भेजी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही सॉफ्टवेयर अपडेट की प्रक्रिया पूरी होगी, मशीन को शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह मशीन अगले सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है।
- मेडिकल कॉलेज में ऐसी मशीन डेढ़ माह से बंद
जिले में केवल कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में ही बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन ही उपलब्ध है, अन्य किसी भी सरकारी संस्थान में ऐसी मशीन नहीं थी। मेडिकल कॉलेज में मशीन करीब डेढ़ माह से बंद है।
वर्जन –
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में जरूरी सॉफ्टवेयर को अपडेट कराने के लिए मुख्यालय को पत्र लिख दिया गया है। अगले सप्ताह से यह मशीन शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. दीपक गोयल, प्रवक्ता, जिला नागरिक अस्पताल