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ऑटो अपील से निर्धारित समय पर मिलेगा सरकारी विभागों की सेवाओं का लाभ
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। प्रदेश के लोगों को अब सरकारी विभागों की सेवाओं के लाभ के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सेवाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार नई व्यवस्था करने जा रही है। पहली सितंबर को ऑटो अपील व्यवस्था की सीएम मनोहर लाल शुरुआत करेंगे। इस व्यवस्था के बाद अधिकारी और कर्मचारी किसी भी सेवा के लिए बहानेबाजी नहीं कर सकेंगे। उन्हें तय समय में निर्धारित सेवा कार्य को पूरा ही करना होगा। वहीं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत दी जाने वाली सेवाओं की संख्या भी 551 से बढ़ाकर 1000 की जाएगी। इसके बाद इस तरह की व्यवस्था वाला हरियाणा देश का पहला प्रदेश होगा।
हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने सोमवार को करनाल के डा. मंगलसेन सभागार में इस अधिनियम के तहत मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को निर्धारित समय पर सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए हर अधिकारी व कर्मचारी को जागरूक होना होगा। यदि कोई अधिकारी समय पर सेवा देने में आनाकानी करता है तो अधिनियम में 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सरकार सेवाएं तो दे रही है, परंतु आम जनता तक जागरूकता की कमी व अधिकारियों की लेट लतीफी के कारण समय पर लाभ नहीं पहुंचता। इसके लिए आयोग जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित करके अधिकारियों व लाभार्थियों को जागरूक करेगा। प्रदेश में इसकी शुरुआत करनाल से की गई है। बैठक में आयोग की सदस्य सचिव मीनाक्षी राज, मेयर रेनू बाला गुप्ता, एडीसी योगेश कुमार, एसपी गंगाराम पुनिया और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
समय सीमा में बदलाव जरूरी, क्योंकि ऑनलाइन हो रहे काम
मुख्य आयुक्त ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की अभी केवल 16 सेवाएं ही अधिसूचित हैं। जबकि सभी 53 सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में लाने की सिफारिश की गई है। सेवाओं के लिए अधिसूचित समय सीमा को युक्तिसंगत बनाने की भी जरूरत है। यह समय सीमा उस युग की है, जब सेवाएं मैन्युअल रूप से प्रदान की जाती थी। लेकिन अब सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही हैं, उन्हें भी व्यवहार में लाने की जरूरत है।
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लोगों के सुझाव, व्यवस्था ऐसी बनाएं कि चक्कर न लगें
बैठक में शहर के प्रबुद्ध लोग भी शामिल हुए। सभी ने एक ही स्वर में कहा कि यदि अधिकारी आयोग के अनुसार आम जनता को सेवा प्रदान करें तो संभव है कि लोगों को अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। ऐसी ही व्यवस्था बनाने की जरूरत है। बैठक में डीसी निशांत कुमार यादव ने अधिकारियों से कहा कि सरल पोर्टल पर जो भी आवेदन आता है उसकी सरकार द्वारा निर्धारित किए गए समय पर निराकरण करें।
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करनाल। प्रदेश के लोगों को अब सरकारी विभागों की सेवाओं के लाभ के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सेवाओं का लाभ निर्धारित समय पर मिले, इसके लिए प्रदेश सरकार नई व्यवस्था करने जा रही है। पहली सितंबर को ऑटो अपील व्यवस्था की सीएम मनोहर लाल शुरुआत करेंगे। इस व्यवस्था के बाद अधिकारी और कर्मचारी किसी भी सेवा के लिए बहानेबाजी नहीं कर सकेंगे। उन्हें तय समय में निर्धारित सेवा कार्य को पूरा ही करना होगा। वहीं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत दी जाने वाली सेवाओं की संख्या भी 551 से बढ़ाकर 1000 की जाएगी। इसके बाद इस तरह की व्यवस्था वाला हरियाणा देश का पहला प्रदेश होगा।
हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने सोमवार को करनाल के डा. मंगलसेन सभागार में इस अधिनियम के तहत मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को निर्धारित समय पर सेवाओं का लाभ मिले, इसके लिए हर अधिकारी व कर्मचारी को जागरूक होना होगा। यदि कोई अधिकारी समय पर सेवा देने में आनाकानी करता है तो अधिनियम में 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सरकार सेवाएं तो दे रही है, परंतु आम जनता तक जागरूकता की कमी व अधिकारियों की लेट लतीफी के कारण समय पर लाभ नहीं पहुंचता। इसके लिए आयोग जिला स्तर पर कार्यशाला आयोजित करके अधिकारियों व लाभार्थियों को जागरूक करेगा। प्रदेश में इसकी शुरुआत करनाल से की गई है। बैठक में आयोग की सदस्य सचिव मीनाक्षी राज, मेयर रेनू बाला गुप्ता, एडीसी योगेश कुमार, एसपी गंगाराम पुनिया और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। ब्यूरो
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समय सीमा में बदलाव जरूरी, क्योंकि ऑनलाइन हो रहे काम
मुख्य आयुक्त ने कहा कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की अभी केवल 16 सेवाएं ही अधिसूचित हैं। जबकि सभी 53 सेवाओं को आवश्यक सेवाओं में लाने की सिफारिश की गई है। सेवाओं के लिए अधिसूचित समय सीमा को युक्तिसंगत बनाने की भी जरूरत है। यह समय सीमा उस युग की है, जब सेवाएं मैन्युअल रूप से प्रदान की जाती थी। लेकिन अब सेवाएं ऑनलाइन दी जा रही हैं, उन्हें भी व्यवहार में लाने की जरूरत है।
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लोगों के सुझाव, व्यवस्था ऐसी बनाएं कि चक्कर न लगें
बैठक में शहर के प्रबुद्ध लोग भी शामिल हुए। सभी ने एक ही स्वर में कहा कि यदि अधिकारी आयोग के अनुसार आम जनता को सेवा प्रदान करें तो संभव है कि लोगों को अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। ऐसी ही व्यवस्था बनाने की जरूरत है। बैठक में डीसी निशांत कुमार यादव ने अधिकारियों से कहा कि सरल पोर्टल पर जो भी आवेदन आता है उसकी सरकार द्वारा निर्धारित किए गए समय पर निराकरण करें।