{"_id":"64751ed45b87870f120becd4","slug":"demonstration-for-school-upgrade-karnal-news-c-18-knl1031-136163-2023-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: स्कूल अपग्रेड कराने के लिए प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: स्कूल अपग्रेड कराने के लिए प्रदर्शन
विज्ञापन
- अभिभावक और बच्चे बोले, आठवीं के बाद की पढ़ाई के लिए दो किलोमीटर दूर जाने को हुए मजबूर
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एक तरफ सरकार स्कूलों को अपग्रेड कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अभी भी कई स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें अपग्रेड करने की अभिभावक और बच्चे मांग उठा रहे हैं। बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल अपग्रेड कराने को लेकर सड़कों पर भी बैठना पड़ रहा है। असंध के गांव मंचूरी के बच्चों ने अपनी इस मांग को लेकर सोमवार को बस क्यू सेल्टर पर बैठकर पढ़ाई की, जहां अभिभावकों ने भी उनका साथ दिया।
अभिभावकों ने बताया कि आठवीं से आगे पढ़ने के लिए ढाई किलोमीटर पैदल जाना पड़ता है। स्कूलों को अपग्रेड तो किया जा रहा है, लेकिन गांव मंचूरी राजकीय स्कूल की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गांव में सरकारी स्कूल ही एक माध्यम है, फिर भी यहां स्कूल को कक्षा 10 और 12 तक नहीं बढ़ाया जा रहा है। आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को गांव शेखुपुरा जाना पड़ता है। उसके लिए शेखुपुरा काफी दूर पड़ता है। आठवीं के बाद बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। अभिभावक संजय, कष्ण, रोहताश और पृथ्वी ने बताया कि पहले स्कूल पांचवीं तक ही था। तब बच्चों ने गांव से करनाल तक पैदल मार्च कर विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद स्कूल को आठवीं तक अपग्रेड किया था।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। एक तरफ सरकार स्कूलों को अपग्रेड कर रही है, वहीं दूसरी तरफ अभी भी कई स्कूल ऐसे हैं, जिन्हें अपग्रेड करने की अभिभावक और बच्चे मांग उठा रहे हैं। बच्चों को आगे की पढ़ाई के लिए स्कूल अपग्रेड कराने को लेकर सड़कों पर भी बैठना पड़ रहा है। असंध के गांव मंचूरी के बच्चों ने अपनी इस मांग को लेकर सोमवार को बस क्यू सेल्टर पर बैठकर पढ़ाई की, जहां अभिभावकों ने भी उनका साथ दिया।
अभिभावकों ने बताया कि आठवीं से आगे पढ़ने के लिए ढाई किलोमीटर पैदल जाना पड़ता है। स्कूलों को अपग्रेड तो किया जा रहा है, लेकिन गांव मंचूरी राजकीय स्कूल की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। गांव में सरकारी स्कूल ही एक माध्यम है, फिर भी यहां स्कूल को कक्षा 10 और 12 तक नहीं बढ़ाया जा रहा है। आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को गांव शेखुपुरा जाना पड़ता है। उसके लिए शेखुपुरा काफी दूर पड़ता है। आठवीं के बाद बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। अभिभावक संजय, कष्ण, रोहताश और पृथ्वी ने बताया कि पहले स्कूल पांचवीं तक ही था। तब बच्चों ने गांव से करनाल तक पैदल मार्च कर विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद स्कूल को आठवीं तक अपग्रेड किया था।
विज्ञापन