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चुनावी मुद्दा : बराड़ा की मांग, लगे इंडस्ट्री तो मिले रोजगार
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सुरजीत सिंह कसेरला
बराड़ा। लोकसभा चुनाव सिर पर है। क्षेत्र में चुनावी सरगर्मियों जोरों पर हैं और चुनावी माहौल में ही लोगों के बीच स्थानीय मुद्दों पर मंथन शुरू करते दिख रहे हैं।
अंबाला लोकसभा के अधीन आने वाले बराड़ा उपमंडल में आज तक कोई बड़ा प्रोजेक्ट ना आने से यहां के लोग काफी निराश हैं। काफी समय से यहां के लोगों की मांग रही है कि यहां कोई इंडस्ट्री लगाई जाए ताकि यहां के लोगों को खासकर युवाओं को रोजगार मिल सके।
अंबाला-सहारनपुर रेल लाइन पर बसे होने और एक तरफ शाहबाद एनएच और दूसरी तरफ दोसड़का में रोडवेज की कनेक्टिविटी भी यहां इंडस्ट्री स्थापित करने में उचित माहौल पैदा करती है, लेकिन आज तक किसी भी नेता अथवा जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और इसका खामियाजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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इस प्रकार से साहा में इंडस्ट्रीज को लाने के लिए सरकार ने प्राविधान किए इसी प्रकार बराड़ावासी भी चाहते हैं कि कुछ उद्याेगों तो हों जिससे स्थानीय लोगों को यहीं पर रोजगार मिल सके। उन्हें अंबाला या दूसरे शहरों की ओर रुख न करना पड़े।
बराड़ा कई नेताओं की कर्मस्थली भी रहा है। पूर्व मंत्री समेत विधायक भी यहां से रहे हैं, लेकिन किसी ने भी इंडस्ट्री स्थापित करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। यदि स्थानीय नेता बराड़ा में इंडस्ट्री स्थापित करवाने में गंभीरता दिखाते तो बराड़ा का रूप ही अलग होता। हैरानी की बात है कि लोकसभा चुनावों में भी लोगों की इस मांग को कोई नेता अपने चुनावी मुद्दों में शामिल नहीं कर रहा है।
सुरजीत सिंह कसेरला, अंबाला मंडल अध्यक्ष भाकियू चढ़ूनी
यह विडंबना है कि बराड़ा का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है और किसी भी सरकार ने उसकी सुध नहीं ली है। लोगों को रोजगार के धक्के खाने पड़ रहे हैं। यदि क्षेत्र में कोई कारखाना लगा होता तो लोगों को रोजगार के साथ क्षेत्र का विकास भी होता। विधायक से लेकर सांसद को अपने चुनावी मुद्दों में बराड़ा में इंडस्ट्री स्थापित करने का मुद्दा भी शामिल करना चाहिए।
विनोद राणा थंबड़, समाजसेवी
किसी भी क्षेत्र की प्रगति वहां के उद्योग धंधों पर निर्भर करता है। बराड़ा का युवा को पढ़-लिखकर भी रोजगार के लिए यमुनानगर और अंबाला के दूर दराज क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। युवाओं के बेहतर भविष्य और क्षेत्र की खुशहाली के लिए बराड़ा क्षेत्र में उद्योग स्थापित किया जाना बेहद जरूरी है।
वीरेंद्र कुमार, प्राध्यापक
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अंबाला लोकसभा के अधीन आने वाले बराड़ा उपमंडल में आज तक कोई बड़ा प्रोजेक्ट ना आने से यहां के लोग काफी निराश हैं। काफी समय से यहां के लोगों की मांग रही है कि यहां कोई इंडस्ट्री लगाई जाए ताकि यहां के लोगों को खासकर युवाओं को रोजगार मिल सके।
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अंबाला-सहारनपुर रेल लाइन पर बसे होने और एक तरफ शाहबाद एनएच और दूसरी तरफ दोसड़का में रोडवेज की कनेक्टिविटी भी यहां इंडस्ट्री स्थापित करने में उचित माहौल पैदा करती है, लेकिन आज तक किसी भी नेता अथवा जनप्रतिनिधि ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और इसका खामियाजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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इस प्रकार से साहा में इंडस्ट्रीज को लाने के लिए सरकार ने प्राविधान किए इसी प्रकार बराड़ावासी भी चाहते हैं कि कुछ उद्याेगों तो हों जिससे स्थानीय लोगों को यहीं पर रोजगार मिल सके। उन्हें अंबाला या दूसरे शहरों की ओर रुख न करना पड़े।
बराड़ा कई नेताओं की कर्मस्थली भी रहा है। पूर्व मंत्री समेत विधायक भी यहां से रहे हैं, लेकिन किसी ने भी इंडस्ट्री स्थापित करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। यदि स्थानीय नेता बराड़ा में इंडस्ट्री स्थापित करवाने में गंभीरता दिखाते तो बराड़ा का रूप ही अलग होता। हैरानी की बात है कि लोकसभा चुनावों में भी लोगों की इस मांग को कोई नेता अपने चुनावी मुद्दों में शामिल नहीं कर रहा है।
सुरजीत सिंह कसेरला, अंबाला मंडल अध्यक्ष भाकियू चढ़ूनी
यह विडंबना है कि बराड़ा का युवा रोजगार के लिए भटक रहा है और किसी भी सरकार ने उसकी सुध नहीं ली है। लोगों को रोजगार के धक्के खाने पड़ रहे हैं। यदि क्षेत्र में कोई कारखाना लगा होता तो लोगों को रोजगार के साथ क्षेत्र का विकास भी होता। विधायक से लेकर सांसद को अपने चुनावी मुद्दों में बराड़ा में इंडस्ट्री स्थापित करने का मुद्दा भी शामिल करना चाहिए।
विनोद राणा थंबड़, समाजसेवी
किसी भी क्षेत्र की प्रगति वहां के उद्योग धंधों पर निर्भर करता है। बराड़ा का युवा को पढ़-लिखकर भी रोजगार के लिए यमुनानगर और अंबाला के दूर दराज क्षेत्रों में जाना पड़ रहा है। युवाओं के बेहतर भविष्य और क्षेत्र की खुशहाली के लिए बराड़ा क्षेत्र में उद्योग स्थापित किया जाना बेहद जरूरी है।
वीरेंद्र कुमार, प्राध्यापक

सुरजीत सिंह कसेरला

सुरजीत सिंह कसेरला