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Karnal News: सांप कहीं भी काटे, एंटीडोज लगवाने आना पड़ेगा जिला नागरिक अस्पताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Jul 2025 03:03 AM IST
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If you get bitten by a snake anywhere, you will have to come to the district civil hospital to get the antidote
- जिले के अन्य सरकारी अस्पताल में नहीं सृपदंश के इलाज की व्यवस्था
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संवाद न्यूज एजेंसी

करनाल। गर्मी और बारिश में सांप काटने के मामले बढ़े हैं लेकिन जिला नागरिक अस्पताल को छोड़कर अन्य किसी सरकारी अस्पताल में एंटीडोज उपलब्ध नहीं है। जिले के किसी भी कोने में किसी को सांप डसे तो उसे एंटी वेनम लगवाने के लिए करनाल के जिला अस्पताल ही आना होगा।
जिला नागरिक अस्पताल के आंकड़े यहीं बता रहे हैं। मई में 16 और जून में यह संख्या बढ़कर 22 हो गई है। पूरे जिले में केवल नागरिक अस्पताल में ही सांप के जहर का इलाज मौजूद है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. दीपक गोयल ने बताया कि बारिश आते ही सांप काटने के मामले अस्पताल में तेजी से आ रहे हैं, लेकिन सभी को समय पर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जिससे उनकी जान बचाई जा सकी। साथ ही उन्होंने यह भी हिदायत दी कि बरसात के मौसम यानी जुलाई से सितंबर के बीच सांपों से सतर्क रहें।
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लोग लापरवाही बरतेंगे या झाड़-फूंक में समय खराब करेंगे तो हालात गंभीर हो सकती हैं। डॉ. गोयल के अनुसार, खेत, झाड़ियों, गड्ढों और मकानों के आसपास पानी भरने के कारण सांप की सक्रियता बरसात में कई गुना बढ़ जाती है। आमतौर पर रात के समय सांप बाहर निकलते हैं और इंसानों के संपर्क में आ जाते हैं। पिछले वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि जुलाई से सितंबर के बीच सांप काटने के मामले सबसे ज्यादा आते हैं।
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समय पर पहुंचना होगा अस्पताल
डॉ. गोयल ने बताया कि सांप के जहर का इलाज यानी एंटीवेनम केवल नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है। जिसमें कोबरा, कॉमन क्रेट, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर जैसे खतरनाक सांपों के काटने पर दिए जाने वाला एंटीवेनम है। उन्होंने बताया कि एंटीवेनम की एक वायल शीशी से 10 लोगों को एंटीडोज देकर जान बचाई जा सकती है। वहीं, जिस भी इंसान को सांप ने काटा है चाहे वह किसी भी उम्र का हो सभी को एक ही मात्रा में एंटीडोज दिया जाता है लेकिन शरीर में जहर कितना गया है यह देखना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि मरीज को बिना देरी किए सीधे नागरिक अस्पताल पहुंचाना ही एकमात्र विकल्प है।


झाड़-फूंक में उलझना पड़ सकता है भारी
डॉ. गोयल ने कहा कि कई बार लोग सांप के काटने के बाद तांत्रिकों, ओझाओं या देसी इलाज में समय खराब कर देते हैं, जिससे मरीज की हालत और बिगड़ जाती है। जहर का असर कई बार धीरे-धीरे शरीर में फैलता है और तब तक इलाज न मिलने से जान चली जाती है। केवल अस्पताल में मिलने वाला एंटीवेनम ही इसका इलाज है, बाकी सब तरीके जान को खतरे में डाल सकते हैं।


इन बातों का रखें ध्यान
खेतों में काम करते समय मजबूत जूते और फुल पैंट पहनें। रात के समय टॉर्च लेकर चलें। घर के आसपास घास, झाड़ियां और कूड़ा-कचरा न जमा होने दें। खुले में जमीन पर न सोएं। अगर किसी को सांप काट ले तो मरीज को शांत रखें और तुरंत नागरिक अस्पताल पहुंचाएं।
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