{"_id":"67b8e0d27c25c54b4908357b","slug":"everyones-responsibility-to-save-water-dr-chawla-karnal-news-c-18-1-knl1004-587105-2025-02-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी बचाना सभी की जिम्मेदारी : डॉ. चावला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी बचाना सभी की जिम्मेदारी : डॉ. चावला
Sat, 22 Feb 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 22 Feb 2025 01:53 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भू-जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन विषय पर मधुबन पुलिस अकादमी के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अकादमी के के निदेशक डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने कहा है कि पानी का अत्यधिक दोहन चिंता का विषय है। भावी पीढ़ी के लिए पानी बचाना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी बनती है।
डॉ. चावला आज भावी पीढ़ी के लिए भू-जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन विषय पर आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यशाला का आयोजन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की स्थानीय भूमि एवं जल संरक्षण शाखा की ओर से किया गया। उन्होंने रंगरूटों से अपील की कि वे खुद भी पानी का सही इस्तेमाल करें और दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करें। पानी के बिना जीवन का अस्तित्व नहीं है।
विशिष्ट अतिथि पंचायत विभाग के पूर्व महानिदेशक बीएस मलिक ने कहा कि जल संचयन में प्लास्टिक की थैलियां एक बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए ही होगा।
विज्ञापन
सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी सुरेंद्र टामक ने जल संरक्षण के लिए अपनाई जा रही टपका विधि, फव्वारा विधि, यूजीपीएल, फसल विविधीकरण, डीएसआर के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी। अटल भूजल योजना के सूचना एवं शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि योजना के तहत जिले में जल संरक्षण के लिये करनाल खंड के 41 गांवों में अटल भू जल योजना के तहत कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अकादमी परिसर में भी 65 से अधिक वर्षा जल संचयन टैंक स्थापित किए गए हैं। कार्यशाला में मंडल भूमि संरक्षण अधिकारी डा. मुकेश कुमार, एक्सईएन एवं नोडल अधिकारी रणबीर सिंह, एसपी पुष्पा एचपीएस, डीएसपी गोरखपाल राणा, मुकेश यादव, कृषि निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, कमल, लख्मी चंद आदि मौजूद रहे। संचालन आईईसी विशेषज्ञ राजीव शर्मा ने किया।
भूजल सहेलियां सम्मानित
मुख्य अतिथि ने रिंकू शर्मा, अनीता रानी, अनीता रानी, उर्मिला रानी रूकनपुर, रीना शर्मा संगोहा, रीटा सैनी संगोही, निशा रानी पुंडरक, मुमताज बजीदा जाटान, शिक्षा सोहाना, बालकिशन और सुमन खरकाली को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
विज्ञापन
करनाल। भू-जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन विषय पर मधुबन पुलिस अकादमी के सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। अकादमी के के निदेशक डॉ. अरशिंदर सिंह चावला ने कहा है कि पानी का अत्यधिक दोहन चिंता का विषय है। भावी पीढ़ी के लिए पानी बचाना हर व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी बनती है।
डॉ. चावला आज भावी पीढ़ी के लिए भू-जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन विषय पर आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यशाला का आयोजन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की स्थानीय भूमि एवं जल संरक्षण शाखा की ओर से किया गया। उन्होंने रंगरूटों से अपील की कि वे खुद भी पानी का सही इस्तेमाल करें और दूसरों को भी इसके लिये प्रेरित करें। पानी के बिना जीवन का अस्तित्व नहीं है।
विज्ञापन
विशिष्ट अतिथि पंचायत विभाग के पूर्व महानिदेशक बीएस मलिक ने कहा कि जल संचयन में प्लास्टिक की थैलियां एक बड़ी बाधा हैं। उन्होंने कहा कि अगला विश्व युद्ध पानी के लिए ही होगा।
विज्ञापन
सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी सुरेंद्र टामक ने जल संरक्षण के लिए अपनाई जा रही टपका विधि, फव्वारा विधि, यूजीपीएल, फसल विविधीकरण, डीएसआर के बारे में लोगों को विस्तार से जानकारी दी। अटल भूजल योजना के सूचना एवं शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि योजना के तहत जिले में जल संरक्षण के लिये करनाल खंड के 41 गांवों में अटल भू जल योजना के तहत कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अकादमी परिसर में भी 65 से अधिक वर्षा जल संचयन टैंक स्थापित किए गए हैं। कार्यशाला में मंडल भूमि संरक्षण अधिकारी डा. मुकेश कुमार, एक्सईएन एवं नोडल अधिकारी रणबीर सिंह, एसपी पुष्पा एचपीएस, डीएसपी गोरखपाल राणा, मुकेश यादव, कृषि निरीक्षक वीरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार, कमल, लख्मी चंद आदि मौजूद रहे। संचालन आईईसी विशेषज्ञ राजीव शर्मा ने किया।
भूजल सहेलियां सम्मानित
मुख्य अतिथि ने रिंकू शर्मा, अनीता रानी, अनीता रानी, उर्मिला रानी रूकनपुर, रीना शर्मा संगोहा, रीटा सैनी संगोही, निशा रानी पुंडरक, मुमताज बजीदा जाटान, शिक्षा सोहाना, बालकिशन और सुमन खरकाली को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।