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टीकाकरण के बाद नवजात की मौत, एएनएम के खिलाफ केस दर्ज

Fri, 25 Nov 2016 12:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Fri, 25 Nov 2016 12:47 AM IST
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After immunization of newborn death, ANM file cases against, Grunda, Karnal
टीकाकरण के बाद नवजात की मौत, एएनएम के खिलाफ केस दर्ज - फोटो : Amar Ujala
गांव बसताड़ा में टीकाकरण करने के बाद ढाई माह के नवजात की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बच्चे की मौत होने के बाद सूचना मिलते स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई है। मामले की जांच करने के लिए विभाग की एक टीम गांव में पहुंची और परिजनों का सांत्वना दी है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करा कर वारिसों को सौंप दिया है। मृतक बच्चे के पिता सतबीर सिंह के रिश्तेदार कृष्ण कुमार की शिकायत पर बच्चे को टीका लगाने वाली एएनएम रूबी के खिलाफ लापरवाही बरतने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों का पता चल पाएगा।
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बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से नवजात बच्चों के लिए गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण कैंप लगाया गया था। इसमें बच्चों को पेंटावेलेंट का टीका लगाया गया था। पेेंटावेलेंट का टीका बच्चों की पांच बीमारियों से रक्षा करता है। बसताड़ा निवासी सतबीर की पत्नी निशा भी अपने ढाई माह के नवजात को पहली बार टीकाकरण के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र में पहुंची थी। जहां पर उसे पेंटावेलेंट का टीका लगाया गया। टीका लगने के बाद बच्चे ने रोना शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि टीका लगने से पहले बच्चा बिल्कुल स्वस्थ था टीके के दर्द के कारण बच्चा रो रहा है, लेकिन देर रात तक बच्चा रोता रहा। रात को करीब डेढ़ बजे बच्चे को दूध पिलाकर किसी तरह सुलाया गया, लेकिन जब वीरवार की सुबह बच्चे को दूध पिलाने के लिए उठाया गया तो बच्चे की मौत हो चुकी थी। टीकाकरण के बाद हुई नवजात की मौत के बाद परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।
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जांच के लिए पहुंचें स्वास्थ्य अधिकारी
नवजात की मौत की सूचना मिलते ही जिला डिप्टी सीएमओ डॉ. सतबीर कुमार और डिप्टी सीएमओ डॉ. नीलम के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम बसताड़ा पहुंची और मामले की गहनता से जांच की। डॉक्टरों ने मृतक नवजात की मां से जन्म से लेकर टीकाकरण तक की जानकारियां ली। डॉक्टरों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही मौत के कारण का पता चल पाएगा।
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किस लिए होता है पेंटावैलेंट का टीका
डॉक्टरों के अनुसार नवजात शिशुओं की रक्षा और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए पेंटावैलेंट वैक्सीन का टीका लगाया जाता है। पेंटावैलेंट का यह एक टीका बच्चों को डिप्थीरिया, काली खांसी, टेटनस, हेपेटाइटिस बी और हिब जैसी पांच जानलेवा बीमारियों से रक्षा करती है।

शिकायत के आधार पर केस दर्ज
 मधुबन थाना प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि गांव बसताडा में एक ढाई साल के बच्चे की मौत होने की सूचना करनाल ट्रामा सेंटर से मिली थी। बच्चें का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि बच्चे के परिजनों की शिकायत पर एएनएम रूबी के धारा 304ए के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।


रिपोर्ट के बाद होगा मौत का खुलासा
गांव के उपस्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण कैंप लगाया गया था। इसमें बच्चों को पेंटावेलेंट के इंजेक्शन लगाए गए थे। बसताड़ा निवासी सतबीर के ढाई माह के नवजात को भी इंजेक्शन दिया गया था। इसके अलावा उसी वैक्सीन में से 10 अन्य बच्चों को भी इंजेक्शन लगाया गया था, जो कि पूर्ण रूप से स्वस्थ है। मौत के कारण सही पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही पता चल सकेगा।
-डॉ. सतबीर कुमार, डिप्टी सीएमओ 
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