{"_id":"65aaf7d409ad82eae808ac88","slug":"accidents-will-be-prevented-by-sending-destitute-animals-to-nandishala-not-reflector-belts-karnal-news-c-18-knl1008-309726-2024-01-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: रिफ्लेक्टर बेल्ट नहीं, बेसहारा पशुओं को नंदीशाला भेजने से रुकेंगे हादसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: रिफ्लेक्टर बेल्ट नहीं, बेसहारा पशुओं को नंदीशाला भेजने से रुकेंगे हादसे
विज्ञापन
गगन तलवार
करनाल। सरकार के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके लेकिन प्रशासन अभियान के तहत सड़कों को सुरक्षित बनाने की बजाय खानापूर्ति करने तक सीमित है। शहर की सड़कों पर रात को बेसहारा पशुओं के कारण रोजाना कोई न कोई हादसे का शिकार हो रहा है लेकिन अधिकारियों को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से भी लग रहा कि सड़कों पर बेसहारा घूमते गोवंश को नंदीशाला या गोशाला भेजने की बजाय जिला प्रशासन केवल इनके गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट पहनाने या रिफ्लेक्टर टेप लगाने तक सीमित है।
अमर उजाला संवाददाता ने शहर के विभिन्न मार्गों पर रात साढ़े 11 बजे से लेकर एक बजे तक स्थिति की पड़ताल की तो हर रास्ते पर बेसहारा पशुओं की भरमार दिखाई दी। आरटीए टीम की ओर से एक दिन पहले शहर में विभिन्न जगहों पर बेसहारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट डाली गई लेकिन रात में एक-दो को छोड़कर किसी भी पशु के गले में यह बेल्ट नहीं दिखाई दी।
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट तेजपाल और शुभम का कहना है कि केवल इस गतिविधि से हादसे नहीं रुकेंगे। अच्छा हो प्रशासन इस विशेष माह में सड़कों को हादसा मुक्त बनाने के लिए काम करे और इन पशुओं को नंदीशाला भेजा जाए। ताकि यह भी ठंड से बचें और लोगों को सभी सुरक्षित सड़क मिले।
विज्ञापन
बीच रास्ते खड़े नंदी
स्थान : पुरानी सब्जी मंडी और मुख्य रोड
पुरानी सब्जी मंडी परिसर में पांच, कुंजपुरा रोड को जोड़ने वाली लिंक रोड पर दो और सेक्टर-14 से कमेटी चौक तक जाने वाले रास्ते पर तीन जगह गोवंश दिखाई दिया। ठंड में पशु बीच सड़क में दौड़ रहे हैं या कचरे में मुंह मारने को मजबूर दिखाई दिए।
पशुओं में छिड़ी खाने की जंग
स्थान : मुगल कैनाल और सेक्टर-13 रोड
मुगल कैनाल पर डंपिंग प्वाइंट के नजदीक दो व हरकिशन स्कूल के पास चार जगह गोवंश दिखाई दिए। यहां एक जगह पशु शोरुम के बरामदे में दुबके हुए थे और अन्य सड़क पर गंदगी में मुंह मारते दिखाई दिए। यहां पशुओं में आपस में भिड़ रहे थे तो एक कार चालक पास से बचकर निकला।
सड़क पर दौड़े नंदी, हादसे से बचे
स्थान : रेलवे रोड और सदर बाजार
कमेटी चौक से लेकर रेलवे स्टेशन के रास्ते तक कुल सात जगह गोवंश दिखाई दिए। राजकीय कन्या स्कूल के पास तो नंदी बीच सड़क में रात को दौड़ लगा रहे थे। एक बाइक चालक व ई-रिक्शा हादसा होने से बाल-बाल बचे। किसी भी पशु के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट नहीं दिखी।
ओस में ढूंढ रहे ठिकाना
स्थान : कैथल रोड और काछवा रोड
करनाल कैथल राजमार्ग रात में भी व्यस्त रोड है। यहां भी बीच सड़क बेसहारा गोवंश दिखाई दिया। इसके अलावा राम नगर में चार खंभा चौक के नजदीक और प्रेम नगर में हनुमान मंदिर के पास के मार्ग पर नंदी बीच सड़क घूमते दिखाई दिए। ये भी ओस से बचने का ठिकाना ढूंढ रहे थे।
सड़क सुरक्षा माह के तहत पशुओं को रिफ्लेक्टर बेल्ट पहनाई जा रही है। पशुओं को नंदीशाला भेजने काम नगर निगम का है। इसके लिए सड़क सुरक्षा समिति के चेयरमैन एवं उपायुक्त ने निगम अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए थे। इस संदर्भ में दोबारा से पत्र भी लिखा जाएगा। - विजय देसवाल, आरटीए करनाल।
विज्ञापन
करनाल। सरकार के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके लेकिन प्रशासन अभियान के तहत सड़कों को सुरक्षित बनाने की बजाय खानापूर्ति करने तक सीमित है। शहर की सड़कों पर रात को बेसहारा पशुओं के कारण रोजाना कोई न कोई हादसे का शिकार हो रहा है लेकिन अधिकारियों को लोगों की जान की कोई परवाह नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से भी लग रहा कि सड़कों पर बेसहारा घूमते गोवंश को नंदीशाला या गोशाला भेजने की बजाय जिला प्रशासन केवल इनके गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट पहनाने या रिफ्लेक्टर टेप लगाने तक सीमित है।
अमर उजाला संवाददाता ने शहर के विभिन्न मार्गों पर रात साढ़े 11 बजे से लेकर एक बजे तक स्थिति की पड़ताल की तो हर रास्ते पर बेसहारा पशुओं की भरमार दिखाई दी। आरटीए टीम की ओर से एक दिन पहले शहर में विभिन्न जगहों पर बेसहारा पशुओं के गले में रिफ्लेक्टिव बेल्ट डाली गई लेकिन रात में एक-दो को छोड़कर किसी भी पशु के गले में यह बेल्ट नहीं दिखाई दी।
विज्ञापन
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट तेजपाल और शुभम का कहना है कि केवल इस गतिविधि से हादसे नहीं रुकेंगे। अच्छा हो प्रशासन इस विशेष माह में सड़कों को हादसा मुक्त बनाने के लिए काम करे और इन पशुओं को नंदीशाला भेजा जाए। ताकि यह भी ठंड से बचें और लोगों को सभी सुरक्षित सड़क मिले।
विज्ञापन
बीच रास्ते खड़े नंदी
स्थान : पुरानी सब्जी मंडी और मुख्य रोड
पुरानी सब्जी मंडी परिसर में पांच, कुंजपुरा रोड को जोड़ने वाली लिंक रोड पर दो और सेक्टर-14 से कमेटी चौक तक जाने वाले रास्ते पर तीन जगह गोवंश दिखाई दिया। ठंड में पशु बीच सड़क में दौड़ रहे हैं या कचरे में मुंह मारने को मजबूर दिखाई दिए।
पशुओं में छिड़ी खाने की जंग
स्थान : मुगल कैनाल और सेक्टर-13 रोड
मुगल कैनाल पर डंपिंग प्वाइंट के नजदीक दो व हरकिशन स्कूल के पास चार जगह गोवंश दिखाई दिए। यहां एक जगह पशु शोरुम के बरामदे में दुबके हुए थे और अन्य सड़क पर गंदगी में मुंह मारते दिखाई दिए। यहां पशुओं में आपस में भिड़ रहे थे तो एक कार चालक पास से बचकर निकला।
सड़क पर दौड़े नंदी, हादसे से बचे
स्थान : रेलवे रोड और सदर बाजार
कमेटी चौक से लेकर रेलवे स्टेशन के रास्ते तक कुल सात जगह गोवंश दिखाई दिए। राजकीय कन्या स्कूल के पास तो नंदी बीच सड़क में रात को दौड़ लगा रहे थे। एक बाइक चालक व ई-रिक्शा हादसा होने से बाल-बाल बचे। किसी भी पशु के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट नहीं दिखी।
ओस में ढूंढ रहे ठिकाना
स्थान : कैथल रोड और काछवा रोड
करनाल कैथल राजमार्ग रात में भी व्यस्त रोड है। यहां भी बीच सड़क बेसहारा गोवंश दिखाई दिया। इसके अलावा राम नगर में चार खंभा चौक के नजदीक और प्रेम नगर में हनुमान मंदिर के पास के मार्ग पर नंदी बीच सड़क घूमते दिखाई दिए। ये भी ओस से बचने का ठिकाना ढूंढ रहे थे।
सड़क सुरक्षा माह के तहत पशुओं को रिफ्लेक्टर बेल्ट पहनाई जा रही है। पशुओं को नंदीशाला भेजने काम नगर निगम का है। इसके लिए सड़क सुरक्षा समिति के चेयरमैन एवं उपायुक्त ने निगम अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए थे। इस संदर्भ में दोबारा से पत्र भी लिखा जाएगा। - विजय देसवाल, आरटीए करनाल।