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बेहतर माहौल में बात करें किसान : मनोहर लाल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jan 2025 02:04 AM IST
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Farmers should talk in better environment: Manohar Lal
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। केंद्रीय मंत्री एवं सांसद मनोहर लाल रविवार देर शाम करनाल पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं, जिसमें असंध को जिला बनाने, बड़ा गांव को उप मंडल बनाने का भी मुद्दा उठा।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों के मामले को पंजाब सरकार का अधिक बताते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी केंद्र सरकार ने दो तीन बार किसानों को बातचीत के लिए बुलाया लेकिन वह नहीं आए। किसानों की ओर से कोई सशर्त बातचीत ठीक नहीं है, आपस में बैठकर बेहतर माहौल में बातचीत करें, तो समाधान अवश्य निकलेगा।
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केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल का रविवार की शाम को भाजपा कार्यालय कर्ण कमल पहुंचने पर जिले के विधायकों और जिलाध्यक्ष बृज गुप्ता आदि ने स्वागत किया। यहां पहले से मौजूद जिलेभर के लोगों ने अपनी समस्याएं केंद्रीय मंत्री को बताईं और अपने मांग पत्र भी सौंपे।
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इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि कोई कार्य है तो उसे लिखित में दे दें, ताकि वह कार्यवाही के लिए आगे बढ़ जाए। यहां पहुंचे लोगों ने जब असंध को जिला बनाने और बड़ा गांव को उपमंडल बनाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया तो केंद्रीय मंत्री ने कहा कि असंध के विधायक कहीं गायब हो गए क्या। तो लोगों ने कहा कि वह साथ में ही खड़े हैं, उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार से संबंधित कार्य है, वह विधायकों को दे दें, मैं भी ये प्रार्थना पत्र इन्हें ही दूंगा, मैं वकालत कर दूंगा, जो कार्य दिल्ली से होने वाले हैं, वह मुझे दे देना।

उन्होंने कहा कि असंध के जिला बनने, बड़ा गांव के उपमंडल बनने का भी मामला प्रदेश सरकार का है।
बाद में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि करनाल के लोगों ने उन्हें सांसद चुना है तो यहां आनाजाना तो रहता ही है। जहां तक किसानों के आंदोलन की बात है तो ये मामला पंजाब सरकार का ज्यादा है। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों से बातचीत के लिए कमेटी भी बनाई थी लेकिन किसान बातचीत के लिए नहीं आए, फिर उन्हें बातचीत के लिए पंचकूला भी बुलाया गया लेकिन वह वहां भी नहीं आए। अब वह कोई सशर्त बात करना चाहते हैं तो ठीक नहीं है, बातचीत खुले माहौल में मिलजुल कर होनी चाहिए, तो निश्चित तौर पर समाधान निकलेगा। विधानसभा चुनाव के दौरान बगावती पार्षदों की भाजपा में वापसी के सवाल को उन्होंने संगठन का आंतरिक मामला बताते हुए टाल दिया।
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