फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Democracy should not be disabled, voting should be done to strengthen it.

Karnal News: लोकतंत्र न हो दिव्यांग, मजबूती के लिए किया मतदान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Oct 2024 06:20 AM IST
विज्ञापन
Democracy should not be disabled, voting should be done to strengthen it.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

करनाल। इंद्री हलके के गांवों में सुबह से मतदाताओं में वोट का उत्साह दिखा। दिव्यांगों का कहना था कि उनकी तरह लोकतंत्र दिव्यांग न हो इसलिए उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी देशहित में मतदान किया है।
जैसे ही शनिवार सुबह सात बजे तो इंद्री शहर व आस-पास के गांवों में मतदान के लिए लोगों की कतारें दिखीं। जिला प्रशासन की ओर से इस बार विधानसभा चुनाव में दिव्यांगों के लिए घर पर ही फॉर्म भरवाकर वोट की व्यवस्था की गई थी। बावजूद इसके दिव्यांग बूथ पर पहुंचे। इस दौरान इंद्री के गढ़ी जाटान में गांव के सरपंच ने अपनी पहली वोट डालकर अपना फर्ज निभाया और ग्रामीणों को भी वोट के लिए जागरूक किया।
विज्ञापन



लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान
प्रेम नगर बूथ पर अपनी स्कूटी पर सवार होकर वोट करने आए दिव्यांग गुरदीप सिंह ने बताया कि मैंने लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान किया है। लोकतंत्र के महापर्व में वोट रूपी आहुति डालकर महसूस हुआ कि हम भी देश के नागरिक है।
विज्ञापन
विज्ञापन



मतदान कर निभाया फर्ज
इंद्री के रामगढ़ छानो के दिव्यांग वोटर विक्की ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में अपने मत का प्रयोग करके अपना फर्ज निभाया है। प्रत्येक देश का नागरिक चाहे वह किसी भी स्थिति में क्यों न हो उसे मतदान जरूर करना चाहिए।


अपना कर्म किया, अब सरकार की बारी
इंद्री के वोटर दीपक सेठी न बताया कि उन्होंने विधानसभा चुनाव में मतदान कर अपना फर्ज निभा दिया है। अब सरकार की बारी है वह दिव्यांगों के लिए क्या नई योजनाएं लेकर आती है। हमनें अपना कर्म किया है अब सरकार की बारी है।


सुबह होते ही किया पहला मतदान
सबील ने बताया कि मतदान लोकतंत्र का महापर्व है जो पांच साल में आता है। इस बार लोकसभा व विधानसभा के चुनाव में मात्र पांच माह के अंतराल में ही हमें अपनी पसंद की सरकार चुनने का मौका मिला। मुझे इस दिन का बेसब्री से इंतजार था इसलिए सुबह होते ही सबसे पहला मत डाला।


बूथ पर जाकर किया मतदान
इंद्री के मुखाला गांव के दिव्यांग मतदाता महावीर सिंह ने बताया कि इस बार प्रशासन की ओर से दिव्यांगों के लिए घर से ही फॉर्म भरवाकर वोट की व्यवस्था की गई थी। बूथ पर जाकर मतदान करने का अलग ही मजा है इसलिए मैंने घर से मतदान न करके बूथ पर जाकर ही मतदान किया।


रेडक्रॉस स्वयंसेवक वोट के लिए घर से लेकर गए
इंद्री के गुढ़ा गांव के दिव्यांग मतदाता वीर सिंह ने बताया कि दिव्यांगता के कारण उनकी वोट डालने की हिम्मत नहीं थी। घर पर रेडक्रॉस स्वयंसेवक उन्हें लेने के लिए आए तो हौसला हुआ कि मुझे भी लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी वोट डालकर भागीदार बनना चाहिए।


अपनी साइकिल पर आकर किया मतदान
इंद्री के वार्ड 12 के दिव्यांग वोटर दारा सिंह ने बताया कि उन्होंने विधानसभा में घर से मतदान न करके बूथ पर आकर किया। वह सरकार द्वारा भेंट की गई साइकिल पर सवार होकर अपने बूथ पर मतदान करने के लिए आए।


मत के प्रयोग से नहीं चूकता
इंद्री के वार्ड 10 के कृष्ण लाल ने बताया कि वह हर बार मतदान में अपने मत के प्रयोग से नहीं चुकते है। चाहे कुछ भी स्थिति हो वह हर बार मतदान जरूर करते है। जब प्रशासन व सरकार हमारे लिए इतनी व्यवस्था करती है तो हमारा भी देश के लिए फर्ज बनता है।



सबसे पहले किया मतदान
इंद्री के गढ़ी जाटान के बूथ नंबर 12 पर गांव सरपंच रविंद्र शर्मा ने सबसे पहले मतदान किया। उन्होंने बताया कि गांव का मुखिया होने के नाते उनका फर्ज बनता है कि वह सबसे पहले मतदान कर लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed