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खाद्य पदार्थों के 70 में 23 सैंपल फेल, विक्रेताओं से जवाब तलब
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। त्योहारी सीजन में लिए गए 70 नमूनों में 23 की रिपोर्ट फेल पाई गई है। इनमें दूध, खोया, पनीर, दही, मिल्क केक, क्रीम, बादाम मिल्कशामिल है। इससे पहले सीजन में इन खाद्य सामग्री की धड़ल्ले से बिक्री की गई। अब विभाग की ओर से संबंधित दुकानदारों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने 20 अक्तूबर को काछवा रोड पर एक तेल की फैक्टरी में छापा मारा था, जहां पर 8 हजार लीटर रिफाइंड और 2 हजार लीटर सरसाें का तेल मिला था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा इसके नमूने लिए गए थे जो कि अब जांच के बाद मिस ब्रांड में फेल आए हैं। वहीं टीम ने 26 अक्तूबर को घरौंडा स्थित टावर कॉलोनी में सिंगल डेरी में छापा मारा था, जहां पर भारी मात्रा में खोया, दूध का स्टॉक था। उनमें गंदगी और फफूंदी लगी हुई मिली थी। मौके से करीब 4200 किलो दूध, 200 किलोग्राम मावा, 80 किलोग्राम पनीर और 500 किलोग्राम घी मिला था। यहां से लिए गए दूध, पनीर और खोए के नमूने फेल आए हैं। इसी प्रकार टीम ने कई अन्य जगह पर छापा मारा था। वहां के भी खोया, मिल्क केक, क्रीम के नमूने फेल आए हैं।
इन जगहों के भी सैंपल फेल
घरौंडा में मिंटू चाऊमीन का नमूना फेल आया है, जिसमें रंग की मिलावट अधिक थी। इसी प्रकार नीलोखेड़ी के कृष्ण लाल के दही के नमूने फेल आए हैं, करनाल के सचदेवा किराने की दुकान पर टोमेटो सॉस व तीन मुरब्बे के नमूने फेल आए हैं। निसिंग में दो दूध के, बलड़ी चौक पर एक कैंटीन में बादाम मिल्क के भी नमूने फेल मिले हैं।
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मिलावटी सामान बिकने के बाद आती है रिपोर्ट
खाद्य विभाग की ओर से त्योहारी सीजन में ही छापामारी की जाती है, जबकि लिए गए सैंपल की रिपोर्ट तब आती है जब मिलावटी सामान बिक जाता है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ कि जब मिलावटी मिठाई खाने के बाद उसकी रिपोर्ट फेल आई हो। यह अक्सर होता है, क्याेंकि त्योहार के एक दो दिन पहले ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी खानापूर्ति के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लेते हैं और जब वह खाद्य सामग्री बिक जाती है तब उसकी रिपोर्ट आती है।
त्योहारी सीजन में करीब 70 नमूने लिए गए थे। इनमें से 23 नमूने फेल पाए गए हैं। इनमें 9 नमूने मिस ब्रांड और 14 नमूने सब स्टैंडर्ड के हैं। इन सभी को नोटिस दिया गया है, जिसका समय 30 दिन है। इस दौरान संबंधित दुकानदार अपने नमूनों की दोबारा जांच करा सकते हैं। 30 दिन के बाद ये सभी मामले एडीसी की कोर्ट में रखे जाएंगे, जहां सुनवाई के बाद इन सभी पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामलों में तीन से पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
-डॉ. संदीप कादियान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, करनाल।
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करनाल। त्योहारी सीजन में लिए गए 70 नमूनों में 23 की रिपोर्ट फेल पाई गई है। इनमें दूध, खोया, पनीर, दही, मिल्क केक, क्रीम, बादाम मिल्कशामिल है। इससे पहले सीजन में इन खाद्य सामग्री की धड़ल्ले से बिक्री की गई। अब विभाग की ओर से संबंधित दुकानदारों को नोटिस देकर जवाब तलब किया गया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने 20 अक्तूबर को काछवा रोड पर एक तेल की फैक्टरी में छापा मारा था, जहां पर 8 हजार लीटर रिफाइंड और 2 हजार लीटर सरसाें का तेल मिला था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा इसके नमूने लिए गए थे जो कि अब जांच के बाद मिस ब्रांड में फेल आए हैं। वहीं टीम ने 26 अक्तूबर को घरौंडा स्थित टावर कॉलोनी में सिंगल डेरी में छापा मारा था, जहां पर भारी मात्रा में खोया, दूध का स्टॉक था। उनमें गंदगी और फफूंदी लगी हुई मिली थी। मौके से करीब 4200 किलो दूध, 200 किलोग्राम मावा, 80 किलोग्राम पनीर और 500 किलोग्राम घी मिला था। यहां से लिए गए दूध, पनीर और खोए के नमूने फेल आए हैं। इसी प्रकार टीम ने कई अन्य जगह पर छापा मारा था। वहां के भी खोया, मिल्क केक, क्रीम के नमूने फेल आए हैं।
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इन जगहों के भी सैंपल फेल
घरौंडा में मिंटू चाऊमीन का नमूना फेल आया है, जिसमें रंग की मिलावट अधिक थी। इसी प्रकार नीलोखेड़ी के कृष्ण लाल के दही के नमूने फेल आए हैं, करनाल के सचदेवा किराने की दुकान पर टोमेटो सॉस व तीन मुरब्बे के नमूने फेल आए हैं। निसिंग में दो दूध के, बलड़ी चौक पर एक कैंटीन में बादाम मिल्क के भी नमूने फेल मिले हैं।
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मिलावटी सामान बिकने के बाद आती है रिपोर्ट
खाद्य विभाग की ओर से त्योहारी सीजन में ही छापामारी की जाती है, जबकि लिए गए सैंपल की रिपोर्ट तब आती है जब मिलावटी सामान बिक जाता है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ कि जब मिलावटी मिठाई खाने के बाद उसकी रिपोर्ट फेल आई हो। यह अक्सर होता है, क्याेंकि त्योहार के एक दो दिन पहले ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी खानापूर्ति के लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लेते हैं और जब वह खाद्य सामग्री बिक जाती है तब उसकी रिपोर्ट आती है।
त्योहारी सीजन में करीब 70 नमूने लिए गए थे। इनमें से 23 नमूने फेल पाए गए हैं। इनमें 9 नमूने मिस ब्रांड और 14 नमूने सब स्टैंडर्ड के हैं। इन सभी को नोटिस दिया गया है, जिसका समय 30 दिन है। इस दौरान संबंधित दुकानदार अपने नमूनों की दोबारा जांच करा सकते हैं। 30 दिन के बाद ये सभी मामले एडीसी की कोर्ट में रखे जाएंगे, जहां सुनवाई के बाद इन सभी पर जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामलों में तीन से पांच लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है।
-डॉ. संदीप कादियान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी, करनाल।