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Karnal News: इंतजाम नाकाफी, सड़कों पर घूम रहे 20 हजार लावारिस कुत्ते
Mon, 10 Nov 2025 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 10 Nov 2025 01:27 AM IST
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करनाल।
नगर निगम की लापरवाही से 20 हजार लावारिस कुत्ते सड़कों पर घूम रहे हैं। ये रोजाना 30 से 40 लोगों को काट भी रहे हैं। पिछले माह में 1094 लोग कुत्ते के काटने पर जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने के लिए पहुंचे। नगर निगम शेल्टर होम के लिए जमीन चिह्नित नहीं कर पाया है। आठ महीने में नसबंदी भी मात्र 3300 कुत्तों की हुई है। प्रतिदिन केवल 25-30 कुत्तों की ही नसबंदी की जा रही है।
पशु पालन विभाग से सेवानिवृत्त पशु चिकित्सक डॉ. रोशनलाल का कहना है कि लावारिस कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए नगर निगम को और गंभीर होना पड़ेगा। प्रतिदिन नसबंदी की संख्या भी बढ़ानी होगी। कम से कम 100 कुत्तों की नसबंदी रोज की जानी चाहिए। तब जाकर करीब छह महीने में समस्या का समाधान हो सकेगा। हालांकि नसबंदी ही समस्या के समाधान के लिए काफी नहीं है। लावारिस कुत्तों के लिए शेल्टर होम भी जल्द बनाया जाना चाहिए।
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उसी इलाके में छोड़ देते हैं
नगर निगम की ओर से इनकी नसबंदी का अभियान तो चलाया जा रहा है लेकिन डॉग शेल्टर न होने की वजह से इनको नसबंदी के बाद वापस उसी जगह छोड़ दिया जाता है, जहां से इनको उठाया जाता है। ऐसे में लोगों के लिए समस्या का समाधान नहीं होता। उनका कहना है कि नगर निगम का अभियान तो बस खानापूर्ति है। सड़कों से तो लावारिस कुत्तों की संख्या कम नहीं हो रही है।
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पालतू कुत्ते भी समस्या बने
नगर निगम के आकलन के लिए मुताबिक करीब पांच हजार पालतू कुत्ते भी लोगों ने घरों में पाल रखे हैं। ये भी कई बार आसपास के लोगों को काट लेते हैं। विगत दिनों रेलवे रोड पर महिला को पालतू कुत्ते ने काट लिया था। नगर निगम में पालतू कुत्तों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया जा रहा। रजिस्ट्रेशन की सुविधा है। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर जुर्माने का भी प्रावधान है। लोग अपने पालतू कुत्ते का रजिस्ट्रेशन करा नहीं रहे। निगम की ओर से अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है।
जल्द बनाया जाएगा शेल्टर
शहर में घूमने वाले लावारिस कुत्तों की नसबंदी करवाने के बाद इन्हें शेल्टर में रखा जाएगा। शेल्टर बनाने के लिए पहले भी जगह चिह्नित करने का प्रयास किया गया था। अब सरकारी हिदायत और नियमानुसार जल्द ही शेल्टर बनाने का प्रयास किया जाएगा। -अशोक कुमार, अतिरिक्त निगम आयुक्त