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Karnal News: कैसे होगी निगरानी, 85 फीसदी केंद्रों में नहीं सीसीटीवी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Feb 2025 02:20 AM IST
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How will monitoring be done, 85 percent centers do not have CCTV
करनाल। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं वीरवार से शुरू होने जा रही हैं। इन परीक्षाओं को नकलरहित बनाने के लिए बोर्ड ने दावा है कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की तर्ज पर सीसीटीवी से ऑनलाइन निगरानी रखी जाएगी, लेकिन धरातल पर विभाग के दावे फेल नजर आ रहे हैं। चूंकि जिले के 85 फीसदी परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी ही नहीं हैं।
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अमर उजाला की टीम ने इसकी पड़ताल की तो यह चौंकाने वाले हालात सामने आए। इस बारे में जब शिक्षा अधिकारियों से बात की तो वे भी स्तब्ध रह गए। वहीं केंद्र बने स्कूल मुखियाओं से बात की तो उन्होंने कहा कि हमारे विद्यालय भवनों में कैमरे नहीं हैं और न ही बोर्ड की ओर से इसके लिए कोई व्यवस्था की गई है। हालांकि अधिकारियों से सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षाएं कराने का दावा किया गया है।
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विदित हो कि इस बार नकल की रोकथाम के लिए बोर्ड की ओर से ऐसे स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाने का दावा किया गया था, जहां पर सीसीटीवी लगे हों। करनाल जिले में 79 स्कूलों को केंद्र बनाया है, इनमें से 57 केंद्र राजकीय विद्यालयों के भवनों में हैं। इधर, शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जिले में महज 10 प्रतिशत राजकीय स्कूलों में ही सीसीटीवी हैं, इनमें भी पीएमश्री के अलावा मॉडल संस्कृति के अलावा कुछ प्रमुख स्कूल ही शामिल हैं। जिन केंद्रों में सीसीटीवी नहीं हैं, इनमें ग्रामीण क्षेत्र के लगभग सभी के अलावा करनाल शहर के प्रमुख स्कूल भी शामिल हैं, जहां केवल कॉरिडोर में या प्रवेश द्वार पर ही सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी लगे हुए हैं। जिले में 778 राजकीय स्कूल हैं।
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इन तीन केंद्रों के हालात से समझें स्थिति

केंद्र-1

राहड़ा स्कूल भवन नया पर कैमरे नहीं लगे

असंध के जीएसएसएस राहड़ा के प्रिंसिपल सुधीर अहलावत ने बताया कि 15 प्रतिशत स्कूलों में ही सीसीटीवी की व्यवस्था है। हरियाणा बोर्ड की ओर से कैमरे नहीं लगाए गए। न ही स्कूल के पास कैमरों के लिए बजट है। हालांकि स्कूल का भवन नया है। ऐसे में दरवाजे, खिड़कियां व रोशनी के इंतजाम पर्याप्त हैं। सीसीटीवी लगवाने के लिए करीब 70 हजार रुपये तक का खर्च आएगा। नियम के अनुसार, 50 हजार रुपये से अधिक खर्च के लिए जिला शिक्षा अधिकारी की अनुमति लेनी होती है।

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केंद्र-2

सीसीटीवी के लिए कोई बजट नहीं

अराईंपुरा के राजकीय स्कूल की प्रिंसिपल अनिता रानी का कहना है कि उनके स्कूल में कैमरे नहीं हैं। न ही उनके पास इसके लिए कोई बजट है। विभाग की ओर से भी सीसीटीवी लगवाने के लिए कोई फंड नहीं भेजा गया है। परीक्षाओं के लिए सामग्री बोर्ड की ओर से वितरित कर दी गई है, लेकिन केंद्रों में बोर्ड ने सीसीटीवी नहीं लगवाए। नकल रोकने के लिए अन्य इंतजाम हैं।

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केंद्र-3

भर्ती परीक्षाओं में एजेंसी लगाती है कैमरे

प्रेमनगर के स्कूल की प्रिंसिपल संतोष का कहना है कि उनका स्कूल भवन भर्ती परीक्षाओं में भी केंद्र बनाया जाता है। बोर्ड ने भी स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया है, लेकिन सीसीटीवी नहीं लगवाए, हालांकि कहा गया था कि केंद्रों में सीसीटीवी लगे होना जरूरी है। भर्ती परीक्षाओं में भी निजी एजेंसी कैमरे लगाती है, गांव के अलावा शहर के स्कूलों में भी कैमरे नहीं हैं।




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यहां इतने बने हैं परीक्षा केंद्र

उपमंडल
केंद्र
राजकीय स्कूल
निजी स्कूल

असंध
15
12
03

घरौंडा
12
11
01

इंद्री
08
08
00

करनाल
44
34
10



वर्जन

उड़नदस्ते बनाए, ऑनलाइन निगरानी का नहीं पता

भर्ती परीक्षाओं की तर्ज पर निगरानी की व्यवस्था करने के लिए हरियाणा बोर्ड की ओर से कहा गया है। लेकिन स्कूलों में सीसीटीवी लगवाने के लिए कोई व्यवस्था बोर्ड ने नहीं की है। ज्यादातर राजकीय विद्यालयों में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। ऐसे में निगरानी कैसे होगी, इस बारे कुछ नहीं कह सकते। नकलरहित परीक्षाओं के लिए उड़नदस्ते बनाए हैं। इनमें बोर्ड के अलावा डीईओ, एसडीएम की फ्लाइंग स्क्वायड शामिल है।
- सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी
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