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करनाल: आढ़तियों के ब्याज और आढ़त के 65 करोड़ रुपये दिलाने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट

Sat, 13 Nov 2021 02:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो देव शर्मा, अमर उजाला, करनाल
देव शर्मा, अमर उजाला, करनाल Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 13 Nov 2021 02:42 AM IST
सार

  • हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने उच्च न्यायालय में की याचिका दायर
  • आढ़तियों का ब्याज, आढ़त के 65 करोड़ नहीं मिलने का मामला
  • 2019-20 में धान व गेहूं की खरीद में देरी का दिया गया हवाला

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High Court reached the matter of getting Rs 65 crore of brokerage in Karnal
अनाज मंडी - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा की करीब 115 अनाज मंडियों में फसल खरीद का कार्य कर रहे करीब 35 हजार आढ़तियों का दावा है कि पिछले खरीद सत्रों में ब्याज व आढ़त का करीब 65 करोड़ रुपया सरकार पर बकाया है। लगातार मांग के बाद भी सरकार यह राशि आढ़तियों को नहीं दे पा रही है। इसलिए अब यह मामला पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में पहुंच गया है। हरियाणा अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने इस राशि को दिलाने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। आढ़तियों का कहना है कि 2019-20 में धान व गेहूं की खरीद में काफी विलंब किया गया। 

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जिसमें प्रदेशभर के करीब 35 हजार आढ़तियों का लगभग 25 करोड़ रुपये का ब्याज बना, जिसका भुगतान हरियाणा सरकार ने आज तक नहीं किया। इसके बाद 2020 में गेहूं की खरीद की गई। इसका भुगतान किसानों को आढ़तियों के माध्यम से किया गया था। सरकार ने कहा कि आढ़तियों ने किसानों को देर से भुगतान किया है। जिसका ब्याज किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए आढ़तियों से करीब 20 रुपये ब्याज के नाम पर आढ़तियों से काट लिया गया, लेकिन आज तक यह ब्याज की राशि न किसानों को दी गई, न आढ़तियों को वापस की गई है। 
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इसके अलावा 2021 में गेहूं की खरीद के समय हरियाणा सरकार ने आढ़तियों को 2.5 प्रतिशत आढ़त (दामी) देने का वायदा किया था। जिसके अनुसार आढ़त 49.37 रुपये प्रति क्विंटल बनती थी, लेकिन केंद्र सरकार ने आढ़त 46 रुपये प्रति क्विंटल की दर से ही दी है। इसका भी करीब 20 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि बनती है। तीनों मामलों में करीब 65 करोड़ रुपये की धनराशि ऐसी है, जो आढ़तियों को दी जानी है, लेकिन सरकार आढ़तियों को नहीं दे रही है।
 
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हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के स्टेट चेयरमैन रजनीश चौधरी ने बताया कि जब कई बार सरकार से मांग करने के बावजूद आढ़तियों को यह ब्याज व आढ़त की धनराशि नहीं दी गई तो अब एसोसिएशन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में हरियाणा राज्य बनाम आढ़ती एसोसिएशन याचिका दायर की है। अभी सुनवाई की तिथि तय नहीं हुई है।

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