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एडिशनल डायरेक्टर का आश्वासन, 15 अगस्त से पहले सभी जेबीटी के हाथों में होगा ज्वाईनिंग लेटर
Updated Thu, 27 Jul 2017 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
लो मेरिट के आधार पर सरकार द्वारा टर्मिनेट किए गए 1,259 जेबीटी को शिक्षा विभाग 15 अगस्त से पहले ज्वाइनिंग लेटर थमा देगी। यह आश्वासन वीरवार को जेबीटी टीचरों के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे शिक्षा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर विरेंद्र दहिया ने दिया। उनके आश्वासन के बाद जेबीटी शिक्षकों ने अनशन खोलने के साथ अपना प्रदर्शन भी स्थगित कर दिया।
साथ ही कई जेबीटी ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने हमारे साथ विश्वासघात किया तो हम आत्महत्या कर लेंगे। साथ ही 16 अगस्त से इसी जगह पर फिर से 11 जेबीटी की जगह हजारों जेबीटी एक साथ अनशन पर बैठेंगे। एडिशनल डायरेक्टर ने अनशन पर बैठे सभी जेबीटी को जूस पिलाकर उनका अनशन खुलवाया। ज्वाइनिंग कराने की मांग को लेकर 32 दिनों से धरने और सात दिनों से अनशन पर बैठे जेबीटी टीचरों के लिए वीरवार का दिन अच्छा रहा। अनशन कर रहे जेबीटी टीचरों की लगातार खराब हो रही तबीयत के कारण प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ था। जिसके कारण ही जेबीटी टीचरों को आश्वासन देने के लिए गुरुवार को खुद शिक्षा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर विरेंद्र दहिया को करनाल आना पड़ा।
उन्होंने जेबीटी टीचरों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है, हाईकोर्ट में चाहे जो भी फैसला आए, लेकिन शिक्षा विभाग 15 जुलाई तक लो मेरिट के आधार पर निकाले गए सभी 1259 जेबीटी के हाथों में ज्वाइनिंग लेटर थमा देगी। उन्होंने कहा कि नियुक्त होने वाले सभी जेबीटी को पहले के आधार पर ही नियुक्ति दी जाएगी। विरेंद्र दहिया ने साथ में यह भी कहा कि विभाग के पास इस समय जेबीटी के 2000 पोस्ट खाली पड़ी हैं, जिनपर आपकी नियुक्ति होने के बाद बाकी बचे जेबीटी को भी नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी जेबीटी को निराश होने की जरूरत नहीं, नौकरी सभी को मिलेगी। करीब आधे घंटे तक चले इस बातचीत के बाद कुछ जेबीटी सरकार के इस आश्वासन को मनाने को तैयार नहीं थे, वे सरकार की तरफ से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे, उनका कहना था कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि इसके बाद सभी जेबीटी ने दोबारा आपस में बैठक कर प्रशासन के आश्वासन पर सहमति देने की घोषणा की।
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आश्वासन मानने को तैयार नहीं थे कुछ जेबीटी
एडिशनल डायरेक्टर द्वारा दिए गए इस आश्वासन पर जहां ज्यादातर जेबीटी ने अपनी सहमति जता दी, वहीं कुछ ऐसे जेबीटी भी थे, जो इस आश्वासन को झूठा करार देते हुए ज्वाइनिंग लेटर हाथ में आने तक अनशन जारी रखने पर अड़े थे। जिसके कारण जेबीटी टीचर काफी देर तक आपस में ही उलझते रहे। जेबीटी टीचरों के बीच काफी देर तक चली बैठक के दौरान अनशन पर अड़े जेबीटी टीचरों को समझाया गया कि कागजी कार्रवाई में समय लगता है, अगर तबतक अनशन जारी रखा तो किसी की जान भी जा सकती है, इसलिए हाल फिलहाल के लिए अनशन तोड़ना ही बेहतर है।
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जेबीटी की चेतावनी, सरकार ने विश्वासघात किया तो दे देंगे जान
सरकार द्वारा मिले इस आश्वासन से जहां जेबीटी शिक्षकों के चेहरे पर खुशी छा गई, वहीं उन्हें सरकार द्वारा विश्वासघात किए जाने का डर भी सता रहा है। जिसके कारण ही कई जेबीटी ने खुले मंच से प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर हमारे साथ आश्वासन के नाम पर विश्वासघात किया गया तो हम अपनी जान तक दे देंगे। हालांकि आधिकारिक रूप से जेबीटी टीचरों ने इस संबंध में कोई घोषणा तो नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि अभी 11 टीचर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन अगर 15 अगस्त तक सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया तो सभी 1,259 जेबीटी 16 अगस्त से एक साथ सामूहिक रूप से अनशन पर बैठ जाएंगे।
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करनाल।
लो मेरिट के आधार पर सरकार द्वारा टर्मिनेट किए गए 1,259 जेबीटी को शिक्षा विभाग 15 अगस्त से पहले ज्वाइनिंग लेटर थमा देगी। यह आश्वासन वीरवार को जेबीटी टीचरों के प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे शिक्षा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर विरेंद्र दहिया ने दिया। उनके आश्वासन के बाद जेबीटी शिक्षकों ने अनशन खोलने के साथ अपना प्रदर्शन भी स्थगित कर दिया।
साथ ही कई जेबीटी ने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने हमारे साथ विश्वासघात किया तो हम आत्महत्या कर लेंगे। साथ ही 16 अगस्त से इसी जगह पर फिर से 11 जेबीटी की जगह हजारों जेबीटी एक साथ अनशन पर बैठेंगे। एडिशनल डायरेक्टर ने अनशन पर बैठे सभी जेबीटी को जूस पिलाकर उनका अनशन खुलवाया। ज्वाइनिंग कराने की मांग को लेकर 32 दिनों से धरने और सात दिनों से अनशन पर बैठे जेबीटी टीचरों के लिए वीरवार का दिन अच्छा रहा। अनशन कर रहे जेबीटी टीचरों की लगातार खराब हो रही तबीयत के कारण प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ था। जिसके कारण ही जेबीटी टीचरों को आश्वासन देने के लिए गुरुवार को खुद शिक्षा विभाग के एडिशनल डायरेक्टर विरेंद्र दहिया को करनाल आना पड़ा।
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उन्होंने जेबीटी टीचरों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार आपके साथ है, हाईकोर्ट में चाहे जो भी फैसला आए, लेकिन शिक्षा विभाग 15 जुलाई तक लो मेरिट के आधार पर निकाले गए सभी 1259 जेबीटी के हाथों में ज्वाइनिंग लेटर थमा देगी। उन्होंने कहा कि नियुक्त होने वाले सभी जेबीटी को पहले के आधार पर ही नियुक्ति दी जाएगी। विरेंद्र दहिया ने साथ में यह भी कहा कि विभाग के पास इस समय जेबीटी के 2000 पोस्ट खाली पड़ी हैं, जिनपर आपकी नियुक्ति होने के बाद बाकी बचे जेबीटी को भी नियुक्ति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी जेबीटी को निराश होने की जरूरत नहीं, नौकरी सभी को मिलेगी। करीब आधे घंटे तक चले इस बातचीत के बाद कुछ जेबीटी सरकार के इस आश्वासन को मनाने को तैयार नहीं थे, वे सरकार की तरफ से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे थे, उनका कहना था कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि इसके बाद सभी जेबीटी ने दोबारा आपस में बैठक कर प्रशासन के आश्वासन पर सहमति देने की घोषणा की।
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आश्वासन मानने को तैयार नहीं थे कुछ जेबीटी
एडिशनल डायरेक्टर द्वारा दिए गए इस आश्वासन पर जहां ज्यादातर जेबीटी ने अपनी सहमति जता दी, वहीं कुछ ऐसे जेबीटी भी थे, जो इस आश्वासन को झूठा करार देते हुए ज्वाइनिंग लेटर हाथ में आने तक अनशन जारी रखने पर अड़े थे। जिसके कारण जेबीटी टीचर काफी देर तक आपस में ही उलझते रहे। जेबीटी टीचरों के बीच काफी देर तक चली बैठक के दौरान अनशन पर अड़े जेबीटी टीचरों को समझाया गया कि कागजी कार्रवाई में समय लगता है, अगर तबतक अनशन जारी रखा तो किसी की जान भी जा सकती है, इसलिए हाल फिलहाल के लिए अनशन तोड़ना ही बेहतर है।
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जेबीटी की चेतावनी, सरकार ने विश्वासघात किया तो दे देंगे जान
सरकार द्वारा मिले इस आश्वासन से जहां जेबीटी शिक्षकों के चेहरे पर खुशी छा गई, वहीं उन्हें सरकार द्वारा विश्वासघात किए जाने का डर भी सता रहा है। जिसके कारण ही कई जेबीटी ने खुले मंच से प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर हमारे साथ आश्वासन के नाम पर विश्वासघात किया गया तो हम अपनी जान तक दे देंगे। हालांकि आधिकारिक रूप से जेबीटी टीचरों ने इस संबंध में कोई घोषणा तो नहीं की, लेकिन यह जरूर कहा कि अभी 11 टीचर अनशन पर बैठे हैं, लेकिन अगर 15 अगस्त तक सरकार ने अपना वादा पूरा नहीं किया तो सभी 1,259 जेबीटी 16 अगस्त से एक साथ सामूहिक रूप से अनशन पर बैठ जाएंगे।