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Karnal News: हड़ताल के बीच सरकार का ऑटो म्यूटेशन दांव, 11 दिन में इंतकाल का दावा
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करनाल। जिले में पटवारियों और कानूनगो की हड़ताल के कारण राजस्व सेवाएं ठप हैं और इंतकाल, प्रमाणपत्रों समेत 4500 फाइलें लंबित पड़ी हैं। ऐसे में सरकार ने ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था लागू कर दांव खेला है। दावा है कि अब इंतकाल की पूरी प्रक्रिया तय समय-सीमा में स्वत: पूरी होगी और नागरिकों को तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। हालांकि, हड़ताल के बीच नई व्यवस्था की व्यवहारिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा के अनुसार, नई प्रणाली का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इसके तहत रजिस्ट्री के बाद इंतकाल की फाइल एक तय डिजिटल प्रक्रिया से गुजरते हुए अधिकतम 11 दिनों में स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी। इससे किसी एक स्तर पर फाइल लंबित रखने की गुंजाइश खत्म होगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। लेकिन मौजूदा हालात में जब पटवारी और कानूनगो ही हड़ताल पर हैं, तब इस सिस्टम की पहली कड़ी ही कमजोर नजर आ रही है। जिले में पहले ही बड़ी संख्या में फाइलें लंबित हैं, ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने के बाद शुरुआती चरण में तकनीकी और संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम पारदर्शिता बढ़ा सकता है लेकिन इसकी सफलता फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता और तकनीकी दक्षता पर निर्भर करेगी।
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ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था
ऑटो म्यूटेशन एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें रजिस्ट्री के बाद इंतकाल की फाइल स्वत: सिस्टम के जरिए अलग-अलग स्तरों पर आगे बढ़ती है। इसका मकसद है कि कोई भी फाइल एक स्तर पर लंबित न रहे और निर्धारित समय में अंतिम निर्णय हो जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने का दावा किया जा रहा है। सरकार ने इसके साथ ही शिकायत निवारण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लाने की भी तैयारी की है, जहां नागरिक अपनी लंबित म्यूटेशन से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 10 दिन के भीतर कार्रवाई का दावा किया गया है और हर निर्णय को लिखित स्पीकिंग ऑर्डर के रूप में देना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था-
- रजिस्ट्रेशन के बाद म्यूटेशन पटवारी के लॉग इन में रहेगी और आवश्यक कार्यवाही के लिए 4 दिन का समय दिया जाएगा।
- 5वें दिन यदि पटवारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो म्यूटेशन स्वत: कानूनगो के लॉगइन में चली जाएगी। कार्यवाही के लिए 2 दिन का समय दिया जाएगा।
- 7वें दिन म्यूटेशन स्वत: सीआरओ के लॉगइन में फॉरवर्ड हो जाएगी। यहां कार्यवाही के लिए 4 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
- 11वें दिन तक यदि निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी।
सरकार का उद्देश्य राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। तकनीक का इस्तेमाल नागरिकों को राहत देने के लिए किया जा रहा है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रारंभिक चरण में यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
- डॉ. आनंद शर्मा, डीसी
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डीसी डॉ. आनंद कुमार शर्मा के अनुसार, नई प्रणाली का उद्देश्य राजस्व सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इसके तहत रजिस्ट्री के बाद इंतकाल की फाइल एक तय डिजिटल प्रक्रिया से गुजरते हुए अधिकतम 11 दिनों में स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी। इससे किसी एक स्तर पर फाइल लंबित रखने की गुंजाइश खत्म होगी और अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। लेकिन मौजूदा हालात में जब पटवारी और कानूनगो ही हड़ताल पर हैं, तब इस सिस्टम की पहली कड़ी ही कमजोर नजर आ रही है। जिले में पहले ही बड़ी संख्या में फाइलें लंबित हैं, ऐसे में नई व्यवस्था लागू होने के बाद शुरुआती चरण में तकनीकी और संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ सकती हैं।
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विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सिस्टम पारदर्शिता बढ़ा सकता है लेकिन इसकी सफलता फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की उपलब्धता और तकनीकी दक्षता पर निर्भर करेगी।
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ऑटो म्यूटेशन व्यवस्था
ऑटो म्यूटेशन एक डिजिटल प्रक्रिया है, जिसमें रजिस्ट्री के बाद इंतकाल की फाइल स्वत: सिस्टम के जरिए अलग-अलग स्तरों पर आगे बढ़ती है। इसका मकसद है कि कोई भी फाइल एक स्तर पर लंबित न रहे और निर्धारित समय में अंतिम निर्णय हो जाए। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगाने का दावा किया जा रहा है। सरकार ने इसके साथ ही शिकायत निवारण के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लाने की भी तैयारी की है, जहां नागरिक अपनी लंबित म्यूटेशन से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 10 दिन के भीतर कार्रवाई का दावा किया गया है और हर निर्णय को लिखित स्पीकिंग ऑर्डर के रूप में देना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था-
- रजिस्ट्रेशन के बाद म्यूटेशन पटवारी के लॉग इन में रहेगी और आवश्यक कार्यवाही के लिए 4 दिन का समय दिया जाएगा।
- 5वें दिन यदि पटवारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती है तो म्यूटेशन स्वत: कानूनगो के लॉगइन में चली जाएगी। कार्यवाही के लिए 2 दिन का समय दिया जाएगा।
- 7वें दिन म्यूटेशन स्वत: सीआरओ के लॉगइन में फॉरवर्ड हो जाएगी। यहां कार्यवाही के लिए 4 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
- 11वें दिन तक यदि निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो म्यूटेशन स्वत: जमाबंदी में शामिल हो जाएगी।
सरकार का उद्देश्य राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। तकनीक का इस्तेमाल नागरिकों को राहत देने के लिए किया जा रहा है, ताकि उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रारंभिक चरण में यदि कोई तकनीकी समस्या आती है तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।
- डॉ. आनंद शर्मा, डीसी