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आज हर जिले में ज्ञापन देंगे परिवहन विभाग द्वारा हटाए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारी
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। परिवहन विभाग द्वारा हटाए गए आउटसोर्सिंग के प्रदेशभर के कर्मचारियों ने सोमवार को कर्ण पार्क में एकत्रित होकर सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। हटाए गए कर्मचारियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि वे मंगलवार को अपने-अपने जिले में डीसी को सीएम के नाम अपनी मांगों को ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया है। कर्ण पार्क में करनाल के आशीष शर्मा, विनोद सालवन, चंडीगढ़ के ललित कुमार, रमेश कुमार आदि ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने पर सरकार ने इमरजेंसी में प्रदेशभर में करीब पांच हजार कर्मचारी आउटसोर्सिंग पॉलिसीवन के तहत भर्ती किए थे। जिसमें ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर व इलेक्ट्रीशियन आदि शामिल थे। इन सभी कर्मचारियों ने पूरी मेहनत व लगन के साथ काम किया। इतना ही हड़ताल पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों ने उन्हें रोकने के लिए भी विभिन्न हथकंडे अपनाए और कई कर्मचारियों के मुंह भी काले किए इतना ही नहीं कई बार तो उन्होंने फर्जी चेकर बनकर कर्मचारियों के थैले भी छिनने की कोशिश भी थी।
उन्होंने सीएम से अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें किसी भी विभाग में किसी भी पद पर कार्यरत कर दें। दूसरी उन्होंने मांग की है कि रोडवेज में जितने दिन उन्होंने काम किया है उसका प्रमाण पत्र दिया जाए। यदि कोई भर्ती निकले तो उसमें उन्हें राहते देते हुए प्राथमिकता दी जाए। इस अवसर पर करनाल से रवि राणा, सुरेंद्र पाल, महेंद्र पाल बाल पबाना, सिरसा से संदीप, कैथल से राजिव, देवीलाल, अंबाला से मोहित, जयप्रकाश, परजीत सिंह, जींद से जोगिंद्र, पवन, हरदीप, पानीपत से राकेश, मोहन, पंचकूला, डबवाली से राम चंद्र आदि मौजूद रहे।
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करनाल। परिवहन विभाग द्वारा हटाए गए आउटसोर्सिंग के प्रदेशभर के कर्मचारियों ने सोमवार को कर्ण पार्क में एकत्रित होकर सरकार के प्रति रोष प्रकट किया। हटाए गए कर्मचारियों ने बैठक कर निर्णय लिया कि वे मंगलवार को अपने-अपने जिले में डीसी को सीएम के नाम अपनी मांगों को ज्ञापन सौंपेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने उन्हें दूध में पड़ी मक्खी की तरह निकालकर फेंक दिया है। कर्ण पार्क में करनाल के आशीष शर्मा, विनोद सालवन, चंडीगढ़ के ललित कुमार, रमेश कुमार आदि ने बताया कि रोडवेज कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने पर सरकार ने इमरजेंसी में प्रदेशभर में करीब पांच हजार कर्मचारी आउटसोर्सिंग पॉलिसीवन के तहत भर्ती किए थे। जिसमें ड्राइवर, कंडक्टर, हेल्पर व इलेक्ट्रीशियन आदि शामिल थे। इन सभी कर्मचारियों ने पूरी मेहनत व लगन के साथ काम किया। इतना ही हड़ताल पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों ने उन्हें रोकने के लिए भी विभिन्न हथकंडे अपनाए और कई कर्मचारियों के मुंह भी काले किए इतना ही नहीं कई बार तो उन्होंने फर्जी चेकर बनकर कर्मचारियों के थैले भी छिनने की कोशिश भी थी।
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उन्होंने सीएम से अपील करते हुए कहा कि सरकार उन्हें किसी भी विभाग में किसी भी पद पर कार्यरत कर दें। दूसरी उन्होंने मांग की है कि रोडवेज में जितने दिन उन्होंने काम किया है उसका प्रमाण पत्र दिया जाए। यदि कोई भर्ती निकले तो उसमें उन्हें राहते देते हुए प्राथमिकता दी जाए। इस अवसर पर करनाल से रवि राणा, सुरेंद्र पाल, महेंद्र पाल बाल पबाना, सिरसा से संदीप, कैथल से राजिव, देवीलाल, अंबाला से मोहित, जयप्रकाश, परजीत सिंह, जींद से जोगिंद्र, पवन, हरदीप, पानीपत से राकेश, मोहन, पंचकूला, डबवाली से राम चंद्र आदि मौजूद रहे।
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