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Karnal News: रिश्वत लेने के आरोपी हैफेड प्रबंधक और महाप्रबंधक निलंबित
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- एक दिसंबर को एंटी करप्शन ब्यूरो ने रिश्वत लेते रंगे हाथों किया था गिरफ्तार
- प्रबंध निदेशक ने कार्य का किया विभाजन, स्टाफ बदला
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक दिसंबर को रिश्वत लेने के आरोप में हैफेड तरावड़ी के महाप्रबंधक व प्रबंधक को गिरफ्तार किया था। जिन्हें हैफेड के प्रबंध निदेशक जे. गणेशन ने निलंबित कर दिया है। जबकि कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत आरोपी अकाउंटेंट की सेवाएं गिरफ्तारी के बाद समाप्त कर दी गई थी। आरोपी जीएम के कार्य को विभाजित करके नए अधिकारियों को कार्यभार सौंप दिया गया है।
हैफेड के प्रबंध निदेशक जे.गणेशन ने बताया कि हैफेड तरावड़ी के महाप्रबंधक प्रदीप हुड्डा व प्रबंधक धर्मबीर को निलंबित कर दिया गया है। जीएम प्रदीप के पास जीएम पेस्टीसाइड, राइस मिल व एजीएम हैफेड शुगर मिल असंध का कार्यभार भी था। अब प्रदीप को निलंबित किए जाने के बाद तरावड़ी हैफेड का नया महाप्रबंधक कृष्ण श्योराण को बनाया गया है, उन्हें जीएम राइस मिल, फ्लोर मिल और एक्सपोर्ट हाउस का कार्यभार दिया गया है, जबकि एक्सपोर्ट हाउस के सुनील कुमार को तरावड़ी में हैफेड जीएम बनाया गया है, उन्हें शुगर मिल असंध के डिप्टी जीएम का कार्यभार भी दिया गया है।
धर्मबीर के निलंबन के बाद फील्ड स्टाफ के सत्यनारायण को प्रबंधक का कार्यभार सौंपा गया है। बर्खास्त किए गए अकाउंटेट का कार्य भी वहीं पर अन्य कर्मचारी को सौंप दिया गया है। विभागीय जांच भी की जा रही है। अधिकारियों को पूरी ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ कार्य करने की हिदायत दी गई है। इसके साथ-साथ पहले से चल रहे मामलों पर सख्ती के साथ कार्रवाई करने व वसूली के भी दिए गए हैं।
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इधर, हैफेड के प्रबंध निदेशक के भ्रष्टाचार के मामले पर कड़े रुख से हैफेड की सभी संस्थानों में खलबली मच गई है। अधिकारी सतर्क नजर आने लगे हैं।
ये है मामला
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल को हैफेड तरावड़ी के जीएम प्रदीप हुड्डा, प्रबंधक धर्मबीर और आउट सोर्सिंग पर कार्यरत अकाउंटेंट अजय द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया था कि उसके 36 लाख 50 हजार रुपये के बिल पेंडिंग हैं। जिसे पास करने के लिए तरावड़ी के हैफेड जीएम, प्रबंधक और अकाउंटेंट ने 12.50 लाख रुपये की मांग की है। इसके बाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार और सचिन कुमार की टीम ने एक दिसंबर को तीनों को 4.60 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा था। बाद में उनके पास से कुल 12.52 लाख रुपये बरामद हुए थे। वहीं अगले दिन रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में टीम ने महाप्रबंधक प्रदीप हुड्डा के घर से 72 लाख रुपये और बरामद किए थे। आरोपी फिलहाल जेल में हैं।
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- प्रबंध निदेशक ने कार्य का किया विभाजन, स्टाफ बदला
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक दिसंबर को रिश्वत लेने के आरोप में हैफेड तरावड़ी के महाप्रबंधक व प्रबंधक को गिरफ्तार किया था। जिन्हें हैफेड के प्रबंध निदेशक जे. गणेशन ने निलंबित कर दिया है। जबकि कौशल रोजगार निगम के तहत कार्यरत आरोपी अकाउंटेंट की सेवाएं गिरफ्तारी के बाद समाप्त कर दी गई थी। आरोपी जीएम के कार्य को विभाजित करके नए अधिकारियों को कार्यभार सौंप दिया गया है।
हैफेड के प्रबंध निदेशक जे.गणेशन ने बताया कि हैफेड तरावड़ी के महाप्रबंधक प्रदीप हुड्डा व प्रबंधक धर्मबीर को निलंबित कर दिया गया है। जीएम प्रदीप के पास जीएम पेस्टीसाइड, राइस मिल व एजीएम हैफेड शुगर मिल असंध का कार्यभार भी था। अब प्रदीप को निलंबित किए जाने के बाद तरावड़ी हैफेड का नया महाप्रबंधक कृष्ण श्योराण को बनाया गया है, उन्हें जीएम राइस मिल, फ्लोर मिल और एक्सपोर्ट हाउस का कार्यभार दिया गया है, जबकि एक्सपोर्ट हाउस के सुनील कुमार को तरावड़ी में हैफेड जीएम बनाया गया है, उन्हें शुगर मिल असंध के डिप्टी जीएम का कार्यभार भी दिया गया है।
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धर्मबीर के निलंबन के बाद फील्ड स्टाफ के सत्यनारायण को प्रबंधक का कार्यभार सौंपा गया है। बर्खास्त किए गए अकाउंटेट का कार्य भी वहीं पर अन्य कर्मचारी को सौंप दिया गया है। विभागीय जांच भी की जा रही है। अधिकारियों को पूरी ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ कार्य करने की हिदायत दी गई है। इसके साथ-साथ पहले से चल रहे मामलों पर सख्ती के साथ कार्रवाई करने व वसूली के भी दिए गए हैं।
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इधर, हैफेड के प्रबंध निदेशक के भ्रष्टाचार के मामले पर कड़े रुख से हैफेड की सभी संस्थानों में खलबली मच गई है। अधिकारी सतर्क नजर आने लगे हैं।
ये है मामला
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) करनाल को हैफेड तरावड़ी के जीएम प्रदीप हुड्डा, प्रबंधक धर्मबीर और आउट सोर्सिंग पर कार्यरत अकाउंटेंट अजय द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया था कि उसके 36 लाख 50 हजार रुपये के बिल पेंडिंग हैं। जिसे पास करने के लिए तरावड़ी के हैफेड जीएम, प्रबंधक और अकाउंटेंट ने 12.50 लाख रुपये की मांग की है। इसके बाद इंस्पेक्टर दीपक कुमार और सचिन कुमार की टीम ने एक दिसंबर को तीनों को 4.60 लाख रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा था। बाद में उनके पास से कुल 12.52 लाख रुपये बरामद हुए थे। वहीं अगले दिन रिमांड पर लेकर की गई पूछताछ में टीम ने महाप्रबंधक प्रदीप हुड्डा के घर से 72 लाख रुपये और बरामद किए थे। आरोपी फिलहाल जेल में हैं।