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किसानों को मिले लागत आधारित मूल्य : आर्य
Fri, 06 Dec 2024 02:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Fri, 06 Dec 2024 02:19 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। नई अनाज मंडी स्थित किसान भवन में केदार सिंह की अध्यक्षता में वीरवार को भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा कि लगभग 75 वर्षों से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, किसानों को फसलों के लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए, जिसे किसान भी देश के सभी भाइयों के साथ आर्थिक स्थिति में कामयाब हो सके।
उन्होंने कहा कि किसान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। किसान कर्ज में दब चुका है और आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार की ओर से 2021 में जो किसानों के साथ वादा किया था उनका पूरा करें। किसानों को एमएसपी प्लस 50 के आधार पर कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए।
जब तक लाभकारी मूल्य नहीं मिलता तब तक किसने की सब्सिडी जारी रहनी चाहिए और कर्ज बिना ब्याज के दिया जाए। भूमि ग्रहण अधिनियम में संशोधन किया जाए और डीसी रेट से 4 गुना अधिक देकर, 10 साल तक दस हजार प्रति एकड़ रेंट दिया जाए, ताकि किसान अपना गुजारा कर सके। बैठक में भीम सिंह, बलबीर सिंह, राम सिंह, राजेंद्र, रामपाल, सिरसा सिंह, बलबीर सिंह, केदारनाथ, टेकचंद आदि किसानों ने हिस्सा लिया।
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घरौंडा। नई अनाज मंडी स्थित किसान भवन में केदार सिंह की अध्यक्षता में वीरवार को भारतीय किसान यूनियन की बैठक हुई। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा कि लगभग 75 वर्षों से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है, किसानों को फसलों के लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य मिलना चाहिए, जिसे किसान भी देश के सभी भाइयों के साथ आर्थिक स्थिति में कामयाब हो सके।
उन्होंने कहा कि किसान की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। किसान कर्ज में दब चुका है और आत्महत्या कर रहे हैं। सरकार की ओर से 2021 में जो किसानों के साथ वादा किया था उनका पूरा करें। किसानों को एमएसपी प्लस 50 के आधार पर कानूनी गारंटी दी जाए। किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए।
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जब तक लाभकारी मूल्य नहीं मिलता तब तक किसने की सब्सिडी जारी रहनी चाहिए और कर्ज बिना ब्याज के दिया जाए। भूमि ग्रहण अधिनियम में संशोधन किया जाए और डीसी रेट से 4 गुना अधिक देकर, 10 साल तक दस हजार प्रति एकड़ रेंट दिया जाए, ताकि किसान अपना गुजारा कर सके। बैठक में भीम सिंह, बलबीर सिंह, राम सिंह, राजेंद्र, रामपाल, सिरसा सिंह, बलबीर सिंह, केदारनाथ, टेकचंद आदि किसानों ने हिस्सा लिया।
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