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Karnal News: नहीं जाएं यमुना किनारे, उफान पर है नदी

Tue, 02 Sep 2025 02:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल Updated Tue, 02 Sep 2025 02:06 AM IST
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Do not go to the banks of Yamuna, the river is in spate
251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। हथिनी कुंड बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से सोमवार को जिले में यमुना का जलस्तर और बढ़ गया। जिला प्रशासन ने बाढ़ की आशंका जताई है। प्रभावित गांवों में चौकीदार के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है कि कोई यमुना के किनारे नहीं जाए, नदी उफान पर है। कोई भाई घास लेने या पशुओं को चराने के लिए भी यमुना तट पर नहीं जाए।
करनाल में यमुना खतरे के निशान से तीन फीट तक ऊपर बह रही है। नदी का पानी अब करनाल, इंद्री व घरौंडा कस्बा क्षेत्र के करीब 14 गांवों में बांध तक पहुंच गया है। करीब 100 एकड़ तक की बांध क्षेत्र में आने वाली धान व गन्ने की फसल डूब गई है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ गई है। फसल की चिंता में इंद्री व करनाल कस्बा क्षेत्र में यमुना नदी बांध या आसपास के रकबा क्षेत्र के किसान प्रशासन के मना करने के बावजूद खेतों की ओर जा रहे हैं।
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रविवार को मौसम विभाग की ओर से बारिश के अलर्ट की घोषणा के बाद यमुना बांध क्षेत्र के खेतों से किसान टयूबवेल की मोटर, इंजन खोलकर घर ले आए। यदि यमुना में जलस्तर और ज्यादा बढ़ता है तो पानी खेतों में तबाही मचा सकता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि करनाल में अभी स्थिति नियंत्रण में है। किसी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है। विभाग की टीमें 24 घंटे फील्ड में रहकर गश्त कर रही हैं। तटबंधों का जायजा ले रही हैं।
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वर्ष 2023 में आई बाढ़ ने जिले में भारी तबाही मचाई थी। यमुना का जलस्तर बढ़ने से करीब ढाई हजार एकड़ में फसल बर्बाद हो गई थी।
इस तरह से बैराज से छोड़ा गया पानी
सोमवार की सुबह 6 बजे हथिनी कुंड बैराज से एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी मैदानी इलाकों में छोड़ा गया। सुबह 9 बजे तक छोड़े गए पानी की मात्रा तीन लाख 29 हजार क्यूसेक हो गई। करीब 11 बजे यह घटकर तीन लाख 21 हजार क्यूसेक रह गई। शाम 4 बजे छोड़े जा रहे पानी की मात्रा तीन लाख 18 हजार क्यूसेक रह गई। शाम करीब 7 बजे तक यह घटकर दो लाख 92 हजार क्यूसेक रह गई।


खनन का मिला फायदा
- सिंचाई विभाग के उपमंडल अभियंता जगबीर पुनिया का कहना है कि करनाल में नदी में हुई खनन का फायदा यहां के लोगों को अभी तक हुआ है। यदि खनन नहीं होता तो यमुना नदी अभी तक अपना उग्र रूप दिखा देती और जिले में चारों ओर तबाही मच जाती। यदि रात को यमुना का जलस्तर ओर बढ़ता है तो यमुना बांध क्षेत्र में फसलें बर्बाद हो सकती हैं।


अब 72 की बजाय 50 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा पानी
सिंचाई विभाग के एसडीओ करनैल सिंह का कहना है कि हथिनी कुंड बैराज से सोमवार को तीन लाख क्यूसेक तक पानी आता रहा। शाम तक जिले में यमुना खतरे के निशान से तीन फीट तक ऊपर बह रही थी। पानी की रफ्तार व बढ़े जलस्तर को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि यमुना का जो पानी 72 घंटे में दिल्ली पहुंचता था, अब वह 50 घंटे में ही दिल्ली तक मार करेगा।

251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद

251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद

251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद

251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद

251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद

251... लल्लूपुरा गांव के खेतों में घुसा यमुना का पानी संवाद

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