{"_id":"612bf31a8ebc3e137c2774a9","slug":"dc-expressed-regret-over-sdm-s-head-broken-statement-karnal-news-knl8154178","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसडीएम के सिर फोड़ने वाले बयान पर डीसी ने जताया खेद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसडीएम के सिर फोड़ने वाले बयान पर डीसी ने जताया खेद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एसडीएम आयुष सिन्हा की वायरल हो रही वीडियो में सिर फोड़ने वाले शब्दों को लेकर डीसी निशांत कुमार ने खेद प्रकट किया है। उन्होंने रविवार को सेक्टर-12 में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज और एसडीएम के बयान पर सफाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को अधूरा सच बताया। साथ ही एसडीएम को कर्मठ और ईमानदार अफसर बताते हुए उनका बचाव किया।
डीसी ने कहा कि एसडीएम करनाल को नाका नंबर-3 रेलवे रोड पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था। यह नाका मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के नजदीक था। एसडीएम ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सुबह 8 बजे दिशा निर्देश दे रहे थे कि नाका नंबर-एक बसताड़ा टोल प्लाजा, नाका नंबर-2 नमस्ते चौक को यदि किसान तोड़कर नाका नंबर-3 पर आते हैं तो सख्ती दिखानी होगी। उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया पर एसडीएम की पूरी वीडियो को नहीं दिखाया गया बल्कि केवल एक क्लिप ही दिखाई गई है, यदि पूरी वीडियो दिखाई जाए तो उसका अर्थ समझ में आता है। उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम के शब्दों से किसी व्यक्ति या संगठन को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वे स्वयं खेद प्रकट करते हैं। इस दौरान एसपी गंगा राम पूनिया सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
13 पुलिस कर्मचारियों को चोट लगी है और 15 किसानों की एमएलआर आई है- एसपी
पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने कहा कि बसताड़ा टोल पर जो हल्का पुलिस बल प्रयोग किया गया है। इस दौरान 13 पुलिस कर्मचारियों को चोट लगी है, जिनकी एमएलआर कटी है। वहीं, 15 किसानों की एमएलआर भी कटी है। कुछ किसान रविवार को भी अस्पताल में एमएलआर कटवाने आए हैं। उनकी अभी जानकारी नहीं आई है।
विज्ञापन
किसानों द्वारा धर्म के आधार पर कुछ पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया के माध्यम से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके लिए ऐसे लोगों पर एफआईआर की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
किसान आक्रामक हुए तो पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग : डीसी
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि बसताड़ा टोल पर कुछ किसान करनाल शहर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार करने के लिए आने की जिद पर अड़े थे। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट डॉ. पूजा भारती और एसडीएम आयुष सिन्हा ने लाउड स्पीकर के माध्यम से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही टोल पर ही विरोध प्रदर्शन करने का अनुरोध किया, परंतु किसानों का विरोध आक्रामक होने के कारण उन्हें चेतावनी दी गई। इस पर किसानों ने हाईवे जाम कर दिया और पुलिस के प्रति आक्रामक हो गए। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर जीटी रोड को पुलिस ने खुलवाया, जिसमें कुछ किसानों व पुलिस कर्मियों को चोर्टें आइं, जिन्हें प्रशासन द्वारा एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया।
विज्ञापन
करनाल। एसडीएम आयुष सिन्हा की वायरल हो रही वीडियो में सिर फोड़ने वाले शब्दों को लेकर डीसी निशांत कुमार ने खेद प्रकट किया है। उन्होंने रविवार को सेक्टर-12 में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान किसानों पर लाठीचार्ज और एसडीएम के बयान पर सफाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को अधूरा सच बताया। साथ ही एसडीएम को कर्मठ और ईमानदार अफसर बताते हुए उनका बचाव किया।
डीसी ने कहा कि एसडीएम करनाल को नाका नंबर-3 रेलवे रोड पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किया गया था। यह नाका मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के नजदीक था। एसडीएम ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सुबह 8 बजे दिशा निर्देश दे रहे थे कि नाका नंबर-एक बसताड़ा टोल प्लाजा, नाका नंबर-2 नमस्ते चौक को यदि किसान तोड़कर नाका नंबर-3 पर आते हैं तो सख्ती दिखानी होगी। उपायुक्त ने कहा कि सोशल मीडिया पर एसडीएम की पूरी वीडियो को नहीं दिखाया गया बल्कि केवल एक क्लिप ही दिखाई गई है, यदि पूरी वीडियो दिखाई जाए तो उसका अर्थ समझ में आता है। उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम के शब्दों से किसी व्यक्ति या संगठन को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वे स्वयं खेद प्रकट करते हैं। इस दौरान एसपी गंगा राम पूनिया सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
13 पुलिस कर्मचारियों को चोट लगी है और 15 किसानों की एमएलआर आई है- एसपी
पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने कहा कि बसताड़ा टोल पर जो हल्का पुलिस बल प्रयोग किया गया है। इस दौरान 13 पुलिस कर्मचारियों को चोट लगी है, जिनकी एमएलआर कटी है। वहीं, 15 किसानों की एमएलआर भी कटी है। कुछ किसान रविवार को भी अस्पताल में एमएलआर कटवाने आए हैं। उनकी अभी जानकारी नहीं आई है।
विज्ञापन
किसानों द्वारा धर्म के आधार पर कुछ पुलिस कर्मियों को सोशल मीडिया के माध्यम से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके लिए ऐसे लोगों पर एफआईआर की जा रही है। दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।
किसान आक्रामक हुए तो पुलिस ने किया हल्का बल प्रयोग : डीसी
उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि बसताड़ा टोल पर कुछ किसान करनाल शहर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार करने के लिए आने की जिद पर अड़े थे। इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट डॉ. पूजा भारती और एसडीएम आयुष सिन्हा ने लाउड स्पीकर के माध्यम से शांति बनाए रखने की अपील की। साथ ही टोल पर ही विरोध प्रदर्शन करने का अनुरोध किया, परंतु किसानों का विरोध आक्रामक होने के कारण उन्हें चेतावनी दी गई। इस पर किसानों ने हाईवे जाम कर दिया और पुलिस के प्रति आक्रामक हो गए। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर जीटी रोड को पुलिस ने खुलवाया, जिसमें कुछ किसानों व पुलिस कर्मियों को चोर्टें आइं, जिन्हें प्रशासन द्वारा एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया।