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Karnal News: पात्रों के नाम पीएम आवास योजना से काटने का आरोप, दी शिकायत
Sat, 11 Oct 2025 01:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Sat, 11 Oct 2025 01:35 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। सुखनगरी ढलौर गांव की महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट से नाम काट जाने की शिकायत एसडीएम को देकर दोबारा सर्वे कराने की मांग की है। महिलाओं ने गुहार लगाई कि गांव में दोबारा जांच की जाए और पात्र लोगों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए।
सुखनगरी ढलौर की रूबी देवी, अंजु देवी, मंजू देवी, कुसुम ने एसडीएम जसपाल गिल को शिकायत देकर प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट से उनका नाम काट कर रोष प्रकट करते हुए दोबारा सर्वे करवाकर उनको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी में उनकी आय कम है और उनका बीपीएल राशन कार्ड बना हुआ है। वह गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन व्यतीत कर रहीं हैं। उनके पास रहने के लिए जो मकान हैं वह भी कच्चे है। उनके घर जर्जर होने लगे हैं। उनके गांव में जब सर्वे हुआ था तो ग्राम सचिव ने मकानों की हालत और उनकी आर्थिक हालत देखकर प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों में उनका नाम दर्ज किया था। ग्राम सचिव शिवकुमार ने बताया कि उनका नाम काॅलोनी की लिस्ट में नहीं आया है। महिलाओं का कहना है कि उनके गांव में जिन लोगों के लिस्ट में नाम आए हैं वह कॉलोनी लेने की शर्तों को पूरा नहीं करते। उनके मकान पक्के बने हुए है।
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व्यासपुर। सुखनगरी ढलौर गांव की महिलाओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट से नाम काट जाने की शिकायत एसडीएम को देकर दोबारा सर्वे कराने की मांग की है। महिलाओं ने गुहार लगाई कि गांव में दोबारा जांच की जाए और पात्र लोगों को ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाए।
सुखनगरी ढलौर की रूबी देवी, अंजु देवी, मंजू देवी, कुसुम ने एसडीएम जसपाल गिल को शिकायत देकर प्रधानमंत्री आवास योजना की लिस्ट से उनका नाम काट कर रोष प्रकट करते हुए दोबारा सर्वे करवाकर उनको प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फैमिली आईडी में उनकी आय कम है और उनका बीपीएल राशन कार्ड बना हुआ है। वह गरीबी रेखा से नीचे अपना जीवन व्यतीत कर रहीं हैं। उनके पास रहने के लिए जो मकान हैं वह भी कच्चे है। उनके घर जर्जर होने लगे हैं। उनके गांव में जब सर्वे हुआ था तो ग्राम सचिव ने मकानों की हालत और उनकी आर्थिक हालत देखकर प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों में उनका नाम दर्ज किया था। ग्राम सचिव शिवकुमार ने बताया कि उनका नाम काॅलोनी की लिस्ट में नहीं आया है। महिलाओं का कहना है कि उनके गांव में जिन लोगों के लिस्ट में नाम आए हैं वह कॉलोनी लेने की शर्तों को पूरा नहीं करते। उनके मकान पक्के बने हुए है।
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