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Karnal News: नहीं मिल रहे भाव, धान वापस ले जा रहे किसान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Sep 2023 02:41 AM IST
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Farmers are not getting the price, they are taking back the paddy
करनाल। हरियाणा सरकार ने अभी तक धान खरीद पॉलिसी जारी नहीं की है, जिसके कारण धान खरीद की तैयारियां ही आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। जिससे समयपूर्व खरीद शुरू होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर मंडियों में पीआर धान की आवक शुरू हो चुकी है। हालांकि पिछले तीन दिनों से हुई बारिश ने फिलहाल कटाई प्रभावित कर दी है, जिससे किसानों ने धान की कटाई ठहर गई। लेकिन जो किसान मंडियों में धान लेकर आए हैं, उन्हें लागत के मुताबिक भी भाव नहीं मिलने के कारण वह धान को मंडियों से वापस घर ले जा रहे हैं।
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अधिकांश किसानों को धान खरीद शुरू होने का बेसब्री से इंतजार है, उनकी निगाहें मंडियों में खरीद शुरू होने पर टिकी है।

करनाल सहित जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में कई दिनों से पीआर-26 (मोटा धान) की आवक हो रही है। सोमवा्र को आवक काफी कम रही, क्योंकि बारिश के कारण खेतों में कंबाइन आदि नहीं चल पाने से कटाई ठहर गई है। लेकिन कुछ किसान ऐसे हैं, जो पीआर धान लेकर मंडी पहुंचे हैं लेकिन उनके धान का कोई पुर्साहाल नहीं है। बारिश के कारण 1509 धान की आवक भी घटी है, इसके दाम भी 3500-3600 से घटकर 3200-3300 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। पीआर धान को 1800 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल मिल रहा है, जबकि सरकार भाव सामान्य धान का 2183 तो ग्रेड-ए का भाव 2203 रुपये प्रति क्विंटल है। किसानों को प्रति क्विंटल 200 से 400 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान हो रहा है।
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आलम ये है कि मंडियों से धान को फिर से ट्राली में भरवाकर वापस ले जाया जा रहा है। धान खरीद शुरू करने से पहले डीएफएससी, हैफेड, स्टेट वेयरहाउस आदि खरीद एजेंसियों को खरीदा हुआ धान लेने और सीएमआर के लिए राइस मिलों को देने के लिए उनसे अनुबंध करना होता है। किस राइस मिल की कितनी क्षमता है, राइस मिलों से आवेदन लेने होते हैं, इसके बाद राइस मिल का सत्यापन किया जाता है, तब राइस मिलों को धान आवंटित किया जाता है। इस प्रक्रिया में कम से कम दस से 12 दिन लग सकते हैं। अभी तक ट्रांसपोर्ट की स्थिति भी साफ नहीं है। ऐसी स्थिति में एक अक्तूबर से पहले धान की खरीद होना संभव नहीं दिख रहा है।
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फोटो-1004 (पुराना)

सरकार का आदेश आते ही खरीद शुरू कर देंगे

अभी धान खरीद की पॉलिसी जारी नहीं हुई है, पॉलिसी आने के बाद उसी के आधार पर राइस मिल संचालकों से सीएमआर के लिए धान आवंटित करने का अनुबंध किया जाएगा। खरीद की शेष तैयारियां की जा रही हैं। जैसे ही सरकार का आदेश आएगा, वैसे ही खरीद शुरू कर दी जाएगी।
- अनिल कालरा, डीएफएससी, करनाल
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फोटो-1005 (पुराना)
पीआर धान औने-पौने दामों में बिक रहा

मंडियों में पीआर धान की आवक शुरू हो चुकी है, सरकारी खरीद की अभी तैयारी भी नहीं है। यही स्थिति पूरे हरियाणा राज्य की सरकारी खरीद जल्द शुरू नहीं हुई तो किसानों को औने-पौने दामों पर निजी खरीदारों को धान बेचना पड़ेगा। जिसका नुकसान किसानों को तो होगा ही, साथ ही आढ़तियों को भी बड़ा नुकसान झेलना पड़ेगा। सरकार को जल्द इस पर सकारात्मक कदम उठाना चाहिए।
- रजनीश चौधरी, चेयरमैन, हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन।
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फोटो-1006 (पुराना)

आधी-अधूरी तैयारी में खरीद से होती है परेशानी

अभी तक सरकार ने पॉलिसी ही जारी नहीं की है, न ही किसी खरीद एजेंसी ने किसी राइस मिलर से अनुबंध के लिए आवेदन मांगा है। सरकार ने भले ही 25 सितंबर से खरीद शुरू करने के संकेत दिए हैं, लेकिन देखते हैं कि आगे की स्थिति क्या रहती है। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ खरीद शुरू होने में किसानों, राइस मिलरों, आढ़तियों सभी को परेशानी होती है।
- सौरभ गुप्ता, अध्यक्ष-राइस मिलर्स एसोसिएशन करनाल।

(फोटो-1003 आज)

भाव नहीं मिल रहा, घर वापस ले जा रहे धान
पीआर-26 धान आज सुबह मंडी लाए थे, लेकिन यहां व्यापारी 1800 से 2000 रुपये तक प्रति क्विंटल भाव लगा रहे हैं, इसलिए मंडी शेड में लगी ढेरी को वापस ट्राली में भरवाकर फिलहाल घर ले जा रहे हैं। कहीं और बेचने का प्रयास करेंगे, क्योंकि ये नमीयुक्त धान है, इसे चौबीस घंटे में रोका नहीं जा सकता है। यदि 12 घंटे से अधिक समय तक एक स्थान पर जमा रहा तो खराब होने लगेगा।


- यश भारद्वाज, किसान डबकौली।

(फोटो-1004 आज)

नहीं दिखी खरीद की तैयारी
- धान पककर तैयार है, मंडी में आढ़तियों, व्यापारियों से बात करके मंडी की स्थिति देखने आया हूं। आढ़तियों ने बताया कि अभी सरकारी धान खरीद शुरू होने की तैयारी नजर नहीं आ रही है। मौसम खराब हो रहा है, जल्द सरकारी खरीद शुरू हो जाती है, कटाई कराकर धान बेच लेते, अन्यथा मेहनत पर पानी फिर सकता है।

- सतीश राणा, किसान, अमृतपुर।
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