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प्रदेश का पहला ‘अपना किचन’, अब कुकिंग से कमाएंगी महिलाएं
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घर का चूल्हा चौका अब महिलाओं का प्रोफेशन बनने जा रहा है, अब तक अपनी कुकिंग से सिर्फ परिवार का पेट भरती थी। लेकिन अब इससे महिलाओं को कमाई भी होगी। फर्क इतना होगा कि अभी तक घर की जगह अपना किचन (सरकारी कैंटीन) होगी। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश का पहला अपना किचन कर्ण नगरी के लघु सचिवालय में होगा। जहां कुकिंग से लेकर इसके संचालन तक का पूरा कार्य सेल्फ हेल्प ग्रुप की 40 महिलाओं द्वारा किया जाएगा। लोगों को यह फायदा होगा कि उन्हें सस्ते में घर जैसा पौष्टिक भोजन मिलेगा। और महिलाओं को कमाई का एक और जरिया मिल जाएगा।
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा तो शुरू हुआ प्रोजेक्ट
पहले इस कैंटीन को विकास सदन में बनाया जाना था। डी-प्लान के तहत मार्च माह में पांच लाख रुपये भी आ गए थे। लेकिन जिला परिषद के सीईओ एवं एडीसी अनीश यादव ने यहां जगह की परमिशन नहीं दी तो मई माह में प्रोजेक्ट के लिए आए पांच लाख रुपये भी लैप्स हो गए। अमर उजाला ने 21 मई के अंक में पैसे लैप्स होने पर अधिकारियों की लापरवाही को उजागर किया, तो प्रोजेक्ट के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू हुई। अब आठ लाख रुपये की लागत से लघु सचिवालय में इसे बनाया जाएगा।
केरल के बाद हरियाणा दूसरा प्रदेश जहां शुरू होगा अपना किचन
सीएमजीजीए साक्षी श्रीवास्तव के अनुसार, अपना किचन प्रोजेक्ट अभी केरल में चल रहा है। वहां पर कुडुम श्री संस्था सरकार के इस प्रोजेक्ट को चला रही है। हरियाणा में भी कई जिलों में इस तरह की किचन बनेंगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरूआत करनाल से करते हुए यहीं पर प्रदेश की पहली किचन बनाई जा रही है।
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यह है अपना किचन प्रोजेक्ट
अपना किचन एक ऐसी कैंटीन है। जहां कोई भी व्यक्ति किफायती दामों में भर पेट खाना खा सकता है। और खाना भी घर जैसा बना होगा। शहर के लोगों को शुद्ध भोजन प्रदान करने के लिए अपना किचन प्रोजेक्ट के तहत ऐसी कैंटीन खोली जा रही है। खास बात यह है कि इस कैंटीन को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा चलाया जाएगा। घर से बाहर निकलकर भी महिलाएं काम करें, इससे एक तो उनका आय का साधन भी विकसित होगा, तो वहीं वें स्वावलंबी भी बनेंगी।
लघु सचिवालय में कैंटीन बनाई जानी है। इसी सप्ताह में कार्य शुरू हो जाएगा। टेंडर कॉल कर दिए हैं। -रामफल, एक्सईएन, पंचायती राज।
कैंटीन डी प्लान के तहत बनाई जाएगी। सेल्फ हेल्प ग्रुप की 40 महिलाएं इसका संचालन करेंगी। इन्हें जनवरी माह में ट्रेनिंग दिलाई जा चुकी है। -जुबिन, जिला प्रोग्राम मैनेजर, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा तो शुरू हुआ प्रोजेक्ट
पहले इस कैंटीन को विकास सदन में बनाया जाना था। डी-प्लान के तहत मार्च माह में पांच लाख रुपये भी आ गए थे। लेकिन जिला परिषद के सीईओ एवं एडीसी अनीश यादव ने यहां जगह की परमिशन नहीं दी तो मई माह में प्रोजेक्ट के लिए आए पांच लाख रुपये भी लैप्स हो गए। अमर उजाला ने 21 मई के अंक में पैसे लैप्स होने पर अधिकारियों की लापरवाही को उजागर किया, तो प्रोजेक्ट के लिए दोबारा प्रक्रिया शुरू हुई। अब आठ लाख रुपये की लागत से लघु सचिवालय में इसे बनाया जाएगा।
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केरल के बाद हरियाणा दूसरा प्रदेश जहां शुरू होगा अपना किचन
सीएमजीजीए साक्षी श्रीवास्तव के अनुसार, अपना किचन प्रोजेक्ट अभी केरल में चल रहा है। वहां पर कुडुम श्री संस्था सरकार के इस प्रोजेक्ट को चला रही है। हरियाणा में भी कई जिलों में इस तरह की किचन बनेंगी। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरूआत करनाल से करते हुए यहीं पर प्रदेश की पहली किचन बनाई जा रही है।
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यह है अपना किचन प्रोजेक्ट
अपना किचन एक ऐसी कैंटीन है। जहां कोई भी व्यक्ति किफायती दामों में भर पेट खाना खा सकता है। और खाना भी घर जैसा बना होगा। शहर के लोगों को शुद्ध भोजन प्रदान करने के लिए अपना किचन प्रोजेक्ट के तहत ऐसी कैंटीन खोली जा रही है। खास बात यह है कि इस कैंटीन को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा चलाया जाएगा। घर से बाहर निकलकर भी महिलाएं काम करें, इससे एक तो उनका आय का साधन भी विकसित होगा, तो वहीं वें स्वावलंबी भी बनेंगी।
लघु सचिवालय में कैंटीन बनाई जानी है। इसी सप्ताह में कार्य शुरू हो जाएगा। टेंडर कॉल कर दिए हैं। -रामफल, एक्सईएन, पंचायती राज।
कैंटीन डी प्लान के तहत बनाई जाएगी। सेल्फ हेल्प ग्रुप की 40 महिलाएं इसका संचालन करेंगी। इन्हें जनवरी माह में ट्रेनिंग दिलाई जा चुकी है। -जुबिन, जिला प्रोग्राम मैनेजर, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन।