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विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। निसिंग के गोंदर रोड दर्शन कॉलोनी निवासी गुरमीत पुत्र दलेर सिंह को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। निसिंग थाना पुलिस ने दलेर सिंह की शिकायत पर शनिवार को दो महिलाओं सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दलेर सिंह का आरोप है कि रसीना गांव निवासी सतबीर सिंह व उसकी पत्नी सुनीता, कैथल जिले के हाबड़ी निवासी गुलाब सिंह व उसकी पत्नी रितू ने उसके साथ ठगी की है।
दलेर ने बताया कि वर्ष 2018 में सतबीर सिंह ने उसे बताया कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। उसके बेटे गुरमीत को कानूनी तरीके से कनाडा भेज देगा। उसने वीजा, कागजात आदि तैयार करवाने की एवज में 15 लाख रुपये मांगे। तब जून 2018 में उसने 50 हजार रुपये नकद, गुरमीत का पासपोर्ट, आधार कार्ड, चार फोटो व बैंक की स्टेटमेंट आदि कागजात दे दिए। 30 जून 2018 को सतबीर सिंह ने फोन करके बताया कि उसके बेटे को कनाडा भेजने का काम हो गया है और दो जुलाई 2018 को गुरमीत को कनाडा ले जाएगा। दो जुलाई को उसने 1.50 लाख रुपये और लिए फिर उसके बेटे को दिल्ली हवाई अड्डे पर गया। बाद में उन्हें पता चला कि वह उसके बेटे को थाईलैंड ले गया और उसके बाद चार जुलाई 2018 को कंबोडिया लेकर पहुंच गया।
15 जुलाई को सतबीर ने 10 लाख रुपये मांगे। उसके बाद इसके तीनों साथी एजेंट उसके घर आए और आठ लाख रुपये ले गए। उसके बेटे को कनाडा की बजाय वियतनाम लेकर पहुंच गए। एक अगस्त 2018 को फिर सतबीर सिंह ने पांच लाख रुपये और मांगे। तब चार अगस्त को गुलाब सिंह उसके घर आया और 3.94 लाख रुपये ले गया। विश्वास दिलाया कि उनके बेटे को कनाडा पहुंचाया जाएगा। फिर सतबीर ने एक लाख रुपये की मांग की। इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी उसके बेटे को कनाडा नहीं भेजा। चार महीने तक उसे व उसके बेटे को गुमराह करते रहे।
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कमरे में रखा बंद तो बिगड़ी तबीयत
आरोप है कि उनके बेटे को विदेश में कमरे में बंद कर केवल रात को ही खाना देते थे। जिस कारण उसकी तबीयत खराब रहने लगी। आखिर में वे अपने खर्च पर बेटे को थाईलैंड से दिल्ली वापस लाए। तीन नवंबर 2018 को पंचायत की जिसमें सतबीर ने गलती मानी और पैसे लौटाने की बात कही थी। चार जनवरी 2019 को 14 लाख रुपये का चेक भरकर दिया और बाकी पैसे लौटाने के लिए वक्त मांगा। वह चेक बाउंस हो गया। बाद में सतबीर सिंह पैसे देने से मुकर गया। 15 मार्च 2019 को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। चेक बाउंस के मामले में भी अदालत की शरण ली। बाद में भी इस मामले में पंचायत हुई, जिसमें 14 लाख रुपये के चेक के अलावा 11.25 लाख रुपये देने का फैसला लिया था। तब सतबीर ने पंचायत के समक्ष 5.25 लाख रुपये और दूसरा छह लाख रुपये का चेक दिया था। जबकि 14 लाख रुपये के चेक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जांच अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
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करनाल। निसिंग के गोंदर रोड दर्शन कॉलोनी निवासी गुरमीत पुत्र दलेर सिंह को विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। निसिंग थाना पुलिस ने दलेर सिंह की शिकायत पर शनिवार को दो महिलाओं सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। दलेर सिंह का आरोप है कि रसीना गांव निवासी सतबीर सिंह व उसकी पत्नी सुनीता, कैथल जिले के हाबड़ी निवासी गुलाब सिंह व उसकी पत्नी रितू ने उसके साथ ठगी की है।
दलेर ने बताया कि वर्ष 2018 में सतबीर सिंह ने उसे बताया कि वह लोगों को विदेश भेजने का काम करता है। उसके बेटे गुरमीत को कानूनी तरीके से कनाडा भेज देगा। उसने वीजा, कागजात आदि तैयार करवाने की एवज में 15 लाख रुपये मांगे। तब जून 2018 में उसने 50 हजार रुपये नकद, गुरमीत का पासपोर्ट, आधार कार्ड, चार फोटो व बैंक की स्टेटमेंट आदि कागजात दे दिए। 30 जून 2018 को सतबीर सिंह ने फोन करके बताया कि उसके बेटे को कनाडा भेजने का काम हो गया है और दो जुलाई 2018 को गुरमीत को कनाडा ले जाएगा। दो जुलाई को उसने 1.50 लाख रुपये और लिए फिर उसके बेटे को दिल्ली हवाई अड्डे पर गया। बाद में उन्हें पता चला कि वह उसके बेटे को थाईलैंड ले गया और उसके बाद चार जुलाई 2018 को कंबोडिया लेकर पहुंच गया।
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15 जुलाई को सतबीर ने 10 लाख रुपये मांगे। उसके बाद इसके तीनों साथी एजेंट उसके घर आए और आठ लाख रुपये ले गए। उसके बेटे को कनाडा की बजाय वियतनाम लेकर पहुंच गए। एक अगस्त 2018 को फिर सतबीर सिंह ने पांच लाख रुपये और मांगे। तब चार अगस्त को गुलाब सिंह उसके घर आया और 3.94 लाख रुपये ले गया। विश्वास दिलाया कि उनके बेटे को कनाडा पहुंचाया जाएगा। फिर सतबीर ने एक लाख रुपये की मांग की। इतनी बड़ी रकम लेने के बाद भी उसके बेटे को कनाडा नहीं भेजा। चार महीने तक उसे व उसके बेटे को गुमराह करते रहे।
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कमरे में रखा बंद तो बिगड़ी तबीयत
आरोप है कि उनके बेटे को विदेश में कमरे में बंद कर केवल रात को ही खाना देते थे। जिस कारण उसकी तबीयत खराब रहने लगी। आखिर में वे अपने खर्च पर बेटे को थाईलैंड से दिल्ली वापस लाए। तीन नवंबर 2018 को पंचायत की जिसमें सतबीर ने गलती मानी और पैसे लौटाने की बात कही थी। चार जनवरी 2019 को 14 लाख रुपये का चेक भरकर दिया और बाकी पैसे लौटाने के लिए वक्त मांगा। वह चेक बाउंस हो गया। बाद में सतबीर सिंह पैसे देने से मुकर गया। 15 मार्च 2019 को उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। चेक बाउंस के मामले में भी अदालत की शरण ली। बाद में भी इस मामले में पंचायत हुई, जिसमें 14 लाख रुपये के चेक के अलावा 11.25 लाख रुपये देने का फैसला लिया था। तब सतबीर ने पंचायत के समक्ष 5.25 लाख रुपये और दूसरा छह लाख रुपये का चेक दिया था। जबकि 14 लाख रुपये के चेक का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जांच अधिकारी सतीश कुमार के अनुसार मामले की छानबीन शुरू कर दी है।