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Karnal News: चिमनियां उगल रहीं काला धुआं, 277 पहुंचा एक्यूआई
Sun, 24 Nov 2024 07:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sun, 24 Nov 2024 07:03 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। विभाग ने ग्रैप चार भी लागू कर दिया है इसके बावजूद भी फैक्ट्रियों में लगी चिमनियां काला धुआं उगल रही हैं। विभाग का दावा है कि उनकी टीमें जगह जगह जाकर जांच कर रही है लेकिन उन्हें यह चिमनियां नजर नहीं आ रही है।
जिले में सैकड़ों ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जिनकी चिमनियों से जहरीला धुआं निकल रहा है। विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका सीधा असर वातावरण पर पड़ रहा है। जिले का शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 277 दर्ज किया गया। वहीं जिले में कई जगहों पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। कहीं पर बिना ढके निर्माण कार्य चल रहा है तो कहीं पर धूल उड़ रही है।
जगह-जगह कूड़ा कर्कट में आग भी लगाई जा रही है। हालांकि विभाग ने सख्ती शुरू की हुई है लेकिन फिर भी लोग वातावरण को दूषित करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वायु प्रदूषण के बढ़ने से सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। नागरिक अस्पताल व कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में सांस रोगियों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई है।
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वहीं दूसरी ओर आंख में जलन के मरीज भी आ रहे हैं। इन मरीजों में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की संख्या अधिक है। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप का कहना है कि लोगों को जरुरत पड़ने पर ही घर से बाहर आना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए। तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
वायु प्रदूषण को देखते हुए विभाग की टीम निरंतर जांच कर रही है। अन्य विभाग को भी निर्देश जारी किए हुए हैं। ग्रैप चार के नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। जिन जगहों पर चिमनियों से काला धुआं निकल रहा है उनकी जांच कराई जाएगी। - शैलेंद्र अरोड़ा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी।
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करनाल। पिछले कई दिनों से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। विभाग ने ग्रैप चार भी लागू कर दिया है इसके बावजूद भी फैक्ट्रियों में लगी चिमनियां काला धुआं उगल रही हैं। विभाग का दावा है कि उनकी टीमें जगह जगह जाकर जांच कर रही है लेकिन उन्हें यह चिमनियां नजर नहीं आ रही है।
जिले में सैकड़ों ऐसी फैक्ट्रियां हैं, जिनकी चिमनियों से जहरीला धुआं निकल रहा है। विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जिसका सीधा असर वातावरण पर पड़ रहा है। जिले का शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 277 दर्ज किया गया। वहीं जिले में कई जगहों पर नियमों की अवहेलना की जा रही है। कहीं पर बिना ढके निर्माण कार्य चल रहा है तो कहीं पर धूल उड़ रही है।
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जगह-जगह कूड़ा कर्कट में आग भी लगाई जा रही है। हालांकि विभाग ने सख्ती शुरू की हुई है लेकिन फिर भी लोग वातावरण को दूषित करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वायु प्रदूषण के बढ़ने से सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। नागरिक अस्पताल व कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में सांस रोगियों की लंबी लाइन लगनी शुरू हो गई है।
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वहीं दूसरी ओर आंख में जलन के मरीज भी आ रहे हैं। इन मरीजों में बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की संख्या अधिक है। छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप का कहना है कि लोगों को जरुरत पड़ने पर ही घर से बाहर आना चाहिए। घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करना चाहिए। तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
वायु प्रदूषण को देखते हुए विभाग की टीम निरंतर जांच कर रही है। अन्य विभाग को भी निर्देश जारी किए हुए हैं। ग्रैप चार के नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। जिन जगहों पर चिमनियों से काला धुआं निकल रहा है उनकी जांच कराई जाएगी। - शैलेंद्र अरोड़ा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी।