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Karnal News: जिले में 36 हजार बीपीएल कार्ड धारक नहीं ले रहे राशन, जांच शुरू
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- तीन सदस्यीय कमेटी कर रही जांच, अपात्र पाए जाने पर काटे जा रहे राशन कार्ड
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में 36 हजार ऐसे बीपीएल कार्ड धारक जो राशन नहीं ले रहे हैं। इनका ब्योरा नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) की ओर से जांच के लिए भेजा गया है। ऐसे कार्ड धारकों की तीन सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है कि ये वाकई गरीब परिवार की श्रेणी में आते हैं या नहीं। जिले के सभी नौ खंडों की 345 ग्राम पंचायतों में यह कार्य चल रहा है।
वहीं विभाग की ओर से ऐसे कार्ड धारकों का सर्वे करके अपात्र पाए जाने पर तुरंत कार्ड रद्द् करने व पात्र परिवारों की सूचना विभाग को देने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर संबंधित गांव का पटवारी, ग्राम सचिव और उपमंडल स्तर के अधिकारी एसडीएम जाकर मौका देख रहे है। यदि किसी व्यक्ति के बढ़िया लेंटर के मकान, सभी यातायात साधन व बिजली के ज्यादा लोड चलने वाले उपकरण जैसे एसी, घास काटने की मशीन और घर में ही बिजली से चलने वाली आटा पीसने की चक्की है तो उसे अपात्र करके उसका बीपीएल कार्ड काटा जा रहा है।
इसमें घर में कमाने वाले वयस्कों का विवरण भी लिया जा रहा है। वहीं यदि किसी के कड़ी के मकान हैं और वह महीने में 150 यूनिट से कम बिजली खर्च कर रहा है तो परिवार में कमाने वाला व्यस्क भी एक ही है तो उसे बीपीएल का पात्र माना गया है। उस परिवार की सभी साधनों से वार्षिक आय एक लाख अस्सी हजार सालाना आय से कम होनी चाहिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले में 36 हजार ऐसे बीपीएल कार्ड धारक जो राशन नहीं ले रहे हैं। इनका ब्योरा नागरिक संसाधन सूचना विभाग (क्रीड) की ओर से जांच के लिए भेजा गया है। ऐसे कार्ड धारकों की तीन सदस्यीय कमेटी जांच कर रही है कि ये वाकई गरीब परिवार की श्रेणी में आते हैं या नहीं। जिले के सभी नौ खंडों की 345 ग्राम पंचायतों में यह कार्य चल रहा है।
वहीं विभाग की ओर से ऐसे कार्ड धारकों का सर्वे करके अपात्र पाए जाने पर तुरंत कार्ड रद्द् करने व पात्र परिवारों की सूचना विभाग को देने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायत स्तर पर संबंधित गांव का पटवारी, ग्राम सचिव और उपमंडल स्तर के अधिकारी एसडीएम जाकर मौका देख रहे है। यदि किसी व्यक्ति के बढ़िया लेंटर के मकान, सभी यातायात साधन व बिजली के ज्यादा लोड चलने वाले उपकरण जैसे एसी, घास काटने की मशीन और घर में ही बिजली से चलने वाली आटा पीसने की चक्की है तो उसे अपात्र करके उसका बीपीएल कार्ड काटा जा रहा है।
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इसमें घर में कमाने वाले वयस्कों का विवरण भी लिया जा रहा है। वहीं यदि किसी के कड़ी के मकान हैं और वह महीने में 150 यूनिट से कम बिजली खर्च कर रहा है तो परिवार में कमाने वाला व्यस्क भी एक ही है तो उसे बीपीएल का पात्र माना गया है। उस परिवार की सभी साधनों से वार्षिक आय एक लाख अस्सी हजार सालाना आय से कम होनी चाहिए।
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