फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   10 माह से पड़ोसी यूज करता रहा बिजली और बिल भरता रहा लेक्चरर, निगम ने नहीं सुनी शिकायत तो पूरे घर की लाइट बंद करके पकड़ी गड़बड़ी

10 माह से पड़ोसी यूज करता रहा बिजली और बिल भरता रहा लेक्चरर, निगम ने नहीं सुनी शिकायत तो पूरे घर की लाइट बंद करके पकड़ी गड़बड़ी

Sat, 18 Aug 2018 12:49 AM IST
Updated Sat, 18 Aug 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
10 माह से पड़ोसी यूज करता रहा बिजली और बिल भरता रहा लेक्चरर, निगम ने नहीं सुनी शिकायत तो पूरे घर की लाइट बंद करके पकड़ी गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

करनाल। बिजली निगम कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं को भरना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला सेक्टर-32 स्थित नरसी विलेज हाउस नंबर 116 में आया है। इसमें बिजली कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही के कारण एक उपभोक्ता अपने पड़ोसी द्वारा खर्च की गई बिजली का बिल भुगतान 10 माह तक करता रहा। 11-11 हजार रुपये बिजली का बिल आने पर पीड़ित उपभोक्ता ने कई बार निगम में जाकर अपनी समस्या बताई और जांच करने की मांग की, लेकिन निगम ने उसकी एक भी बात नहीं सुनी। हारकर लेक्चरर हरिओम शर्मा ने घर के सभी उपकरण बंद करने के बाद मीटर चलता रहा, जबकि उसके पड़ोसी का मीटर अचानक से बंद हो गया। इस पर उसने वीडियो बनाई और पूरे मामले का खुलासा हुआ। वहीं दूसरी ओर निगम के अधिकारी शिकायत आने से भी मना कर रहे हैं। वहीं पीड़ित उपभोक्ता का कहना है कि उन्होंने 13 अगस्त को लिखित शिकायत एसडीओ को दी है।
मामले के अनुसार, हाउस नंबर 116 निवासी पीड़ित लेक्चरर हरिओम के मीटर में हाउस नंबर 117 की तार जोड़ा हुआ था और 116 नंबर हाउस की तार 117 हाउस नंबर के मीटर में जोड़ी हुई थी। इतना ही नहीं जब पीड़ित उपभोक्ता ने इस लापरवाही की शिकायत निगम को की तो निगम के कर्मचारी अपनी गलती को ठीक करने के लिए लेक्चरर को बिना बताए बिजली की तार सही जोड़ने के लगे। इन 10 महीनों में पीड़ित उपभोक्ता ने करीब 45 हजार रुपये का बिल भरा है और उसके पड़ोसी ने करीब तीन हजार रुपये का ही बिल भरा है।
विज्ञापन


ये है पूरा मामला
नर्सरी विलेज हाउस नंबर 116 निवासी लेक्चरर हरिओम ने बताया कि उनकी पत्नी ललिता के नाम पर उनका बिजली कनेक्शन है। बिजली निगम द्वारा घर के बाहर एक बॉक्स में एक साथ कई घरों के बिजली के मीटर लगाए हुए हैं। अगस्त 2017 में निगम के कर्मचारियों ने उस बॉक्स की जगह बदली थी। उसी समय से उनका कभी 8 हजार तो कभी 11 हजार बिजली का बिल आने लगा। इससे पहले उनका बिल 1200 रुपये के आस-पास ही आता था। इस बारे में उसने कई बार निगम के कार्यालय में जाकर शिकायत की और जांच करने की मांग की। एक बार कर्मचारी जांच करने भी आए, लेकिन उन्होंने भी कुछ नहीं किया। इसके बाद भी बिल ऐसे ही आया। बिजली बिल देकर उसका परिवार मानसिक रुप से परेशान हो गया। उसने इलेक्ट्रीशियन बुलाकर घर के सभी उपकरणों की जांच भी कराई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
विज्ञापन
विज्ञापन


उपभोक्ता ने उठाए सवाल, ब्याज के साथ मांग रुपए
बिजली निगम को दी शिकायत में हरिओम की पत्नी ललिता ने निगम से सवाल किया कि जब कोई उपभोक्ता लापरवाही करता है तो निगम उस पर जुर्माना लगाता है। अब 10 महीने से वह निगम के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पड़ोसी का बिल भर रहे थे, इसे उन्हें जहां आर्थिक हानि हुई है तो वहीं मानसिक रूप से परेशान भी रहे हैं। ऐसे में निगम के कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निगम से ब्याज के साथ रुपये की डिमांड की है।


एसडीओ बोले, सोमवार को करेंगे समाधान
सबअर्बन डिविजन के एसडीओ राजीव ढिल्लो ने बताया कि उनके संज्ञान में यह मामला नहीं है, यदि ऐसा कोई मामला है तो वे सोमवार को शिकायतकर्ता को बुलाकर समाधान करा देंगे। उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed