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Karnal News: करनाल-यमुनानगर के बीच बनेंगे पांच रेलवे स्टेशन
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- डीपीआर होगी तैयार, 64 से घटकर 61 किमी. होगी दूरी, बजट में घोषणा से वर्षों पुरानी परियोजना सिरे चढ़ने की जगी आस
गगन तलवार
करनाल। करनाल से यमुनानगर तक रेल लाइन निर्माण के दौरान तीन जिलों के पांच ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेलवे स्टेशन बनेंगे। करनाल से यमुनानगर का वर्तमान का रेल का सफर भी आधा हो जाएगा। इससे जहां इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी, वहीं व्यापार की दृष्टि से भी लाभ होगा।
उत्तर रेलवे की ओर से नई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इससे पुरानी डीपीआर का 64 किलोमीटर लंबा सफर घटकर 61 किलोमीटर होगा। जोकि वर्तमान में अंबाला के रास्ते यमुनानगर तक जाने की कुल 121 किलोमीटर की दूरी का आधा है। 61 किलोमीटर दूरी को लेकर सर्वे हो चुका है।
हरियाणा प्रदेश के पिछले दिनों जारी हुए बजट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस रेल लाइन का जिक्र किया तो वर्षों पुरानी परियोजना के सिरे चढ़ने की आस जगी है। एचआरआईडीसी (हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के व्यवहार्यता अध्ययन के आधार पर उत्तर रेलवे नई परियोजना रिपोर्ट बना रहा है। इसके रेल मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही धरातल पर कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से परियोजना को हरी झंडी पहले ही दी जा चुकी है।
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हरिद्वार से भी जुड़ेगा करनाल
करनाल और यमुनानगर का राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ाव है जिससे औद्योगिक सामान और कच्चे माल को स्थानांतरित करने में मदद मिलेगी। डीपीआर के अनुसार, नई लाइन, दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित भैणी-खुर्द स्टेशन और अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर स्थित जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से जुड़ेगी। इससे करनाल को हरिद्वार से भी सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। अभी यहां के ज्यादातर लोग सड़क मार्ग से ही हरिद्वार जाते हैं।
575 एकड़ भूमि की जरूरत
रेलवे एक्टिविस्ट इंजीनियर राजीव का कहना है कि डीपीआर के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 575 एकड़ भूमि की जरूरत है। इसके लिए सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण की जाएगी। करनाल से यमुनानगर के बीच में करनाल जिले में रंभा और इंद्री, कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा व यमुनानगर के रादौर और दामला में स्टेशन बनेगा। परियोजना को सिरे चढ़ाने में करीब 1200 करोड़ की लागत आएगी। नहर, नालों पर करीब 100 पुल भी बनेंगे।
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गगन तलवार
करनाल। करनाल से यमुनानगर तक रेल लाइन निर्माण के दौरान तीन जिलों के पांच ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेलवे स्टेशन बनेंगे। करनाल से यमुनानगर का वर्तमान का रेल का सफर भी आधा हो जाएगा। इससे जहां इन क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी, वहीं व्यापार की दृष्टि से भी लाभ होगा।
उत्तर रेलवे की ओर से नई डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इससे पुरानी डीपीआर का 64 किलोमीटर लंबा सफर घटकर 61 किलोमीटर होगा। जोकि वर्तमान में अंबाला के रास्ते यमुनानगर तक जाने की कुल 121 किलोमीटर की दूरी का आधा है। 61 किलोमीटर दूरी को लेकर सर्वे हो चुका है।
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हरियाणा प्रदेश के पिछले दिनों जारी हुए बजट में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस रेल लाइन का जिक्र किया तो वर्षों पुरानी परियोजना के सिरे चढ़ने की आस जगी है। एचआरआईडीसी (हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के व्यवहार्यता अध्ययन के आधार पर उत्तर रेलवे नई परियोजना रिपोर्ट बना रहा है। इसके रेल मंत्रालय से स्वीकृति मिलते ही धरातल पर कार्य शुरू हो जाएगा। हालांकि प्रदेश सरकार की ओर से परियोजना को हरी झंडी पहले ही दी जा चुकी है।
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हरिद्वार से भी जुड़ेगा करनाल
करनाल और यमुनानगर का राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़ाव है जिससे औद्योगिक सामान और कच्चे माल को स्थानांतरित करने में मदद मिलेगी। डीपीआर के अनुसार, नई लाइन, दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित भैणी-खुर्द स्टेशन और अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर स्थित जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से जुड़ेगी। इससे करनाल को हरिद्वार से भी सीधी कनेक्टिविटी मिल सकेगी। अभी यहां के ज्यादातर लोग सड़क मार्ग से ही हरिद्वार जाते हैं।
575 एकड़ भूमि की जरूरत
रेलवे एक्टिविस्ट इंजीनियर राजीव का कहना है कि डीपीआर के अनुसार, पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 575 एकड़ भूमि की जरूरत है। इसके लिए सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण की जाएगी। करनाल से यमुनानगर के बीच में करनाल जिले में रंभा और इंद्री, कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा व यमुनानगर के रादौर और दामला में स्टेशन बनेगा। परियोजना को सिरे चढ़ाने में करीब 1200 करोड़ की लागत आएगी। नहर, नालों पर करीब 100 पुल भी बनेंगे।