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Karnal News: फर्जी खेल संगठनों के खिलाफ होगी कार्रवाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 03:39 AM IST
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Action will be taken against fake sports organizations
- मुख्यालय की ओर से जिले की फर्जी खेल नर्सरियों व संगठनों की मांगी गई रिपोर्ट
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खेल विभाग जल्द ऐसे प्रशिक्षण केंद्रों पर कार्रवाई करेगा जो मानकों पर खरा नहीं उतरते। मुख्यालय की ओर से हर जिले की ऐसी फर्जी खेल नर्सरियों व संगठनों की रिपोर्ट मांगी गई है जो खिलाड़ियों को गुमराह कर रुपये ऐंठने का काम कर रहे हैं।
जिले में एक खेल की दो-दो फेडरेशन भी संचालित की जा रही हैं। खिलाड़ी इस असमंजस में रहते हैं कि कौन सी फेडरेशन को मान्यता प्राप्त है और किसे नहीं। अब खेल विभाग की ओर से ऐसी फेडरेशन पर सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई जा रही है। खेल संघों को काउंसिल में पंजीकरण करवाना होगा, उन्हें विभाग की ओर से तीन साल के लिए मान्यता दी जाएगी। बिना मान्यता खेल प्रशिक्षण देने वाली एसोसिएशन पर विभाग की ओर से सख्त कार्रवाई करते हुए 50 हजार से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
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यह जुर्माना क्षेत्रीय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक के संघ पर होगा। अब हर जिले में खेल संघों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। यह खासकर उन खेलों पर ज्यादा असरदार होगा जो गैर ओलिंपिक खेल हैं व उनकी एक नहीं कई-कई एसोसिएशन हैं। इस कारण खिलाड़ियों का समय और आर्थिक नुकसान होता है। खेल संघों को मान्यता देने के लिए हरियाणा खेल पंजीकरण परिषद और क्षेत्रीय खेल पंजीकरण परिषद बनाई जाएंगी, जिसमें खेल निदेशक सदस्य सचिव होंगे। राज्य स्तर के सभी खेल संघों को इस काउंसिल में पंजीकरण करवाना होगा। अक्सर देखने में आता है कि जिला खेल अधिकारी के पास भी दूसरे प्रदेशों में जाने वाले खिलाड़ियों की स्टीक जानकारी नहीं होती। इसके लिए उन्हें भी संबंधित खेल के कोच से जानकारी जुटानी पड़ती है।
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फेडरेशन के खिलाड़ी पदक जीतकर जब जिला कार्यालय में ग्रेडेशन और कैश अवार्ड के लिए आवेदन करते हैं तो उनमें से कई खिलाड़ियों की यह सुविधा नहीं मिल पाती। बाद में इन खिलाड़ियों को पता चलता है कि उनके साथ धोखा हुआ है, लेकिन तब तक वह अपने कीमती समय के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठा चुका होता है। आज भी खिलाड़ी और अभिभावकों में जागरूकता की कमी है। कर्ण स्टेडियम में सरकार की ओर से खिलाड़ियों को बेहतर निशुल्क प्रशिक्षण के साथ साथ उचित मार्गदर्शन भी दिया जाता है वहीं निजी अकादमी और फेडरेशन के चंगुल में फंस कर जिले के कई खिलाड़ी अपना भविष्य खराब कर चुके हैं।


नौकरियों में नहीं मिलती प्राथमिकता
गैर मान्यता खेल संघों के खिलाड़ियों को नौकरियों में प्राथमिकता नहीं दी जाती। कर्ण स्टेडियम के मुख्य कोच सुरेंद्र चौहान, ओंकार सिंह, कंवलजीत सिंह, अश्विनी कुमार, वजीर सिंह, सतीश पंघाल, ऋषि व पुनीत का कहना है कि यह व्यवस्था लागू होने से गैर मान्यता प्राप्त खेल संगठनों पर लगाम लगेगी। जिससे वह किसी तरह की खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं कर सकेगा। इसी तरह खेल संघों को क्षेत्रीय स्तर पर मान्यता के लिए मंडलायुक्त स्तर के अधिकारी की अगुवाई में क्षेत्रीय खेल रजिस्ट्रेशन काउंसिल बनाई जाएंगी। जिले के उपायुक्त इसमें सदस्य होंगे, जबकि जिला खेल अधिकारी को सदस्य सचिव की जिम्मेदारी दी जाएगी।
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