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करनाल मेडिकल कॉलेज फेज-2 में लेटलतीफी: इमरजेंसी पर एक्सीडेंटल मरीजों का बढ़ रहा बोझ, PGI करने पड़ते हैं रेफर

Mon, 13 Mar 2023 11:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अनुज शर्मा, करनाल (हरियाणा)
अनुज शर्मा, करनाल (हरियाणा) Updated Mon, 13 Mar 2023 11:24 AM IST
सार

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में फेज-2 के तहत जिले वासियों को ट्रामा सेंटर की सौगात मिलनी थी। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के फेस-टू के लिए 338.75 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी और फेज-2 के निर्माण कार्य के टेंडर की प्रक्रिया का जिम्मा हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन पंचकूला (एचपीएचसी) को सौंपा था। 

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Delay in Medical College Phase-2 heavy on patients
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर नहीं होने से सड़क हादसों में घायल मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 30 बेड हैं। जिनमें से रोजाना लगभग 20 से अधिक बेड पर इमरजेंसी वाले मरीज ही रहते हैं। सड़क हादसे में घायलों को मरहम पट्टी कर पीजीआई रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में इमरजेंसी पर एक्सीडेंटल मरीजों का भी बोझ पड़ रहा है।

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338.75 करोड़ रुपये की राशि जारी
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में फेज-2 के तहत जिले वासियों को ट्रामा सेंटर की सौगात मिलनी थी। जिसके लिए प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के फेस-टू के लिए 338.75 करोड़ रुपये की राशि जारी की थी और फेज-2 के निर्माण कार्य के टेंडर की प्रक्रिया का जिम्मा हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन पंचकूला (एचपीएचसी) को सौंपा था। जिसकी देखरेख में निर्माण कार्य पूरा होना था। इसको लेकर करीब छह माह पहले अक्तूबर में आर्किटेक्ट कंपनी मैसेचर मोरालेज से मेडिकल कॉलेज के फेस टू का नक्शा तैयार करवाया गया था। जिसे प्रदेश सरकार ने पास कर दिया था। जिसके बाद एचपीएचसी की ओर से तीन बार टेंडर लगाया लेकिन तीनों प्रक्रिया रद करनी पड़ी। 
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एचपीएचसी के अधिकारियों ने बताया कि पहली बार लगाए गए टेंडर में कोई भी कंपनी क्वालिफाई नहीं कर पाई। दूसरी बार में दो कंपनियों ने टेंडर भरा था, लेकिन उनके टेंडर से अधिक रेट थे। तीसरी बार एक ही कंपनी ने टेंडर भरा। जिसकी वजह से वह भी रद हो गया। तीन बार टेंडर प्रक्रिया रद होने के बाद उन्होंने प्रदेश सरकार को दो सुझाव भेजे हैं। इनमें पहला ये कि इस टेंडर की राशि को बढ़ाया जाए और दूसरा फेस टू को पार्टीशन में बनवाया जाए यानी फेस टू के कार्य को चार हिस्सों में बांटकर काम पूरा करवाया जाए। लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई संदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जिससे टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा सकें।

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अत्याधुनिक होगा मेडिकल कॉलेज का ट्रामा सेंटर

कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज के फेज-2 के अंतर्गत अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। जिसमें सभी ऑटोमेटिक मशीनें रखी जाएंगी। जिससे सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायलों को बेहतर इलाज और उनका जीवन बचाया जा सकेगा। मरीजों की सर्जरी के लिए ओटी की व्यवस्था होगी। अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर की टीम भी अलग होगी। टीम में न्यूरो सर्जन, फिजिशियन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, एनेस्थीसिया सहित अन्य चिकित्सकों की टीम होगी जो अलर्ट रहेगी। अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर 150 बेड का बनाया जाएगा। इसके अलावा 300 बेड का अस्पताल भी बनाया जाएगा।

ट्रामा सेंटर बनने के बाद इमरजेंसी का बोझ होगा हल्का

मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक ट्रामा सेंटर बनने के बाद हाॅल में ही चल रही इमरजेंसी का बोझ कम हो जाएगा, क्योंकि सड़क हादसों में घायलों को फिलहाल इमरजेंसी में भेजा जा रहा है। जिससे इमरजेंसी में दाखिल अन्य मरीजों को सुविधा देने में कुछ देरी हो रही है। इसके अलावा इमरजेंसी से पीजीआई रेफर होने के मामलों में कमी आएगी।

सिंगल बेसमेंट पार्किंग की मिलेगी सुविधा

मेडिकल कॉलेज के नए परिसर में सिंगल बेसमेंट पार्किंग की सुविधा मिलेगी। जिससे भूतल पर गेट या अन्य परिसर में वाहन नहीं खड़े किए जा सकेंगे। जिससे ट्रामा सेंटर में आने वाली एंबुलेंस या मरीजों को लेकर आने वाले वाहनों को रास्ता मिल सकेगा। चूंकि अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी के बाहर गलत तरीके से वाहन खड़े होने के कारण एंबुलेंस के आने-जाने में परेशानी होती है। जिसको देखते हुए यहां पर बेसमेंट पार्किंग रखी जाएगी।

फेज-2 में बनेगा यह भवन

बेसमेंट सहित पांच मंजिला ट्रामा सेंटर कम अस्पताल भवन, परीक्षा हॉल व स्किल लैब, सिंगल बेसमेंट पार्किंग, आठ मंजिला ब्वाॅयज हॉस्टल, आठ मंजिला गर्ल्स हॉस्टल, आठ मंजिला प्रोफेसर क्वार्टर, नौ मंजिला एसोसिएट प्रोफेसर क्वार्टर, नौ मंजिला असिस्टेंट प्रोफेसर क्वार्टर, एक मंजिला क्लब हाउस/ कम्यूनिटी सेंटर, एक मंजिला स्पोर्ट्स फैकल्टी, एनिमल हाउस, बायो मेडिकल वेस्ट प्लांट, वर्कशॉप, एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट), ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट)।

- नरेश गोस्वामी, एक्सईएन, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन, पंचकूला

कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के फेज-2 के लिए तीन बार टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। तीनों बार रद् हो चुकी हैं। जिसके बाद प्रदेश सरकार को दो सुझाव भेजे गए हैं। जिसका जवाब आने के बाद ही आगामी टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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