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सिविल अस्पताल में बुर्जुगों को नहीं लगना होगा लाइन में, ग्रीन कार्ड से प्राथमिकता पर होगा चेकअप
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:01 AM IST
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अब बुजुर्गों का ग्रीन कार्ड से होगा चेकअप, डॉक्टर-दवा काउंटर तक ले जाएगा अटेंडेंट
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले सीनियर सिटीजन को अब न तो लंबी लाइन में लगना पड़ेगा और न ही पंजीकरण पर्ची बनवाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। यही नहीं अगर किसी सीनियर सिटीजन के साथ परिजन नहीं है तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। अस्पताल में एक अटेंडेंट की सुविधा मिलेगी जो बुजुर्ग के सभी काम पूरे कराने में मददगार बनेगा। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की ओर से नेशनल प्रोग्राम फॉर एडलरी हेल्थ योजना शुरू की जा रही है। योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों का सिविल अस्पताल में अलग से हरे रंग का कार्ड बनाया जाएगा। इससे बुजुर्ग को डॉक्टर से चेकअप कराने के लिए कमरे के बाहर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। कार्ड को देखकर डॉक्टर उस बुजुर्ग का सबसे पहले चेकअप करेगा। इसके बाद उस बुजुर्ग को दवा भी सबसे पहले मिलेगी।
फिलहाल करनाल स्वास्थ्य विभाग ने ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए ऑडर दे दिया है। अगले 10 दिनों में ये कार्ड सिविल अस्पताल में पहुंच जाएंगे और यह सुविधा शुरू हो जाएगी। प्रोग्राम को जिले की सीएचसी में भी शुरू किया जाएगा। बता दें कि इस समय अस्पताल में चेकअप के लिए आने वाले मरीजों को पहले पंजीकरण कराना पड़ता है और सभी पंजीकरण की सफेद पर्ची (कार्ड) मिलती है। आगामी 10 दिन में ग्रीन कार्ड प्रिंट होकर आ जाएंगे तो बुजुर्गों को पंजीकरण के समय यही कार्ड जारी किए जाएंगे। वहीं सिविल अस्पताल में जल्द ही रैंप पर लोहे की ग्रिल लगाई जाएगी, ताकि बुजुर्ग लोग उन्हें पकड़कर चढ़ सके।
दोबारा शुरू हुआ है सिविल अस्पताल
बता दें 22 दिसंबर 2017 को सिविल अस्पताल दोबारा शुरू हुआ है, जिसमें अभी ओपीडी ही शुरू की गई है। अस्पताल के शुरू होने पर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी काफी कम हुई है। दिसंबर 2017 में मेडिकल कॉलेज में दो हजार के करीब ओपीडी होती थी, लेकिन अस्पताल के शुरू होने पर यह ओपीडी अब 1500 से भी नीचे पहुंच गई है। मरीजों का सिविल अस्पताल की ओर ज्यादा रुझान बढ़ रहा है। पहले दिन सिविल अस्पताल में करीब 321 लोग चेकअप के लिए आए थे, लेकिन अब यह संख्या 700 से ऊपर पहुंच गई है।
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एक व्यक्ति की लगाई जाएगी ड्यूटी, डॉक्टर तक लेकर जाएगा बुजुर्ग को
योजना के तहत एक कर्मचारी की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। जिस बुजुर्ग के साथ उनका परिजन नहीं होगा तो उसका चेकअप वह व्यक्ति कराएगा। वहीं उस मरीज को डॉक्टर के पास लेकर जाएगा, उसके टेस्ट कराएगा और उसे दवा भी दिलाएगा। ताकि उस बुजुर्ग को इलाज के लिए चक्कर न काटने पड़े। इसके साथ ही जिन बुजुर्गों के साथ उनके परिजन होंगे, उन्हें वह डॉक्टर का कमरा, ब्लड टेस्ट कहां होते हैं, क्या करना है, दवा कहां मिलेगी। ये सभी बातें बताएगा। इस प्रोग्राम के तहत बुजुर्गों के लिए अलग से वार्ड भी बनाना है, फिलहाल सिविल अस्पताल में वार्ड शुरू नहीं हुए है। इन सीनियर सिटीजन को अस्पताल में प्राथमिकता पर हर सुविधाएं मिलेगी। यहीं नहीं यदि इन मरीजों का ऑपरेशन होना होगा तो वह भी दूसरे मरीजों से पहले किया जाएगा।
सिविल अस्पताल में नेशनल प्रोग्राम फॉर एडलरी हेल्थ शुरू किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के तहत बुजुर्गों को अस्पताल में अलग से ग्रीन कार्ड मिलेगा। जिससे इन मरीजों को डॉक्टर प्राथमिकता से चेकअप करेगा। इसके साथ ही इन मरीजों के लिए आने वाले समय में अलग से वार्ड भी बनाया जाएगा। -डॉ. सरोज, डिप्टी सीएमओ, करनाल।
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले सीनियर सिटीजन को अब न तो लंबी लाइन में लगना पड़ेगा और न ही पंजीकरण पर्ची बनवाने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। यही नहीं अगर किसी सीनियर सिटीजन के साथ परिजन नहीं है तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। अस्पताल में एक अटेंडेंट की सुविधा मिलेगी जो बुजुर्ग के सभी काम पूरे कराने में मददगार बनेगा। दरअसल स्वास्थ्य विभाग की ओर से नेशनल प्रोग्राम फॉर एडलरी हेल्थ योजना शुरू की जा रही है। योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों का सिविल अस्पताल में अलग से हरे रंग का कार्ड बनाया जाएगा। इससे बुजुर्ग को डॉक्टर से चेकअप कराने के लिए कमरे के बाहर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा। कार्ड को देखकर डॉक्टर उस बुजुर्ग का सबसे पहले चेकअप करेगा। इसके बाद उस बुजुर्ग को दवा भी सबसे पहले मिलेगी।
फिलहाल करनाल स्वास्थ्य विभाग ने ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए ऑडर दे दिया है। अगले 10 दिनों में ये कार्ड सिविल अस्पताल में पहुंच जाएंगे और यह सुविधा शुरू हो जाएगी। प्रोग्राम को जिले की सीएचसी में भी शुरू किया जाएगा। बता दें कि इस समय अस्पताल में चेकअप के लिए आने वाले मरीजों को पहले पंजीकरण कराना पड़ता है और सभी पंजीकरण की सफेद पर्ची (कार्ड) मिलती है। आगामी 10 दिन में ग्रीन कार्ड प्रिंट होकर आ जाएंगे तो बुजुर्गों को पंजीकरण के समय यही कार्ड जारी किए जाएंगे। वहीं सिविल अस्पताल में जल्द ही रैंप पर लोहे की ग्रिल लगाई जाएगी, ताकि बुजुर्ग लोग उन्हें पकड़कर चढ़ सके।
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दोबारा शुरू हुआ है सिविल अस्पताल
बता दें 22 दिसंबर 2017 को सिविल अस्पताल दोबारा शुरू हुआ है, जिसमें अभी ओपीडी ही शुरू की गई है। अस्पताल के शुरू होने पर मेडिकल कॉलेज की ओपीडी काफी कम हुई है। दिसंबर 2017 में मेडिकल कॉलेज में दो हजार के करीब ओपीडी होती थी, लेकिन अस्पताल के शुरू होने पर यह ओपीडी अब 1500 से भी नीचे पहुंच गई है। मरीजों का सिविल अस्पताल की ओर ज्यादा रुझान बढ़ रहा है। पहले दिन सिविल अस्पताल में करीब 321 लोग चेकअप के लिए आए थे, लेकिन अब यह संख्या 700 से ऊपर पहुंच गई है।
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एक व्यक्ति की लगाई जाएगी ड्यूटी, डॉक्टर तक लेकर जाएगा बुजुर्ग को
योजना के तहत एक कर्मचारी की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। जिस बुजुर्ग के साथ उनका परिजन नहीं होगा तो उसका चेकअप वह व्यक्ति कराएगा। वहीं उस मरीज को डॉक्टर के पास लेकर जाएगा, उसके टेस्ट कराएगा और उसे दवा भी दिलाएगा। ताकि उस बुजुर्ग को इलाज के लिए चक्कर न काटने पड़े। इसके साथ ही जिन बुजुर्गों के साथ उनके परिजन होंगे, उन्हें वह डॉक्टर का कमरा, ब्लड टेस्ट कहां होते हैं, क्या करना है, दवा कहां मिलेगी। ये सभी बातें बताएगा। इस प्रोग्राम के तहत बुजुर्गों के लिए अलग से वार्ड भी बनाना है, फिलहाल सिविल अस्पताल में वार्ड शुरू नहीं हुए है। इन सीनियर सिटीजन को अस्पताल में प्राथमिकता पर हर सुविधाएं मिलेगी। यहीं नहीं यदि इन मरीजों का ऑपरेशन होना होगा तो वह भी दूसरे मरीजों से पहले किया जाएगा।
सिविल अस्पताल में नेशनल प्रोग्राम फॉर एडलरी हेल्थ शुरू किया जा रहा है। इस प्रोग्राम के तहत बुजुर्गों को अस्पताल में अलग से ग्रीन कार्ड मिलेगा। जिससे इन मरीजों को डॉक्टर प्राथमिकता से चेकअप करेगा। इसके साथ ही इन मरीजों के लिए आने वाले समय में अलग से वार्ड भी बनाया जाएगा। -डॉ. सरोज, डिप्टी सीएमओ, करनाल।